Raihan vadra Photo Exhibition:दिल्ली के बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की फोटो एग्जीबिशन में हुई सेंसरशिप के खिलाफ अब विपक्षी नेता भी खुलकर सामने आ गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले ने रेहान का समर्थन करते हुए कहा कि हर भारतीय को बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान ने अपनी बात रखने का हक दिया है, और एक कलाकार के साथ ऐसा बर्ताव बेहद निंदनीय है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि क्या है पुरा मामला?
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क्या है पुरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली के प्रसिद्ध बीकानेर हाउस में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की एक सोलो फोटो एग्जीबिशन (प्रदर्शनी) आयोजित की गई थी। रेहान का आरोप है कि इस प्रदर्शनी से उनकी 70 से ज्यादा चुनिंदा तस्वीरें जबरन हटा दी गईं। इन तस्वीरों में दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों में हुए नागरिक विरोध प्रदर्शनों (प्रोटेस्ट) के दृश्य शामिल थे। रेहान ने इस कार्रवाई को कलाकारों को सेंसर करने और अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने का प्रयास बताया है।
Supriya Sule ने क्या कहा?
इस मामले पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे तौर पर राजनीतिक विरोधियों को घेरते हुए कहा “अगर किसी की मां राजनीति में हो तो उस बच्चे का उससे क्या लेना-देना है? आप हमसे लड़िए न, हमारे बच्चों पर आप क्यों गुस्सा हो रहे हैं, उनसे क्यों नाराज हो रहे हैं?” उन्होंने रेहान वाड्रा को एक बेहद प्रतिभाशाली फोटोग्राफर बताया और कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान ने हर आर्टिस्ट को अपनी बात रखने का अधिकार दिया है, जिसका इस तरह हनन करना निंदनीय है।
तस्वीरें हटाए जाने पर Raihan vadra जताई आपत्ती
रेहान वाड्रा ने दिल्ली के बीकानेर हाउस में अपनी कला प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’से तस्वीरें हटाए जाने के विवाद पर रेहान ने कहा, “जो आज मेरे साथ हुआ वो गलत हुआ है। बीकानेर हाउस प्रशासन ने एन वक्त पर मुझसे कहा कि यदि तस्वीरें नहीं हटाईं तो शो कैंसिल हो जाएगा और बिल्डिंग सील कर दी जाएगी”।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ये तस्वीरें उन्होंने पिछले एक साल में देश में हुए यूथ मूवमेंट (युवा आंदोलनों) और नागरिक प्रदर्शनों के दौरान खींची थीं।रेहान ने बताया कि उन्होंने बीकानेर हाउस की पॉलिसी पहले ही पढ़ ली थी। पॉलिसी के मुताबिक ही उन्होंने किसी भी प्रकार के राजनीतिक स्लोगन या बड़े राजनेताओं की तस्वीरों को प्रदर्शनी की लिस्ट में शामिल नहीं किया था।
प्रशासन ने प्रदर्शनी शुरू होने से ठीक एक दिन पहले (बुधवार दोपहर 3 बजे) आकर अचानक कह दिया कि ये सारी तस्वीरें हटाना पड़ेगा। उन्हें 105 में से करीब 70 तस्वीरें हटाने के लिए मजबूर किया गया। रेहान ने खुलासा किया कि मैनेजमेंट ने उनसे भारतीय तिरंगे (Indian Flag) वाली दो तस्वीरों को भी हटाने के लिए कहा। जब रेहान ने उनसे लिखित में मांग करने को कहा, तो प्रशासन ने लिखित में कुछ नहीं दिया। बाद में उनके पीछे से तिरंगे की एक तस्वीर को खुद ही हटा दिया गया, जिसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है।
रेहान वाड्रा ने इसे कलाकारों की अभिव्यक्ति की आजादी (Freedom of Expression) को रोकने का प्रयास बताया है और कहा है कि वे जल्द ही इन सभी प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरों को पूरा संग्रह दिखाने के लिए किसी नए स्थान की तलाश करेंगे।
फोटो एग्जीबिशन विवाद पर Priyanka Gandhi का तीखा हमला
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बेटे रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाए जाने की घटना को ‘हास्यास्पद’ बताते हुए प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर कहा कि “जब ताकत रखने वाला कोई व्यक्ति दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे एहसास नहीं होता कि वह उस ताकत को पहले ही खो चुका होता है जिसे बचाने की वह कोशिश कर रहा होता है।”
बीकानेर हाउस प्रशासन के इस कदम को देशभर के युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा, “आज वह (रेहान) है, कल कोई दूसरा कलाकार होगा।” प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि रेहान की तस्वीरें पिछले एक साल में हुए विभिन्न नागरिक व युवा प्रदर्शनों से जुड़ी थीं। उन तस्वीरों में कोई भी आपत्तिजनक, भड़काऊ या किसी के खिलाफ निजी टिप्पणी नहीं की गई थी।
उन्होंने अपने बेटे का हौसला बढ़ाते हुए लिखा, “आप सच के लिए खड़े रहते हैं और खूबसूरत चीजें खुद-ब-खुद आप तक पहुंचने का रास्ता ढूंढ लेती हैं। मुझे आप पर गर्व है और हमेशा रहेगा।”












































