गेम के चक्कर में लाखों की ठगी से लेकर पुलिस पर बड़े एक्शन तक! | Top 5 Ghaziabad News

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 05 सितम्बर 2026, 09:25 PM Updated: 05 सितम्बर 2026, 09:25 PM
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Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद कमिश्नरेट और जनपद की पांच बड़ी खबरों से, जिन्होंने प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच भारी हलचल पैदा कर दी है। सबसे पहले बात करेंगे इंदिरापुरम की एटीएस एडवांटेज सोसायटी में हुई एक संदिग्ध मौत की, जहां बालकनी में युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया।

वहीं, दूसरी जघन्य खबर में बेटी की हत्यारी मां अशरफी की दया याचिका को राज्यपाल ने खारिज कर दिया है। साइबर क्राइम बुलेटिन में बात विजयनगर की, जहां गेम खेलने के बहाने एक फूल विक्रेता के खाते से शातिराना अंदाज में 4.71 लाख रुपये उड़ा दिए गए।

इसके साथ ही, गाजियाबाद कमिश्नरेट में अनुशासनहीनता पर पुलिस कमिश्नर का बड़ा चाबुक चला है, जहां 7 महीनों के भीतर 193 लापरवाह पुलिसकर्मियों पर निलंबन और लाइन हाजिर की बड़ी गाज गिरी है। और अंत में ग्रामीण क्षेत्र से एक बेहद सकारात्मक खबर, जहां जिला प्रशासन 141 ग्राम पंचायतों के गरीब परिवारों की तकदीर बदलने के लिए रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं का महाअभियान शुरू करने जा रहा है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।

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एटीएस एडवांटेज सोसाइटी में युवक का शव मिलना

गाजियाबाद की पहली खबर इंदिरापुरम थाना क्षेत्र से है, जहां पॉश एटीएस एडवांटेज सोसायटी (ATS Advantage Society) में संदिग्ध परिस्थितियों में ऊंचाई से गिरकर एक 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई है। मृतक युवक का शव सोसायटी के ही फर्स्ट फ्लोर पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी में अटका हुआ मिला।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि मृतक युवक का नाम तरुण बताया गया है, जिसकी उम्र 35 वर्ष थी। परिजनों के अनुसार, तरुण पिछले काफी समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे और डिप्रेशन (तनाव) का सामना कर रहे थे। पुलिस अब इस कोण से भी गहन जांच कर रही है कि तरुण अपने घर से इस सोसायटी परिसर के भीतर कैसे पहुंचे।

चूंकि एटीएस सोसायटी में बाहरी व्यक्तियों को बिना किसी रेजीडेंट की अनुमति के प्रवेश नहीं दिया जाता, इसलिए पुलिस सुरक्षा व्यवस्था और एंट्री परमिट की जांच कर रही है। सूचना मिलते ही इंदिरापुरम थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

बेटी की हत्यारी मां की दया याचिका खारिज होना (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की दूसरी खबर जघन्य अपराध को लेकर जहां अपनी ही गर्भवती बेटी की जघन्य हत्या के मामले में डासना जिला कारागार (गाजियाबाद) में उम्रकैद की सजा काट रही महिला अशरफी की समयपूर्व रिहाई की याचिका को राज्यपाल ने खारिज कर दिया है। अशरफी ने संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत दया याचिका दाखिल कर रिहाई की गुहार लगाई थी, जिसे अपराध की अत्यधिक गंभीरता और क्रूरता को देखते हुए नामंजूर कर दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिका खारिज होने वाली महिला का नाम अशरफी है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के नवादा खुर्द गांव की रहने वाली है। वह फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है। अशरफी को अपनी ही बेटी की हत्या के दोष में अदालत ने आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी।

उसकी बेटी गर्भवती थी और उस दौरान उसके साथ बेहद अमानवीय और बर्बर व्यवहार किया गया था, जिसके चलते अदालत ने इसे बेहद जघन्य अपराध माना था। राज्यपाल कार्यालय द्वारा इस दया याचिका पर गहन विचार किया गया। अपराध के खौफनाक स्वरूप, समाज पर इसके नकारात्मक प्रभाव और नैतिक व मानवीय मूल्यों के हनन को देखते हुए शासन स्तर पर यह निर्णय लिया गया कि दोषी को किसी भी प्रकार की राहत या समयपूर्व रिहाई नहीं दी जा सकती।

विजयनगर में गेम खेलने के बहाने 4.71 लाख की ठगी (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद से तीसरी खबर विजयनगर से जहां फूल विक्रेता (Flower Seller) के बैंक खाते से मोबाइल पर गेम खेलने के बहाने ₹4.71 लाख की साइबर ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने बेहद शातिराना अंदाज में इस पूरी वारदात को अंजाम दिया और करीब एक साल बाद जाकर इस राज से पर्दा उठा है।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक अक्सर पीड़ित फूल विक्रेता की दुकान पर आता था। उसने धीरे-धीरे दुकानदार से जान-पहचान बढ़ाई और उसका भरोसा जीत लिया। इसके बाद वह ‘टाइमपास’ करने और मोबाइल गेम खेलने के बहाने दुकानदार से उसका फोन मांगने लगा। गेम खेलने के दौरान ही आरोपी ने शातिर तरीके से दुकानदार के फोन का इस्तेमाल कर उसके बैंक खाते से जुड़े गोपनीय डेटा और नेट बैंकिंग/यूपीआई (UPI) क्रेडेंशियल्स तक पहुंच बना ली।

इसके बाद उसने धीरे-धीरे करके खाते से कुल 4.71 लाख ट्रांसफर कर लिए। ठगी की यह वारदात इतनी सफाई से की गई थी कि पीड़ित को तुरंत इसका पता नहीं चला। करीब एक साल बीत जाने के बाद, जब पीड़ित ने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट चेक किया या वित्तीय विसंगति देखी, तब जाकर उसे पता चला कि उसके खाते से लाखों रुपये गायब हो चुके हैं।

राज खुलने के बाद पीड़ित ने तुरंत गाजियाबाद पुलिस और साइबर सेल में इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश और बैंक ट्रांजैक्शन की ट्रेल (पैसों के ट्रांसफर का रूट) खंगालना शुरू कर दिया है।

गाजियाबाद कमिश्नरेट में पुलिसकर्मियों पर बड़ा एक्शन (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की चौथी खबर कमिश्नरेट में पुलिसकर्मियों की लापरवाही को लेकर जहां कमिश्नरेट में पुलिसकर्मियों की लापरवाही और अनुशासनहीनता पर इस साल बेहद सख्त रुख अपनाया गया है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 31 जुलाई तक के 7 महीनों में कुल 193 पुलिसकर्मियों पर बड़ी गाज गिरी है,

जिसके तहत 55 पुलिसकर्मियों को निलंबित (सस्पेंड) किया गया है, जबकि 138 को लाइन हाजिर किया गया है। इस कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस अवधि में औसतन हर 26वें घंटे में एक लापरवाह पुलिसवाला पुलिस कमिश्नर के कड़े एक्शन की जद में आया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सख्त कदम ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने, फरियादियों की शिकायतों पर समय से कार्रवाई न करने, आपराधिक घटनाओं को रोकने में नाकाम रहने और अनुशासनहीन आचरण के मामलों में उठाया गया है। हाल ही में गाजियाबाद के भोजपुर थाने की कस्टडी से एक आरोपी के फरार होने के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई थी,

जिसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त गाजियाबाद पुलिस की फीडबैक सेल पर मिलने वाली शिकायतों के आधार पर भी जांच की गई, जिसमें दोषी पाए जाने पर उप-निरीक्षकों (दरोगा) और मुख्य आरक्षियों के खिलाफ निलंबन की सख्त कार्रवाई की गई है।

गरीब परिवारों को रोजगार और योजनाओं का सहारा (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद की पांचवी खबर रोजगार और विकास प्रशिक्षण से जुड़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन और विकास को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। जिला प्रशासन द्वारा जिले की 141 ग्राम पंचायतों में रहने वाले बेहद गरीब परिवारों को चिह्नित कर उन्हें न सिर्फ विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार व कौशल विकास प्रशिक्षण (Skill Development) से भी जोड़ा जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा… पंचायत सहायकों और सचिवों के माध्यम से परिवारों का सर्वे कराया गया है। इस सर्वे के तहत हर ग्राम पंचायत में सबसे जरूरतमंद और वंचित परिवारों की सूची तैयार की जा रही है। युवाओं और परिवार के सदस्यों को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार कौशल विकास मिशन के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार या स्वरोजगार (Self-Employment) शुरू करने के अवसर मुहैया कराए जाएंगे।

जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) के अनुसार, इन चिह्नित परिवारों को उनकी पात्रता के आधार पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण योजनाओं से संतृप्त (लाभांवित) किया जाएगा।

  • प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना, हर घर नल से जल योजना, शौचालय और विद्युत संयोजन (बिजली कनेक्शन)
  • जन आरोग्य (आयुष्मान) योजना, उज्ज्वला योजना और राशन कार्ड।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) से जोड़ना, श्रम कार्ड और बच्चों की शिक्षा से संबंधित योजनाएं।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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