Jaipur murder case: राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आए रूह कंपा देने वाले चारहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी राहुल झा (45 वर्ष) को पुलिस ने धर दबोचा है। अपनी ही पत्नी और तीन मासूम बेटियों की बेरहमी से जान लेने के बाद फरार चल रहे आरोपी को करधनी थाना पुलिस और सीएसटी की संयुक्त टीम ने सीकर जिले के रींगस से गिरफ्तार किया। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी और आरोपी की गिरफ्तारी पर ₹25,000 का नकद इनाम भी घोषित किया गया था।
खाटूश्याम जी में दर्शन, होटल में पैसे खत्म होने पर बेचना चाहा छल्ला| Jaipur murder case
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राहुल झा जयपुर से सीधा सीकर स्थित प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर पहुंचा। वहां उसने दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह इलाके के एक होटल में रुका। जब होटल और खाने-पीने के लिए उसके पास नकदी खत्म हो गई, तो उसने होटल संचालक को अपनी अंगूठी बेचकर पैसे चुकाने की कोशिश की। हालांकि, होटल वाले ने अंगूठी लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी वहां से निकलकर रींगस कस्बे पहुंचा। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध शख्स चेहरे पर रुमाल बांधे रींगस में भटक रहा है। टीम ने तुरंत घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया और जयपुर ले आई।
कर्ज के दलदल में फंसा था परिवार, पहले जहर दिया फिर स्लैब से कुचला सिर
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था और लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। जांच के अनुसार, आरोपी ने पहले अपनी पत्नी और तीनों बेटियों के खाने में जहरीला पदार्थ मिला दिया था। सुबह जब वह जल्दी उठा और उसने चारों को देखा, तो उसे डर लगा कि कहीं वे बच न जाएं।
इसके बाद वह घर के बाहर से करीब 10 किलोग्राम वजनी और डेढ़ फीट लंबा सीमेंट का स्लैब उठा लाया। उसने बेहोशी की हालत में पड़ी अपनी पत्नी और तीनों बेटियों के सिर और चेहरे पर स्लैब से ताबड़तोड़ कई वार किए, जिससे चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने खून से सने कपड़े बदले, अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर वहीं छोड़ दिया और घर से भाग निकला।
वारदात के बाद बुजुर्ग पिता के लिए बनाई चाय
इस खौफनाक वारदात के पीछे की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पत्नी और बेटियों को मौत की नींद सुलाने के बाद आरोपी के माथे पर कोई शिकन तक नहीं थी। सुबह करीब 7 बजे जब दूधवाला आया, तो राहुल ने सामान्य रूप से दूध लिया और अपने 85 वर्षीय बुजुर्ग पिता लक्ष्मीनाथ झा के लिए चाय बनाई। पिता को चाय देने के बाद उसने कहा कि वह किसी जरूरी काम से बाहर जा रहा है और वहां से फरार हो गया।
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को वारदात की सूचना मिली थी। जब टीम मौके पर पहुंची तो घर का मंजर देखकर दंग रह गई। 40 वर्षीय गीता झा का खून से लथपथ शव पहली मंजिल के कमरे में पड़ा था, जबकि उनकी तीन बेटियों नंदिनी (22), राधिका (17) और गिरीश उर्फ गौरी (14) के शव भूतल के दो अलग-अलग कमरों में मिले। पुलिस ने मौके से आरोपी के खून से सने कपड़े और मोबाइल बरामद कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम का जल्द औपचारिक खुलासा किया जाएगा।












































