Gurudwaras in Faridabad, जहाँ कदम रखते ही मिलता है असीम शांति और अध्यात्म का अहसास

Shikha Mishra | Nedrick News Faridabad Published: 06 अक्टूबर 2026, 09:54 PM Updated: 06 अक्टूबर 2026, 09:54 PM
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Top 5 Gurudwaras in Faridabad: गुरुद्वारों के बारे में तो आज हर कोई जानता है। शांति, भक्ति और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक ये पवित्र स्थान हमें मानवता का सच्चा संदेश देते हैं। हमने अपने पिछले वीडियोस में आपको देश-विदेश के कई बड़े और ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन कराए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे फरीदाबाद शहर में भी कई ऐसे ऐतिहासिक गुरुद्वारे हैं, जिनका जुड़ाव सिख इतिहास और संगतों की अटूट श्रद्धा से रहा है? आज के इस लेख में हम आपको लेकर चल रहे हैं फरीदाबाद के 5 सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक गुरुद्वारों की आध्यात्मिक यात्रा पर, जहाँ कदम रखते ही मन को एक अलग ही सुकून और शांति का अहसास होता है।

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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा – Gurdwara Sri Guru Singh Sabha

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा फरीदाबाद के सेक्टर 15 में स्थित है और यह शहर के सबसे बड़े और सबसे खूबसूरत गुरुद्वारों में से एक है। इसकी साफ़-सफ़ाई और शांत माहौल श्रद्धालुओं को बहुत पसंद आता है। यह गुरुद्वारा सुबह 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है और अपनी साफ़-सफ़ाई, खुली जगह और शांतिपूर्ण माहौल के लिए जाना जाता है। यहाँ व्हीलचेयर बुजुर्ग लोगो के लिए आसान एंट्री और काफ़ी पार्किंग जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह जगह श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति, नई ऊर्जा और गुरबानी का आशीर्वाद देती है। यहाँ नियमित रूप से कीर्तन और धार्मिक सभाएँ आयोजित की जाती हैं। साथ ही, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यह गुरुद्वारा 33 से ज़्यादा सालों से मौजूद है।

संतों का गुरुद्वारा, एनआईटी – 1 Santon ka Gurudwara

संतों का गुरुद्वारा (NIT 1), फरीदाबाद के ब्लॉक K में स्थित एक अत्यंत पवित्र और लोकप्रिय धार्मिक स्थल है। यह गुरुद्वारा स्थानीय संगतों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए असीम आध्यात्मिक शांति, आस्था और सेवा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहाँ प्रतिदिन सुबह और शाम की अरदास, गुरबाणी कीर्तन और पाठ का भव्य आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। वही श्रद्धालु बताते हैं कि यहाँ का वातावरण अत्यंत दिव्य और शांति प्रदान करने वाला है, जहाँ ध्यान और सेवा करने से मन को गहरी मानसिक शांति मिलती है। परिसर की स्वच्छता, अनुशासन और श्रद्धालुओं के लिए बैठने तथा दर्शन की बेहतरीन व्यवस्था की विशेष रूप से सराहना की जाती है। गुरु पर्व (गुरुपूर्णिमा/प्रकाश पर्व) तथा अन्य सिख त्योहारों के अवसर पर यहाँ भव्य कीर्तन दरबार, विशेष दीवान और सजावट की जाती है, जहाँ भारी संख्या में संगत उमड़ती है।

गुरुद्वारा श्री गुरु दरबार साहिब – Gurudwara Sri Guru Darbar Sahib

गुरुद्वारा श्री गुरु दरबार साहिब, फरीदाबाद की न्यू इंडस्ट्रियल टाउनशिप (NIT) में सेंट्रल ग्रीन (B.K. चौक के पास) में स्थित एक बहुत ही पवित्र और शानदार गुरुद्वारा है। यह फरीदाबाद और आस-पास के इलाकों से आने वाली *संगत* (श्रद्धालुओं के समूह) के लिए आस्था, आध्यात्मिक चिंतन और निस्वार्थ सेवा का एक प्रमुख केंद्र है। बता दें, गुरुद्वारा सुबह 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है; यह शुक्रवार को 24 घंटे और रविवार को सुबह 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक खुला रहता है। इसके अलवा फरीदाबाद NIT क्षेत्र (B.K. चौक/सेंट्रल ग्रीन) को 1949 और 1950 के बीच—भारत के बंटवारे के समय—पाकिस्तान (पश्चिमी पंजाब) से आए विस्थापित परिवारों को बसाने के लिए विकसित किया गया था। इसी दौरान स्थानीय संगत ने गुरुद्वारा श्री गुरु दरबार साहिब की नींव रखी और इसकी स्थापना की। इस तरह, गुरुद्वारा श्री गुरु दरबार साहिब की स्थापना को लगभग 75 से 76 साल हो चुके हैं।

गुरुद्वारा सिंह Sabha सेक्टर 7 – Gurudwara Singh Sabha Sector 7

फरीदाबाद के सेक्टर 7, ब्लॉक A में स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा एक बहुत ही सम्मानित और लोकप्रिय धार्मिक स्थल है। यह स्थानीय संगत और आस-पास के निवासियों के लिए आस्था, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और निस्वार्थ सामुदायिक सेवा का एक प्रमुख केंद्र है। यहाँ रोज़ सुबह और शाम होने वाले कार्यक्रमों में नितनेम, सुखमनी साहिब का पाठ और मधुर गुरबानी कीर्तन से पूरे परिसर में गहरा शांति और भक्ति का माहौल बना रहता है। बता दे, यह सेक्टर 7 का सबसे पुराना और बड़ा गुरुद्वारा माना जाता है, जहाँ सभी धर्मों और जातियों के लोगों का स्वागत किया जाता है। यहाँ का लंगर प्रसाद बहुत प्रसिद्ध है। आपको बता दें, गुरुद्वारा सिंह सभा, सेक्टर 7 की स्थापना को लगभग 50 से 55 वर्ष हो चुके हैं।

दयालपुर सिख गुरुद्वारा / गुरुद्वारा संतपुरा पात्शाही छठी – Dayalpur Sikh Gurudwara

गुरुद्वारा संतपुरा पातशाही छेवीं (दयालपुर) फरीदाबाद के बल्लभगढ़ सब-डिविजन में स्थित एक बहुत ही ऐतिहासिक और पवित्र सिख धार्मिक स्थल है। यह गुरुद्वारा साहिब उस ज़मीन पर बना है जिसे सिखों के छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के पवित्र चरणों के स्पर्श से आशीर्वाद मिला है। माना जाता है कि ग्वालियर किले से लौटने के बाद गुरु साहिब इस जगह पर आए थे। वही इस जगह का संत श्रीमान संत हरदयाल सिंह जी और नानकसर परंपरा से भी गहरा संबंध है। कहा जाता है कि जब गुरु हरगोविंद साहिब जी दयालपुर पहुंचे, तो यहाँ पानी का बहुत अभाव था। ग्रामीणों की विनती पर गुरुजी ने अपने धनुष से बाण चलाया, जिससे जल की धारा फूट पड़ी और मीठा पानी निकला। आज उसी स्थान पर एक विशाल और पवित्र सरोवर (नानकसर सरोवर) स्थित है।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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