जानिए इस जहरीले मौसम में खुद को फिट और सुरक्षित रखने के तरीके | Air pollution

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Air pollution: उत्तर भारत में वायु प्रदूषण का कहर जारी है और कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार यानी ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंच चुका है। ऐसे में जो लोग सेहत बनाने के लिए सुबह-शाम पार्क में सैर (Morning/Evening Walk) कर रहे हैं, वे अनजाने में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों (Health Experts) का साफ कहना है कि इस जहरीली हवा में टहलना फायदे की जगह शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। आइए जानते हैं कि इस मौसम में बाहर वॉक करने से आपके शरीर पर क्या असर पड़ रहा है।

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सुबह या शाम की सैर हो सकती है खतरनाक

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुँच जाता है, तो वायु प्रदूषण ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में आ जाता है। ऐसी जहरीली हवा में सुबह या शाम की सैर (Morning/Evening Walk) करना सेहत सुधारने के बजाय उसे गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। दरअसल, जब हम तेज चलते या दौड़ते हैं, तो सामान्य से ज्यादा और गहरी सांसें लेते हैं। इसकी वजह से ये खतरनाक प्रदूषक तत्व सीधे हमारे फेफड़ों की गहराई तक पहुँच जाते हैं।

Air pollution से बिगड़ सकती है हालत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे महीन कण सांस की नलियों में सूजन पैदा कर देते हैं। इससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और COPD के मरीजों की हालत तुरंत बिगड़ सकती है और उन्हें सांस की गंभीर कमी महसूस हो सकती है। इसके अलावा, इन जहरीले कणों के लगातार संपर्क में आने से गले में सूखापन, खांसी, सीने में जकड़न और बलगम (Mucus) बनने की समस्या भी काफी बढ़ जाती है।

इतना ही नहीं, ये प्रदूषक कण फेफड़ों से होते हुए हमारे रक्तप्रवाह (Bloodstream) में भी प्रवेश कर जाते हैं। इससे खून गाढ़ा हो सकता है और रक्त वाहिकाओं में सूजन आ सकती है, जो हार्ट अटैक (Heart Attack) या स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक बढ़ा देती है। साथ ही, प्रदूषित हवा में सांस लेने से शरीर का स्ट्रेस रिस्पॉन्स एक्टिव हो जाता है, जिससे अचानक ब्लड प्रेशर भी बढ़ सकता है।

इसके साथ ही हवा में मौजूद जहरीली गैसें (जैसे नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन) आंखों की बाहरी परत को प्रभावित करती हैं, जिससे आंखों में तेज जलन, लालपन और खुजली होने लगती है। वहीं जहरीली धुंध (Smog) के कारण त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे एलर्जी, सूखापन और चेहरे पर रैशेज की समस्या हो सकती है। शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुँचने और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसों के कारण, सैर से लौटने के बाद सिर में भारीपन, चक्कर आना और अत्यधिक थकान महसूस होना बेहद आम है।

ऐसे में क्या करें?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब तक AQI 300-400 से ऊपर बना हुआ है, तब तक बाहर पार्क या सड़कों पर टहलने बिल्कुल न जाएं। इसकी जगह घर के अंदर ही योग, स्ट्रेचिंग, जुम्बा या ट्रेडमिल पर वॉक करें। अगर किसी वजह से बाहर जाना बहुत जरूरी है, तो सुबह के समय बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान प्रदूषण की परत सबसे घनी और नीचे होती है।

धूप निकलने के बाद दोपहर या शाम को प्रदूषण का स्तर सुबह के मुकाबले थोड़ा कम होता है। ध्यान रखें कि सामान्य कपड़े या सर्जिकल मास्क हवा में मौजूद इन महीन और खतरनाक कणों (PM2.5) को नहीं रोक पाते। इसलिए, बाहर निकलते समय हमेशा अच्छी फिटिंग वाले N95 या N99 मास्क का ही उपयोग करें।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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