Satya Niketan building collapse: दिल्ली में साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में रविवार दोपहर हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद, सोमवार को भी राहत और बचाव का काम काफी तेजी से जारी रहा। कंक्रीट और लोहे के भारी मलबे से एक और शव बरामद होने के बाद इस भीषण हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। बचाव दलों ने अब तक 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें से 5 गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज एम्स (AIIMS) में चल रहा है। मलबे के नीचे अभी भी कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके लिए डॉग स्क्वॉड और अत्याधुनिक थर्मल कैमरों की मदद ली जा रही है।
साउथ कैंपस के दिल में हादसा: पिलर खिसकने से गिरी 40 साल पुरानी इमारत| Satya Niketan building collapse
यह खौफनाक हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी अभिलाष कुमार मलिक के अनुसार, दमकल विभाग को 1:33 बजे कॉल मिली थी और एक मिनट के भीतर रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना कर दी गई थी। ढहने वाली इमारत करीब 40 साल पुरानी थी, हालांकि चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) के रिकॉर्ड में इसे कभी भी खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इमारत के बेसमेंट में पिछले सात दिनों से अवैध रूप से तोड़फोड़ और मरम्मत का काम चल रहा था। बेसमेंट काफी कमजोर था और उसमें पहले से सीलन व पानी भरा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मजदूरों द्वारा खुदाई के दौरान बेसमेंट का एक मुख्य पिलर खिसक गया, जिससे पूरी बहुमंजिला इमारत भरभराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गई और वहां काम कर रहे मजदूर व रहने वाले लोग मलबे में समा गए।
मध्य प्रदेश के देवास के छात्र अर्पित की दर्दनाक मौत
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट, मोतीलाल नेहरू और मैत्रेयी कॉलेज से सटा हुआ इलाका है, जहां हजारों छात्र पीजी (पेइंग गेस्ट) और हॉस्टलों में रहते हैं। इस हादसे ने एक होनहार छात्र की जिंदगी भी छीन ली। मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले अर्पित जाज की इस मलबे में दबने से मौत हो गई। अर्पित हाल ही में रक्षाबंधन का त्योहार मनाकर दिल्ली लौटा था।
रविवार सुबह से संपर्क न होने पर उसके पिता भूपेंद्र दिल्ली पहुंचे, जहां सोमवार को अर्पित का शव मिलने की पुष्टि हुई। देवास के कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि दिल्ली में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
प्रशासनिक एक्शन: 5 इंजीनियर सस्पेंड, मालिक पर लुकआउट नोटिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के कड़े आदेश दिए हैं। वहीं, दिल्ली सरकार ने एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर सहित 5 वरिष्ठ अफसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने ऐलान किया है कि शहर में 4 मंजिल से ऊपर के सभी अवैध निर्माणों को तुरंत सील किया जाएगा और लापरवाह अफसरों पर बर्खास्तगी की गाज गिरेगी। मेयर ने आशंका जताई कि घटिया निर्माण सामग्री और स्ट्रक्चरल फेलियर के कारण यह हादसा हुआ।
इधर, साउथ कैंपस थाने में गैर-इरादतन हत्या और घोर लापरवाही की धाराओं में केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल फरार है। पुलिस ने उसके देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है। गुरुग्राम के सेक्टर-23 के पास रहने वाले हार्डवेयर कारोबारी बंसल की तलाश में पुलिस की 10 विशेष टीमें दिल्ली, हरियाणा और यूपी में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
आसपास की इमारतों पर भी खतरा, 3 साल में 1133 हादसे
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गिरी हुई बिल्डिंग के बगल वाली इमारत में भी चौड़ी दरारें आ गई हैं। मलबा हटाते समय उसके भी गिरने का जोखिम बना हुआ है, जिसे देखते हुए उस इमारत को खाली कराकर सपोर्ट पिलर लगाए जा रहे हैं।
यह हादसा दिल्ली में अनियंत्रित निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही की एक और डरावनी मिसाल है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 से 2025 के बीच केवल 3 वर्षों में राजधानी के भीतर इमारत गिरने की 1133 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें 98 बेगुनाह लोगों ने अपनी जान गंवाई है।












































