Rahul Gandhi convoy accident: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां भीषण हादसे का शिकार हो गईं। इस दुर्घटना में गनीमत यह रही कि राहुल गांधी पूरी तरह बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई। हालांकि, काफिले में शामिल कई गाड़ियों के आपस में टकराने की वजह से पार्टी के कई कार्यकर्ता, स्थानीय पदाधिकारी और सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं।
माइलस्टोन 91 के पास हुआ हादसा, मची अफरा-तफरी| Rahul Gandhi convoy accident
यह सड़क दुर्घटना सुल्तानपुर जिले के हालियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 91 के पास हुई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार में आगे चल रहे वाहनों के अचानक ब्रेक लगाने की वजह से पीछे चल रही गाड़ियां खुद को संभाल नहीं पाईं। नतीजतन, एक के बाद एक काफिले की 5 गाड़ियां और साथ चल रही एम्बुलेंस आपस में जोरदार तरीके से टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। सुरक्षा दस्ते और साथी नेताओं ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए सभी घायलों को बाहर निकाला और प्राथमिक इलाज की व्यवस्था कराई।
अमित शाह पर टिप्पणी: 2018 के मानहानि केस में पेशी
राहुल गांधी आज उत्तर प्रदेश के दौरे पर सुल्तानपुर कोर्ट में पेश होने के लिए जा रहे थे। यह पूरा कानूनी विवाद साल 2018 का है, जब बेंगलुरु में एक सम्मेलन के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान दिया था। इस बयान से आहत होकर सुल्तानपुर के हनुमानगंज निवासी व तत्कालीन भाजपा जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्रा ने अदालत में मानहानि का परिवाद दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता का तर्क था कि इस अमर्यादित टिप्पणी से पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।
जमानत के बाद आज फैसले की घड़ी
इस मामले में लंबी अदालती सुनवाई चली है। विशेष एमपी-एमएलए अदालत द्वारा 16 दिसंबर 2023 को समन जारी किए जाने के बाद राहुल गांधी फरवरी 2024 में सुल्तानपुर कोर्ट में हाजिर हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी। उस वक्त राहुल गांधी ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए आरोपों को खारिज किया था। गवाही और साक्ष्य पूरे होने के बाद अब मामला अंतिम फैसले के मुहाने पर है। शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के वॉइस सैंपल की जांच की अर्जी भी लगाई थी, जिसे ट्रायल कोर्ट, सेशन कोर्ट और फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दिया था। अब हादसे के बावजूद हर किसी की निगाहें सुल्तानपुर कोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।














































