Gondhal: क्या आप भी बॉलीवुड की घिसी-पिटी कहानियों से बोर हो चुके हैं? तो तैयार हो जाइए एक ऐसी सिनेमाई यात्रा के लिए जो आपको सीधे भारत की मिट्टी और उसकी समृद्ध संस्कृति से जोड़ेगी। चमक-धमक वाले फॉर्मूले से दूर, अब बड़े पर्दे पर भारत की असली सांस्कृतिक जड़ों और लोक परंपराओं की गूंज सुनाई देगी।
डायरेक्टर संतोष डावखर अपनी आगामी भव्य फिल्म ‘गोंधल’ के जरिए दर्शकों को भारतीय संस्कृति के एक अनूठे सफर पर ले जाने के लिए तैयार हैं। भारतीय लोक कला की यह एक ऐसी अनकही दास्तान है, जो सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि 7 भाषाओं में दुनिया भर के थिएटर्स में दस्तक देने वाली है। तो आइए जानते हैं कि आखिर क्या है इस फिल्म में इतना खास जो इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाता है?
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ऑस्कर की रेस में भारत की दावेदारी
इस फिल्म से जुड़ी सबसे पहली और गर्व करने वाली बात यह है कि डायरेक्टर संतोष डावखर की इस फिल्म को 99वें ऑस्कर 2027 के लिए बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में भारत की तरफ से ऑफिशियल एंट्री के रूप में चुना गया है। ‘श्वास’, ‘हरिश्चंद्राची फैक्ट्री’ और ‘कोर्ट’ जैसी फिल्मों के बाद ऑस्कर की रेस में शामिल होने वाली यह सिर्फ चौथी मराठी फिल्म है, जिसने अपनी अनूठी कहानी के दम पर ग्लोबल मंच पर जगह बनाई है।
क्या है Gondhal की कहानी?
यह कोई आम पारंपरिक ड्रामा नहीं है, बल्कि एक बेहद डेंस साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है। ‘गोंधल’ (Gondhal) मुख्य रूप से महाराष्ट्र की एक समृद्ध लोक परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान है, जो नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए पूरी रात आयोजित की जाती है।
कहानी इसी एक रात के अनुष्ठान के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इशिता देशमुख जो फिल्म में सुमन नाम की एक नवविवाहिता का किरदार निभा रही हैं और योगेश सोहोनी जो उसके पति आनंदराव का रोल प्ले कर रहे हैं, उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है, जहां स्वार्थ, लालच, धोखा और इच्छाएं आपस में टकराती हैं। एक तरफ देवी की आराधना का पवित्र माहौल होता है और दूसरी तरफ किरदारों के खौफनाक राज़ और साज़िशें सामने आने लगती हैं!
पहली बार 25 मिनट का ‘सिंगल-टेक’
तकनीकी रूप से यह फिल्म एक मास्टरपीस होने वाली है। फिल्म की शुरुआत ही 25 मिनट के एक लगातार सिंगल-टेक शॉट से होती है, जिसे भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहला ऐसा एक्सपेरिमेंट माना जा रहा है। पूरी फिल्म को शानदार सिनेमैटोग्राफी के जरिए नेचुरल लाइटिंग, मशालों और परछाइयों के बीच फिल्माया गया है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाला एटमॉस्फेयर तैयार करता है।
संगीत के सरताज इलैयाराजा का जादू
इस फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर और म्यूजिक को किसी और ने नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के महागुरु इलैयाराजा ने तैयार किया है! उनका ये संगीत लोक कला के अनोखे अहसास को और गहरा बनाता है, जो सीधे दर्शकों के दिलों को छू जाएगा।
कब और कितनी भाषाओं में होगी रिलीज?
अगर आप भी इस मैजिक को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं, तो आपका इंतजार बस खत्म होने वाला है। फिल्म 13 नवंबर 2026 को भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और दुबई जैसे कई देशों में एक साथ रिलीज हो रही है। दर्शकों तक पहुंचने के लिए मेकर्स इसे मराठी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और इंग्लिश सहित कुल 7 भाषाओं में दुनिया भर के थिएटर्स में उतार रहे हैं।
तो क्या आप भी बॉलीवुड के मसालों को छोड़कर भारत की असली मिट्टी से जुड़ी इस ऑस्कर एंट्री फिल्म (Gondhal) को थिएटर्स में देखने जाएंगे? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।












































