Meerut blue drum case: उत्तर प्रदेश के चर्चित ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में अदालत से फांसी की सजा पाने वाली दोषी मुस्कान रस्तोगी की मासूम बच्चियों का मामला अब चर्चा में आ गया है। इस पूरे मामले को लेकर मशहूर कवयित्री अनामिका जैन अंबर सामने आई हैं। अनामिका ने मेरठ जेल पहुंचकर मुस्कान रस्तोगी से मुलाकात की और इसके बाद एक बड़ा मानवीय फैसला लेते हुए ऐलान किया कि वह और उनके पति सौरभ सुमन, मुस्कान की दोनों बेटियों की पूरी पढ़ाई का खर्च जिंदगी भर उठाएंगे।
‘मां के गुनाह की सजा मासूम को क्यों मिले?’| Meerut blue drum case
मुस्कान से जेल में मिलने के बाद अनामिका जैन अंबर ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि उनकी यह पहल किसी अपराधी के समर्थन में नहीं, बल्कि उन बेकसूर बच्चियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है जिनका इस जुर्म से कोई लेना-देना नहीं है। अनामिका ने कहा, “अपराध मुस्कान ने किया है, अदालत ने उसे जो फांसी की सजा सुनाई है, वह बिल्कुल सही है और उसे अपने कर्मों की सजा मिलनी ही चाहिए। मैं उसके किसी अपराध की माफी नहीं मांग रही। लेकिन सवाल यह है कि इसमें उसकी 10 महीने की दूधमुंही बच्ची का क्या कसूर है?”
उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक छोटी बच्ची को अपनी मां की उतनी ही जरूरत होती है जितनी दुनिया के किसी भी बच्चे को। इसी वजह से उन्होंने मांग उठाई कि मुस्कान को फांसी तभी दी जानी चाहिए जब उसकी बच्चियां थोड़ी बड़ी और संभलने लायक हो जाएं।
जेल में डरी-सहमी थी मुस्कान, आंखों में थे आंसू
कवयित्री ने जेल में हुई अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि जब वह मुस्कान से मिलीं तो उसकी हालत काफी खराब थी। वह बुरी तरह डरी-सहमी हुई थी और उसकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। मुस्कान अपनी दोनों बच्चियों के भविष्य को लेकर बेहद परेशान और फिक्रमंद नजर आ रही थी।
अनामिका ने बताया, “मुस्कान के दिल में क्या चल रहा है, यह तो मैं नहीं जानती। लेकिन जिस दिन अदालत से उसकी फांसी की खबर सामने आई थी, उसी वक्त से हमारे जेहन में उसकी उन छोटी-छोटी बच्चियों का ख्याल घूम रहा था। इसी सोच के साथ मैंने और मेरे पति ने तय किया कि हम इन बच्चियों की जिंदगी को बिखरने नहीं देंगे।”
बेहतर तालीम से संवरेगा बच्चियों का भविष्य
अनामिका जैन अंबर ने भरोसा दिलाया कि बच्चियों की स्कूली शिक्षा से लेकर आगे की पढ़ाई में आने वाला पूरा खर्च वे दोनों मिलकर उठाएंगे। उनका मानना है कि अच्छी शिक्षा ही इन बच्चियों को एक बेहतर इंसान बनाएगी और वे समाज में सिर उठाकर अपनी जिंदगी जी सकेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी पूरी हमदर्दी सिर्फ और सिर्फ उन मासूम बेटियों के साथ है, ताकि मां के किए गुनाह की छाया उनके आने वाले कल को बर्बाद न कर सके।













































