Ganpati Pandal 2026: भाद्रपद महीने की शुरुआत के साथ ही मुंबई शहर एक अलग ही रंग में रंग जाता है। ढोल-ताशों की थाप, मोदक की खुशबू और ‘बाप्पा मोरया’ के जयकारे—यही है मुंबई की गणेश चतुर्थी। साल 2026 में बप्पा का यह उत्सव और भी खास होने जा रहा है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं इस साल मुंबई के कौन से गणेश पंडाल सबसे खास हैं।
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लालबागचा राजा (Lalbaugcha Raja)
मन्नत के राजामुंबई की गणेश चतुर्थी का जिक्र लालबागचा राजा के बिना अधूरा है। साल 2026 में लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल अपने 93वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस साल पंडाल को एक बेहद खास और भव्य रूप दिया गया है। इस वर्ष पंडाल की मुख्य थीम ‘महादेव पर आधारित है। बप्पा के पीछे बैकग्राउंड में एक विशाल और अलौकिक त्रिशूल बनाया गया है, जो बेहद आकर्षक है।
परंपरा के अनुसार, बप्पा की मूर्ति का स्वरूप हमेशा की तरह पारंपरिक और भव्य करीब 12-14 फीट ऊंची रखा गया है, जिसे देखने हर साल लाखों लोग आते हैं। जो लोग बप्पा के चरणों को छूकर मन्नत मांगना चाहते हैं, वे इस लाइन में लगते हैं। यहाँ दर्शन में 24 से 36 घंटे तक का समय लग सकता है। जो लोग केवल दूर से बप्पा के दर्शन करना चाहते हैं, वे इस लाइन में जाते हैं। यहाँ समय काफी कम करीब 4 से 8 घंटे लगता है।
जीएसबी सेवा मंडल (GSB Seva Mandal)
मुंबई के सबसे अमीर गणपतिकिंग्स सर्कल, माटुंगा में स्थापित होने वाला जीएसबी सेवा मंडल मुंबई का सबसे अमीर और भव्य गणेश पंडाल माना जाता है। यहाँ बप्पा की मूर्ति को बेहद शुद्ध सोने और चांदी के भारी आभूषणों से सजाया जाता है, जिसकी चमक देखने लायक होती है।
इस पंडाल की सबसे खास बात यह है कि यहाँ बप्पा का उत्सव पूरे 10 दिनों के बजाय केवल 5 दिनों के लिए ही मनाया जाता है। यहाँ पारंपरिक दक्षिण भारतीय पद्धति से पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार किए जाते हैं। सुरक्षा और अनुशासन के मामले में यह पंडाल सबसे आगे रहता है, जिसके कारण भक्तों को यहाँ बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन प्राप्त होते हैं।
मुंबईचा राजा (Mumbaicha Raja)
भव्यता और परंपरा का संगम लालबागचा राजा के बिल्कुल समीप स्थित ‘लालबाग सार्वजनिक उत्सव मंडल, गणेश गली’ का मुंबईचा राजा पंडाल साल 2026 में अपना ऐतिहासिक 99वां वर्ष मना रहा है। यह पंडाल पूरे मुंबई में अपनी बेहद कलात्मक और विशाल थीम आधारित सजावट के लिए विख्यात है।
इस वर्ष (2026) यहाँ की मुख्य थीम ‘महाराष्ट्र की वैष्णव परंपरा और पंढरपुर वारी’ पर आधारित है, जिसके बैकग्राउंड को पंढरपुर के प्रसिद्ध मंदिर के स्वरूप में बेहद खूबसूरती से ढाला गया है। इस बार बप्पा की 22 फीट ऊंची विहंगम मूर्ति को भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण (बाल गणेश अवतार) के दिव्य रूप में सजाया गया है, जिनके हाथों में मोरपंख और शंख सुशोभित है। लालबागचा राजा की तुलना में यहाँ दर्शन के लिए कतारें थोड़ी छोटी होती हैं, जिससे भक्त आसानी से बप्पा के इस भव्य रूप का दीदार कर पाते हैं।
अंधेरीचा राजा (Andhericha Raja)
पश्चिमी उपनगर का राजा यह मुंबई के पश्चिमी उपनगर (Western Suburbs) का सबसे मशहूर और प्रतिष्ठित पंडाल है। अंधेरीचा राजा पंडाल अपनी अनूठी परंपरा, मन्नत और भव्यता के लिए जाना जाता है। यहाँ की सबसे खास बात यह है कि बप्पा का विसर्जन अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर 2026) को न होकर, उसके कुछ दिनों बाद आने वाली संकष्टी चतुर्थी पर होता है। इसलिए यहाँ भक्तों को बप्पा के दर्शन करने के लिए पूरे 5 दिन का अतिरिक्त समय मिल जाता है। सेलिब्रिटीज और बॉलीवुड सितारों के बीच भी इस पंडाल की भारी मान्यता है।
खेतवाड़ीचा गणराज (Khetwadicha Ganraj)
सबसे ऊंची और अनोखी मूर्तियों का केंद्रगिरगांव (साउथ मुंबई) की 12वीं गली में स्थापित होने वाला खेतवाड़ीचा गणराज पंडाल हर साल अपनी सबसे ऊंची और बेहद रचनात्मक मूर्तियों के लिए पूरी मुंबई में प्रसिद्ध है। साल 2026 में भी यहाँ बप्पा का बेहद अनूठा और भव्य स्वरूप देखने को मिल रहा है। खेतवाड़ी इलाके की सबसे खास बात यह है कि यहाँ केवल एक पंडाल नहीं, बल्कि 1 से लेकर 14 गलियों (Khetwadi Lanes) में अलग-अलग कई खूबसूरत गणपति पंडाल सजे होते हैं।












































