जानिए पंजाब के उन 5 दिग्गज बॉक्सर्स के बारे में, जिन्होंने दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाया – Boxers from Punjab

Shikha Mishra | Nedrick News Punjab Published: 21 अक्टूबर 2026, 10:49 PM Updated: 21 अक्टूबर 2026, 10:49 PM
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Boxers from Punjab: जब बात ताकत की हो, तो पंजाब के लाल भला कहां पीछे रहने वाले है.. तकनीक से लेकर पारंपरिक संस्कृति को मामले और उसे जानने में पंजाब के लोगो का कोई टक्कर नहीं है। इसी परंपरा को मानते हुए पंजाब में कई एक खिलाड़ी हुए है जिन्होंनें अपनी पारंपरिक बॉक्सिंग को और आगे बढ़ा कर उसे पंजाब के बाहर तक पहुंचाया.. और दुनिया को दिखाया कि आखिर क्यों पंजाब के युवाओं को आसानी से टक्कर नहीं दिया जा सकता है। अपने इस लेख में पंजाब के 5 फेमस बॉक्सर्स के बारे में जानेंगे.. जिन्होंने न केवल पंजाब की बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।

1. गुरचरण सिंह – Gurcharan Singh

भारतीय पूर्व प्रोफेशनल बॉक्सर और इंडियन आर्मी की 17 सिख बटालियन में नायब सूबेदार के तौर पर देश की सेवा करने वाले गुरचरण सिंह का जन्म 10 अप्रैल 1977 को पंजाब के लुधियाना जिले के रूरवाल गांव में सिख परिवार में हुआ था। गुरचरण सिंह ने साल 1992 में इंडियन आर्मी जॉइन किया था, लेकिन सेना में सेवा देने के साथ साथ उन्होंने बॉक्सिंग में भी अपना करियर बनाने का फैसला किया.. उनकी 191 सेमी की हाइट के कारण उन्हें जल्द ही बड़े स्तर पर बॉक्सिंग करने का मौका मिला.. उन्होंने पहली बार अटलांटा में 1996 के समर ओलंपिक्स में हिस्सा लिया था। वहीं 1998 में एशियनगेम्स में उन्होंने भारत को कांस्य पदल दिलाया था, लेकिन साल 2000 में सिडनी ओलंपिक्स में उनकी बेहतरीन परफोर्मेंस के बाद भी मात्र 1 अंक से हार जाने के बाद वो चुपचाप यूनाइडेट स्टेट्स चले गए। यहां उन्होंने बॉक्सिंग में ही एक बेहतरीन करियर बनाया, और 2001 से लेकर 2010 तक में 20 मैच जीते थे। गुरचरण कई बार भारत आना चाहते थे, लेकिन किसी न किसी कारण से आ न सकें, इस वक्त वो अमेरिका के न्यू जर्सी में रह रहे है, औऱ ब़ॉक्सिंग की ट्रेनिंग देते है।

2. साहिब बीर सिंह – Sahib Bir Singh

पंजाब के अमेच्योर मुक्केबाजों में से एक साहिब बीर सिंह का जन्म 27 अगस्त 1990 को पटियाला जिले के पौढ़ गांव में हुआ था। साहिब ने पहली बार बॉक्सिंग में हाथ आजमाया था अपने कॉलेज के दौरान, उनकी 6 फीट की हाइट के कारण इंटर यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग में उन्हें जगह मिली.. जहां उन्होंने प्रोफेशनल तरीके से ट्रेनिंग शुरु की थी.. जिसके बाद 2016 में पंजाब गेम्स से पहले ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग चैंपियनशिप में बॉक्सिंग का मौका मिला और यहां उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। जिसके बाद 2016 में पंजाब गेम्स में बॉक्सिंग के सुपर हैवीवेट/मिडिलवेट वर्ग में गोल्ड मेडल जीत कर बॉक्सिंग की दुनिया में नए सेंसेशन बन गए थे, लेकिन हैरानी की बात है उसके बाद आगे बॉक्सिंग में अपने करियर को चमकाने के बजाय नीजि कारणों से उन्होंने सबसे दूरी बना ली.. और काफी लंबे समय से वो बॉक्सिंग के किसी भी रिंग मे नजर नही आये है।

3. सुखदीप सिंह चकरिया – Sukhdeep Singh Chakria

पंजाब के एक और मिडिलवेट/सुपर वेल्टरवेट प्रोफेशनल मुक्केबाज़ सुखदीप सिंह चकारिया, जिनका असली नाम सुखदीप सिंह भट्टी है..उनका जन्म 25 अक्टूबर 1992 को लुधियाना के चकर गांव में हुआ था, जिसके कारण ही उन्होंने चकारिया उपनाम लगाया है। वो बचपन से ही बॉक्सर बनना चाहते थे औऱ 13 साल की उम्र में ही शेर-ए-पंजाब स्पोर्ट्स एकेडमी से बॉक्सिंग की ट्रेनिंग शुरु कर दी थी। छोटे स्तर पर कई जीत दर्ज करने के बाद 2012 में हैदराबाद में मेन्स नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के बाद उन्हें बड़ी पहचान मिली। साल 2018 में वो कनाडा शिफ्ट हो गए, औऱ वहां भी यूनाइटेड बॉक्सिंग प्रमोशन के तहत बॉक्सिंग शुरु किया। चकारिया ने 21 जीत दर्ज की है.. साथ ही वो कनाडा के मीडिलवेट चैंपियन भी है साथ ही IBF इंटरनेशनल सुपर वेल्टरवेट चैंपियन भी है। वो वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियन बनना चाहते है।

4. सिमरनजीत कौर बाथ – Simranjit Kaur Bath

पंजाब समेत भारत की एक मशहूर महिला मुक्केबाज सिमरनजीत कौर बाथ का जन्म 10 जुलाई 1995 को लुधियाना के चकर गांव में ही हुआ है। वो बचपन में बॉक्सर बनने के बजाय कोई प्रोफेनल कोर्स करके नौकरी करना चाहती थी लेकिन उनकी मां ने उन्हें खेलों के प्रति जागरूक किया और बॉक्सर बनने के लिए प्रेरित किया। साल 2020 में सिमरनजीत ने टोक्यो ओलंपकिर में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और ऐसा करके वो भारत की पहली महिला बन गई थी जिन्होंने बॉक्सिंग में भारत को लीड किया हो। उससे पहले उन्होंने 2018 में  AIBA महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल, 2019 में एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता और इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में दो गोल्ड मेडल जीत कर भारत का नाम रोशन किया। 2026 में अमनप्रीत ने अमेरिका के टेक्सास में ऑफिशियल फ्रोफेशनल के तौर पर डेब्यू किया है। वहीं अमनप्रीत को खकेल कोटे से इंकम टैक्स ऑफिसर भी नियुक्त किया गया है।

5. कौर सिंह – Kaur Singh

पंजाब के और बेहतरीन बॉक्सर, जिन्होंने पंजाब के सभी युवा बॉक्सर को सदैव प्रेरित किया, और इकलौते ऐसे हैवीवेट एमेच्योर बॉक्सर जिन्होंने मुहम्मद अली से मुकाबला किया था। साल 1950 में संगरूर के खनाल खुर्द गांव में एक किसान परिवार में जन्में कौर सिंह सेना में हवलदार के तौर पर भी शामिल हुए, और बॉक्सिंग में भी सक्रिय थे।  1977 में उन्होंने सेना के जवाब रहते हुए भी बॉक्सिंग शुरु कर दी और जल्द ही उनकी प्रतीभा दुनिया को दिखी 1979 में नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता और 1983 तक लगातार चार साल तक लगातार नेशनल हैवीवेट चैंपियन बने रहे थे। जिसके बाद 1980 में गोल्ड मेडल, 1982 में भी गोल्ड जीता था। 1984 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स में वो हार गए, जिसके बाद खेल से रिटायर हो गए। 1983 में उन्हें अर्जुन पुरुस्कार और 1983 में उन्हें पद्म श्री से नवाजा गया। वहीं 1988 में सेना में सेवा देने के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। 27 अप्रैल 2023 को 74 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। आपको बता दें, ये है पंजाब के वो बॉक्सर, जिन्होंने बॉक्सिंग को एक बबड़ी पहचान दिलाई..

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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