Radha Keli Kunj controversy: मथुरा के वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज के गुरु कृपा कुंज आश्रम में साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत का मामला सुलझने के बजाय और पेचीदा होता जा रहा है। अब इस घटना से जुड़ा एक नया सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जिसने मौत के आखिरी पलों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामने आए फुटेज में दीपक लोधी कथित तौर पर अपना प्राइवेट पार्ट काटने के बाद सीढ़ियों से ऊपर की ओर चढ़ता दिखाई दे रहा है।
दावा किया जा रहा है कि इसके कुछ ही पलों बाद वह आश्रम की चौथी मंजिल पर पहुंचा और वहां से नीचे छलांग लगा दी। हालांकि, इस नए वीडियो और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र तौर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की पूरी जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस रहस्यमयी घटनाक्रम की असल सच्चाई साफ हो सकेगी।
मौत से पहले के आखिरी पलों का वीडियो? Radha Keli Kunj controversy
वायरल हो रहे फुटेज में दिख रहा है कि दीपक लड़खड़ाते कदमों से सीढ़ियों की तरफ बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि यह दृश्य उस भयानक कदम के ठीक बाद का है, जब उसने कथित रूप से अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया था। इसके बाद उसके चौथी मंजिल तक जाने और वहां से नीचे गिरने की बात कही जा रही है।
अगर पुलिस जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण में यह फुटेज सही साबित होता है, तो यह घटना की कड़ियों को जोड़ने में सबसे बड़ा सुबूत बन सकता है। लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि एक 25 साल के साधक ने इतना दर्दनाक और आत्मघाती कदम किस मानसिक दबाव या वजह से उठाया?
मौत के पीछे की वजह अब भी अनसुलझी पहेली
दीपक लोधी के इस खौफनाक कदम के पीछे की असली वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। मृतक के परिजन और करीबी लगातार गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद से ही आश्रम के बाहर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का गुस्सा भी देखने को मिला है। परिजनों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे।
9 दिन की चुप्पी के बाद आया राधा केलि कुंज ट्रस्ट का बयान
घटना के करीब 9 दिन बीत जाने के बाद राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ट्रस्ट प्रबंधन ने स्वीकार किया है कि यह अपील उन्हीं की तरफ से दी गई है। बयान में कहा गया कि इस दुखद हादसे से पूज्य महाराज श्री और पूरा आश्रम परिवार बेहद दुखी और आहत है। ट्रस्ट ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की है।
इसके साथ ही ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि वे पुलिस प्रशासन के साथ निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं, साधकों और आम जनता से अपील की है कि जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी अपुष्ट जानकारी, अफवाह या कयासों के आधार पर महाराज जी और आश्रम की छवि को खराब करने वाला कोई दुष्प्रचार न करें।
पुलिस की भूमिका पर भी खड़े हो रहे सवाल
घटना के 9 दिन बाद ट्रस्ट का बयान सामने आने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते स्थिति साफ की जाती, तो इतना बड़ा विवाद खड़ा नहीं होता। वहीं, दूसरी तरफ स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतने संवेदनशील मामले में अब तक ठोस कानूनी धाराएं और मुकदमा दर्ज करने में देरी क्यों हुई। फिलहाल नया वीडियो सामने आने के बाद दीपक लोधी की मौत की मिस्ट्री और उलझ गई है।












































