Election Commission SSR campaign: अगर आपकी उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है या जल्द ही होने वाली है, और आपका नाम अभी तक वोटर लिस्ट में नहीं है, तो आपके लिए अच्छी खबर है। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 17 राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) का ऐलान कर दिया है। यह आयोग की सालाना मुहिम का हिस्सा है, जिसके जरिए छूटे हुए लोगों और नए युवाओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाते हैं।
इस बार आयोग ने उन युवाओं पर खास ध्यान दिया है जो साल 2027 में वोट डालने की उम्र यानी 18 साल पूरे करने जा रहे हैं। राज्यों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे भावी मतदाताओं से उनकी तय कट-ऑफ डेट के हिसाब से एडवांस में फॉर्म-6 भरवाना शुरू कर दें।
साल में चार बार मौका, एडवांस में भरे जाएंगे फॉर्म| Election Commission SSR campaign
मौजूदा नियमों के मुताबिक, युवाओं का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए साल में चार कट-ऑफ तारीखें तय हैं…1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर। आयोग ने सभी मतदाता पंजीयन अधिकारियों (ERO) से कहा है कि वे उन युवाओं से भी पहले ही फॉर्म-6 भरवा लें, जो इन चारों तारीखों पर 18 साल के होने वाले हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जैसे ही युवा अपनी उम्र की पात्रता पूरी करेगा, उसका नाम तुरंत वोटर लिस्ट में जुड़ जाएगा और उसे लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
2027 के चुनावी राज्यों पर खास फोकस
चुनाव आयोग का यह अभियान जिन 17 राज्यों में चलेगा, उनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड जैसे वे पांचों राज्य भी शामिल हैं जहां 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। आयोग के तय शेड्यूल के तहत राज्यों में यह प्रक्रिया 2 नवंबर 2025 से शुरू होगी और 4 जनवरी 2027 को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। माना जा रहा है कि इस अंतिम मतदाता सूची के सामने आने के तुरंत बाद ही यूपी समेत चुनावी राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है।
ड्राफ्ट और फाइनल लिस्ट राजनीतिक दलों को मिलेगी
चुनाव के बाद अक्सर पार्टियां और उम्मीदवार यह आरोप लगाते हैं कि उनके समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। इसे देखते हुए आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों (CEO) को निर्देश दिया गया है कि वे ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी (रीडेबल फॉर्मेट में) राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को उपलब्ध कराएं। इससे अगर किसी को लिस्ट को लेकर कोई भी शिकायत या आपत्ति हो, तो वह वोटिंग से 10 दिन पहले तक उसे दर्ज करवाकर नाम ठीक करा सकता है।













































