Utah rock glaciers: अमेरिका के यूटा प्रांत की पथरीली पहाड़ियों को देखकर कोई भी यही सोचेगा कि यहां दूर-दूर तक सिर्फ सूखापन, धूल और बंजर चट्टानें हैं। लेकिन इस वीरान दिखने वाले नजारे के नीचे प्रकृति का एक ऐसा हैरतअंगेज रहस्य छिपा है, जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है।
एक नए अध्ययन के मुताबिक, यूटा की सूखी चट्टानों और मलबे की मोटी परतों के ठीक नीचे जमी हुई बर्फ का एक विशाल साम्राज्य मौजूद है। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यूटा के इन ‘रॉक ग्लेशियरों’ में लगभग 0.99 गीगाटन यानी करीब 1 अरब टन पानी के बराबर बर्फ सुरक्षित जमा है। यह खोज ऐसे समय में सामने आई है जब ग्लोबल वॉर्मिंग की वजह से दुनिया भर के पारंपरिक ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं।
आम ग्लेशियरों से बिल्कुल अलग हैं ‘रॉक ग्लेशियर’| Utah rock glaciers
आमतौर पर ग्लेशियर का नाम सुनते ही आंखों के सामने चमकदार, सफेद और खुली बर्फ की चादर आ जाती है। मगर ‘रॉक ग्लेशियर’ इनसे पूरी तरह अलग होते हैं। ये ढीले-ढाले पत्थरों और मलबे की भारी परतों के नीचे दबे होते हैं। चट्टानों की यह मोटी परत एक तरह से प्राकृतिक ढाल या थर्मल इंसुलेटर का काम करती है। यह सूरज की सीधी गर्मी को अंदर नहीं जाने देती, जिससे बर्फ पिघलने से बच जाती है। इसी प्राकृतिक सुरक्षा की वजह से ये ग्लेशियर उन गर्म और सूखे पहाड़ी इलाकों में भी जिंदा बचे रहते हैं, जहां सामान्य ग्लेशियरों का नामोनिशान तक मिट चुका है। ये पानी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के साथ-साथ ठंड में रहने वाले कई जीवों को ठिकाना भी देते हैं।
गुरुत्वाकर्षण की मदद से खोजा पाताल का पानी
वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि चट्टानों के नीचे बिना खुदाई किए यह कैसे पता लगाया जाए कि भीतर कितनी बर्फ मौजूद है? इसके लिए माउंट टिम्पानोगोस के नीचे स्थित ‘टिम्पानोगोस रॉक ग्लेशियर’ पर अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया।
शोधकर्ताओं ने बिना कोई ड्रिलिंग किए जमीन की ऊपरी सतह पर 232 गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी) माप लिए और ‘3-D बेयसियन इनवर्जन’ तकनीक से अंदरूनी ढांचे का नक्शा तैयार किया। दरअसल, बर्फ का घनत्व आसपास की भारी चट्टानों के मुकाबले काफी कम होता है। जब जमीन के भीतर बर्फ का बड़ा भंडार होता है, तो वह गुरुत्वाकर्षण खिंचाव में हल्की सी कमी ला देता है। इसी सूक्ष्म अंतर को मापकर वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि यहां 1.55 मिलियन क्यूबिक मीटर बर्फ मौजूद है, जिसकी औसत मोटाई लगभग 18.8 मीटर है।
600 स्विमिंग पूल जितनी बर्फ, दुनिया भर के लिए उम्मीद
रिसर्च के अनुसार, अकेले टिम्पानोगोस में जितनी बर्फ है, वह 600 ओलंपिक-साइज स्विमिंग पूलों को पानी से भरने के लिए काफी है। इसके आधार पर पूरे यूटा के संरक्षित रॉक ग्लेशियरों में 1 अरब टन पानी होने का अनुमान है। अगर व्यापक स्तर पर देखें, तो पश्चिमी अमेरिका में ऐसे ग्लेशियरों में 11.92 गीगाटन और दुनिया भर में लगभग 48.03 गीगाटन पानी जमा हो सकता है। जैसे-जैसे सामान्य ग्लेशियर सिकुड़ रहे हैं, ये छुपे हुए रॉक ग्लेशियर भविष्य में पानी के सबसे बड़े और मजबूत प्राकृतिक जलस्रोत साबित हो सकते हैं।
चुनौतियां और चेतावनी
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह अनुमान अंतिम नहीं है। लगातार बर्फबारी और खतरनाक खड़ी ढलानों की वजह से ग्लेशियर के ऊपरी हिस्सों में गुरुत्वाकर्षण की पूरी माप नहीं ली जा सकी, जिसका मतलब है कि असल में बर्फ की मात्रा इससे भी कहीं ज्यादा हो सकती है।
साथ ही, वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि तापमान बढ़ने पर अगर ये रॉक ग्लेशियर अस्थिर होते हैं, तो नीचे की घाटियों में बसे इलाकों के लिए लैंडस्लाइड या मलबे के बहाव का गंभीर खतरा भी खड़ा हो सकता है।












































