Delhi PG safety audit: साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने पूरी दिल्ली को हिलाकर रख दिया है। इस हादसे के बाद अब सरकार और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। अवैध रूप से चल रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) हॉस्टलों पर नकेल कसने और वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा तय करने के लिए उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की संयुक्त अध्यक्षता में लोकनिवास में एक हाई-लेवल बैठक हुई। इसमें साफ निर्देश दिए गए हैं कि अगले एक हफ्ते के अंदर दिल्ली के सभी बड़े पीजी हब्स का अनिवार्य स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव, एनडीआरएफ चीफ, एमसीडी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, डीयू के वीसी और डीडीए के उपाध्यक्ष समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम रेखा गुप्ता ने अस्पताल में जाना घायलों का हाल, आर्थिक मदद का ऐलान| Delhi PG safety audit
मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अस्पताल पहुंचीं और उन्होंने हादसे में घायल छात्रों व मजदूरों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बताया कि मलबे से 12 लोगों को निकाला गया था, जिनमें से 7 की मौत हो चुकी है। इन 7 मृतकों में 2 मजदूर भी शामिल थे। सीएम ने कहा, “एक घायल मजदूर का यहां इलाज चल रहा है, उसके पैर में गहरी चोट है लेकिन हालत स्थिर है। दो बच्चों की हालत पूरी तरह ठीक है और उन्हें आज छुट्टी मिल जाएगी, जबकि एक बच्चा आईसीयू में भर्ती है और उसकी स्थिति थोड़ी गंभीर बनी हुई है। हमने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि सबसे बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जाएगा।”
एम्स जाकर सत्य निकेतन हादसे में घायल छात्रों से मिली और उनके उपचार की स्थिति की जानकारी ली। उनके परिजनों से भी बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि एम्स के चिकित्सकों द्वारा सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार, दुर्घटना में घायल हुए सभी छात्रों के उपचार का…
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 8, 2026
सीएम ने ऐलान किया कि सरकार पीड़ित परिवारों और घायल मजदूरों को हरसंभव आर्थिक सहायता देगी। जो परिवार अपने बच्चों को खो चुके हैं, उनके शवों को घर भिजवाने का पूरा इंतजाम सरकार ने किया और प्रशासन लगातार उनके संपर्क में है। सीएम ने यह भी साफ किया कि गिरी हुई बिल्डिंग के बगल वाली जर्जर इमारत को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है और उसे जल्द ही सुरक्षित तरीके से गिराया जाएगा।
हफ्तेभर में ऑडिट का आदेश, पर छात्रों के बेघर होने से बचाव भी जरूरी
एलजी तरनजीत सिंह संधू ने सत्य निकेतन हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की समस्या बहुत गंभीर है। बिना स्ट्रक्चरल सेफ्टी के चल रहे पीजी भवनों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। हालांकि, एलजी ने प्रशासन को यह हिदायत भी दी कि कार्रवाई के नाम पर अंधाधुंध सीलिंग न की जाए, जिससे छात्र अचानक सड़कों पर आ जाएं और अफरा-तफरी मचे। अभियान केवल उन्हीं इमारतों पर केंद्रित होगा, जहां नियमों को ताक पर रखकर तय सीमा से ज्यादा मंजिलें या अवैध निर्माण किए गए हैं।
आशीष सूद की अगुवाई में कमेटी, खाली डीडीए फ्लैट्स बनेंगे हॉस्टल?
राजधानी में छात्रों की भारी संख्या और हॉस्टलों की कमी को पाटने के लिए शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अगुवाई में एक विशेष समिति बनाई गई है। यह समिति तय करेगी कि एमसीडी और डीडीए की खाली पड़ी इमारतों या हाउसिंग स्टॉक को किस तरह सुरक्षित छात्र आवास में बदला जा सकता है। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में नए हॉस्टल बनाने के लिए डीडीए और एलएंडडीओ को जरूरी एनओसी और एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) तुरंत मंजूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों की सही निगरानी और सुरक्षा के लिए डीएम, डीसीपी और एमसीडी अधिकारियों की टीम को पीजी में जाकर छात्रों से सीधे बात करने को कहा गया है। साथ ही दिल्ली में रह रहे सभी बाहरी छात्रों का एक मजबूत डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनकी पूरी जानकारी प्रशासन के पास रहे।












































