Zelensky Starlink speed restrictions: यूक्रेन और रूस के बीच जारी भीषण जंग के बीच उपग्रह संचार नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने साफ किया है कि स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा ‘स्टारलिंक’ और इसके सैन्य वर्जन ‘स्टारशील्ड’ पर लगाए गए स्पीड प्रतिबंध अभी भी हटे नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों के घातक हमलों से अपने शहरों को बचाने के लिए जिन मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स की दरकार है, उनकी सप्लाई में भी देरी हो रही है। जेलेंस्की का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के ठीक उलट है, जिसमें उन्होंने सेवाएं पूरी तरह बहाल होने की बात कही थी।
ट्रंप के दावे और जेलेंस्की की जमीनी हकीकत में टकराव| Zelensky Starlink speed restrictions
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि स्पेसएक्स प्रमुख एलन मस्क ने यूक्रेन के लिए स्टारलिंक और स्टारशील्ड की पूरी पहुंच बहाल कर दी है। ट्रंप ने यहां तक कहा था कि अगर कोई तकनीकी अड़चन बची भी होगी, तो वे खुद मस्क से बातचीत कर उसे सुलझा लेंगे। हालांकि, यूक्रेनी अधिकारियों और खुद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया। जेलेंस्की ने कहा कि इंटरनेट की स्पीड पहले जैसी नहीं हुई है और प्रतिबंध जस के तस बने हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस लगभग हर रोज यूक्रेन के रिहायशी और रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइलें दाग रहा है, ऐसे में एयर डिफेंस सिस्टम न मिलना और संचार नेटवर्क धीमा होना बेहद गंभीर संकट खड़ा कर रहा है। इसके बावजूद जेलेंस्की ने दावा किया कि तमाम मुश्किलों के बाद भी यूक्रेनी सेना मोर्चे पर मजबूती से डटी हुई है।
यूक्रेन के सैन्य ऑपरेशंस के लिए क्यों जरूरी है स्टारलिंक?
जंग के मैदान में यूक्रेनी सेना की रीढ़ स्टारलिंक और स्टारशील्ड नेटवर्क ही हैं। सेना की अलग-अलग टुकड़ियों के बीच रियल-टाइम तालमेल और ड्रोन अभियानों के संचालन के लिए यह सैटेलाइट नेटवर्क बेहद जरूरी है। स्टारशील्ड खास तौर पर रक्षा और सरकारी ऑपरेशंस के लिए तैयार किया गया सुरक्षित नेटवर्क है। अधिकारियों के मुताबिक, 13 अक्टूबर से लागू स्पीड कैप की वजह से 160 किमी प्रति घंटे से तेज उड़ने वाले ड्रोन्स का सिग्नल और संपर्क टूट रहा है। इसका सीधा असर रूसी सैन्य ठिकानों पर हमलों को गाइड करने और यूक्रेन के शहरों पर मंडरा रहे तेज रफ्तार रूसी जेट ड्रोन्स को हवा में मार गिराने वाले ऑपरेशंस पर पड़ा है।
पाबंदियों का ठीकरा किसके सिर? मस्क, ट्रंप और व्हाइट हाउस में उलझन
इन पाबंदियों के पीछे असली हाथ किसका है, इसे लेकर भी भारी संशय बना हुआ है। कुछ पश्चिमी अधिकारियों ने इसके लिए व्हाइट हाउस को जिम्मेदार ठहराया, जबकि वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि खुद एलन मस्क ने गति सीमित करने का फरमान जारी किया था।
सार्वजनिक तौर पर न तो मस्क और न ही अमेरिकी प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी ली है। मस्क का तर्क है कि स्टारशील्ड का मालिकाना हक और नियंत्रण अमेरिकी सरकार के पास है, लिहाजा इसके संचालन से जुड़े फैसले अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति के दायरे में आते हैं। वहीं, ट्रंप प्रशासन ने इन पाबंदियों में अपनी किसी भी तरह की सीधी भूमिका से साफ इनकार किया है।













































