Rudra Kumar Manali accident: हिमाचल प्रदेश के मनाली में स्कूल ट्रिप पर गए गाजियाबाद के 17 साल के छात्र रुद्र कुमार के साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया। रोहतांग दर्रे के दूसरी तरफ ग्रांफू के पास बर्फीली पहाड़ियों की पृष्ठभूमि में तस्वीर खिंचवाने के दौरान पैर फिसलने से वह गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रुद्र अपने स्कूल के 103 बच्चों के साथ एजुकेशनल टूर पर मनाली गया था। इस हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि रुद्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और उसने भविष्य में आईपीएस (IPS) अफसर बनने का ख्वाब संजो रखा था।
फोटो के लिए पीछे हटते ही फिसला पैर, खाई में गिरा| Rudra Kumar Manali accident
गाजियाबाद के गोविंदपुरम स्थित ब्राइटलैंड स्कूल के 11वीं कॉमर्स का छात्र रुद्र 11 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे बाकी बच्चों और शिक्षकों के साथ मनाली रवाना हुआ था। मनाली के अलग-अलग टूरिस्ट स्पॉट्स पर घूमने के बाद मंगलवार सुबह करीब 11 बजे छात्रों का दल बर्फ से ढके रोहतांग दर्रे पर पहुंचा। यहां पहुंचकर बच्चे आसपास घूमने और तस्वीरें लेने लगे।
रुद्र भी अपने एक सहपाठी के साथ बर्फ और खूबसूरत वादियों को बैकग्राउंड में रखकर फोटो क्लिक करवा रहा था। सहपाठी के मुताबिक, बेहतर फ्रेम के चक्कर में रुद्र कैमरे से थोड़ा पीछे की तरफ कदम बढ़ा रहा था। तभी पहाड़ी के किनारे उसका पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे गहरी ढलान से नीचे जा गिरा।
सहपाठी के शोर मचाने पर भी नहीं मिली तुरंत मदद
हादसा होते ही घबराए सहपाठी ने जोर-जोर से चिल्लाकर मदद मांगी, लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद वह दौड़कर थोड़ी दूर खड़ी स्कूल बस तक पहुंचा और ड्राइवर व स्टाफ को पूरी बात बताई। स्कूल के कर्मचारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया गया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छात्र के शव को पहाड़ी के नीचे से बाहर निकाला जा सका।
डीएसपी हेडक्वार्टर केडी शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि रोहतांग घूमने आए छात्र की पहाड़ी से गिरने की वजह से मौत हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। हादसे की जांच की जा रही है।
पिता यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल, बुझ गया घर का इकलौता चिराग
रुद्र का परिवार मूल रूप से बुलंदशहर जिले के सैदपुर का रहने वाला है। उसके पिता पुष्पेंद्र कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं और इस समय गाजियाबाद कमिश्नरेट के एक थाने में मुंशी के पद पर तैनात हैं। रुद्र 12वीं पूरी करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर आईपीएस अधिकारी बनना चाहता था, लेकिन इस एक हादसे ने परिवार के सारे अरमान बिखेर दिए।
पड़ोसियों ने बताया कि रुद्र सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि स्पोर्ट्स में भी काफी आगे था। वह फुटबॉल की ट्रेनिंग ले रहा था और 17 साल की उम्र में ही उसकी हाइट करीब साढ़े छह फीट थी। खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते मनाली के लिए रवाना हो गए। वहीं, घटना के बाद स्कूल की प्रिंसिपल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद मिला।











































