Gyanesh Kumar नहीं होंगे सस्पेंड, सुप्रीम कोर्ट के नोटिस से चुनाव आयोग में हड़कंप!

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 06 अक्टूबर 2026, 11:00 PM Updated: 06 अक्टूबर 2026, 11:02 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Gyanesh Kumar: सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से तुरंत निलंबित करने के अंतरिम आदेश से इनकार कर दिया है। ज्ञानेश कुमार पर अन्य चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर एकतरफा फैसले लेने के आरोप हैं। हालांकि, कोर्ट ने चुनाव आयोग को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी है। केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जांच में कोई भी फैसला नियमों के खिलाफ मिला, तो उसे फौरन बदल दिया जाएगा। आइए जानते हैं आज कोर्ट रूम में क्या-क्या हुआ।

और पढ़ें: Gyanesh Kumar पर मुंबई में विशाल ददलानी का तंज, दिल्ली में प्रदर्शन और अब खुलेगा 20 साल पुराना मलेशियन केस!

SC का चुनाव आयोग को नोटिस

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar ) को उनके पद से तुरंत निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से साफ इनकार कर दिया है। चुनाव आयोग के बाकी सदस्यों की आपत्तियों और उनके आरोपों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।

बताया जा रहा है कि कोर्ट में दायर याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि ज्ञानेश कुमार ने बाकी दो चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) को दरकिनार कर ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया से जुड़े कई नीतिगत और सॉफ्टवेयर संशोधन एकतरफा तरीके से लागू किए हैं।

कोर्ट में दायर याचिकाओं में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसमें आरोप है कि CEC ज्ञानेश कुमार ने बाकी दो चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) की आपत्तियों को दरकिनार कर ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) और फॉर्म-6 के संशोधनों से जुड़े करीब 14 फैसले एकतरफा तरीके से लागू किए।

Gyanesh Kumar मामले को लेकर कोर्ट रूम में क्या-क्या हुआ?

• सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “चुनाव आयोग से सर्वसम्मति या बहुमत से फैसले लेने की उम्मीद की जाती है। लेकिन आज आप सिर्फ एक न्यूज रिपोर्ट के आधार पर बात कर रहे हैं, जो पूरी तरह या आंशिक रूप से सही या गलत भी हो सकती है। हम इस पर पहले उनका पक्ष जानना चाहेंगे।
• अदालत की सख्त चेतावनी: कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से यह साबित होता है कि फैसले तीन सदस्यीय आयोग की सर्वसम्मति या बहुमत के बिना लिए गए थे, तो अदालत उन सभी गलत फैसलों को पलटने और रद्द करने में संकोच नहीं करेगी।
• व्यावहारिक संकट पर सवाल: कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि यदि इस मोड़ पर मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित कर दिया गया, तो चुनाव आयोग का कामकाज कौन संभालेगा?
• याचिकाकर्ताओं के आरोप: वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी और याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ECI के आंतरिक कामकाज और डेटाबेस में गड़बड़ी की गई है। दावा किया गया कि बिना पूर्ण आयोग की सहमति के फॉर्म-6 में नई शर्तें जोड़ी गईं और पश्चिम बंगाल व गोवा में मतदाताओं से जुड़े मामलों में मनमाने फैसले लिए गए।

Rajni

rajni@nedricknews.com

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds