Bihar news: बिहार के कटिहार जिले में बाढ़ की मार झेल रहे ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। बरारी प्रखंड के मोहना चांदपुर इलाके में बाढ़ राहत और प्रशासनिक इंतजामों को लेकर लोगों का गुस्सा उस वक्त खुलेआम सड़कों पर दिखा, जब बाढ़ पीड़ितों ने मौके पर पहुंच रहे जिले के प्रभारी मंत्री और स्थानीय विधायक का जोरदार विरोध कर दिया। राहत कैंप के बाहर भारी भीड़ ने जनप्रतिनिधियों को घेर लिया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल इतना गरमा गया कि नेताओं को कैंप के अंदर कदम रखे बिना ही वहां से अपनी गाड़ियां मोड़कर बैरंग लौटना पड़ा।
कैंप पहुंचे थे हालात जानने, लोगों ने बीच रास्ते में घेरा| Bihar news
मिली जानकारी के अनुसार, कटिहार के प्रभारी मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी और बरारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजय सिंह मोहना चांदपुर स्थित राहत शिविर में शरण लिए बाढ़ प्रभावित परिवारों का हाल-चाल जानने पहुंचे थे। जैसे ही दोनों नेताओं का काफिला वहां पहुंचा, सैकड़ों की तादाद में मौजूद ग्रामीणों और पीड़ितों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
लोग प्रशासनिक लचर व्यवस्था, खाने-पीने की किल्लत और राहत सामग्री के वितरण में हो रही देरी को लेकर बेहद खफा थे। ग्रामीणों का कहना था कि सिर्फ सड़क किनारे बने कैंपों में औपचारिकता निभाने से काम नहीं चलेगा। नेताओं को पानी में डूबे गांवों और प्रभावित टोलों के भीतर जाकर देखना चाहिए कि लोग किस हाल में जी रहे हैं।
‘मुर्दाबाद’ के नारों से गूंजा इलाका, उल्टे पांव भागे नेता
बातचीत के दौरान शिकायतों का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती से त्रस्त ग्रामीणों का गुस्सा धीरे-धीरे बेकाबू हो गया। देखते ही देखते राहत शिविर के बाहर का पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित भीड़ ने प्रभारी मंत्री, स्थानीय विधायक और क्षेत्र के सांसद के खिलाफ तीखी नारेबाजी शुरू कर दी और ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाने लगी।
विरोध प्रदर्शन और जनता के तीखे तेवर को देखकर दोनों नेताओं ने आगे बढ़कर राहत शिविर का मुआयना करने का जोखिम नहीं उठाया। मौके की नजाकत को भांपते हुए मंत्री और विधायक ने वहां से तुरंत निकल जाना ही बेहतर समझा और बिना कोई जायजा लिए वापस लौट गए। नेताओं के इस तरह उल्टे पांव भागने की घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे परिवार, बढ़ा अविश्वास
बाढ़ के तांडव ने बरारी प्रखंड में आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सैकड़ों परिवार अपने आशियाने छोड़कर सुरक्षित जगहों पर पनाह लिए हुए हैं और पूरी तरह सरकारी सहायता पर निर्भर हैं। स्थानीय सरपंच इरशाद ने भी ग्रामीणों की तकलीफों का समर्थन करते हुए कहा कि जमीन पर राहत कार्य बेहद धीमी गति से चल रहे हैं, जिससे पीड़ित परिवारों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है।












































