India GDP 2026: देश की जीडीपी विकास दर 7.8 प्रतिशत रहने के आंकड़ों ने आर्थिक मोर्चे पर जहां उम्मीदें जगाई हैं, वहीं इस पर राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शानदार आर्थिक बढ़त पर देशवासियों को बधाई दी, लेकिन इसी दौरान उन्होंने विपक्ष पर तीखा तंज भी कस दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ दुनिया युद्ध और संकट से जूझ रही है, वहीं भारत तरक्की की राह पर है मगर देश के भीतर कुछ लोग केवल निराशा और झूठ फैलाने में लगे हैं। पीएम के इस बयान के बाद कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने सरकार पर सवालों की झड़ी लगा दी है।
वैश्विक संकट के बीच 7.8% की छलांग: पीएम मोदी का बयान| India GDP 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने अर्थव्यवस्था की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा, “दुनिया युद्ध में डूबी है, अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन चरमराई हुई है और 2020 के कोरोना संकट के बाद से कहीं भी स्थिरता नहीं दिख रही। इसके बावजूद भारत तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। दूसरी तरफ, देश के भीतर कुछ निराशा की गर्त में डूबे लोग सिर्फ झूठ की गूंज और मायूसी फैलाने में जुटे हैं। 7.8 प्रतिशत की यह ग्रोथ हमारी मजबूती का सबूत है और हमें यह रफ्तार बनाए रखनी है।”
मल्लिकार्जुन खरगे का हमला: जनता 3 ‘U’ के बोझ तले दबी
पीएम मोदी के इस बयान के सामने आते ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सीधा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “लाइट्स, कैमरा, इनएक्शन… अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी जी के पीआर (PR) का खेल कुछ ऐसा ही है। आप जीडीपी का जश्न मना रहे हैं, हो सकता है यह सुविधा आपके पास हो, लेकिन आम आदमी के पास नहीं है।”
खरगे ने आरोप लगाया कि देश की जनता आज तीन ‘U’ की मार झेल रही है:
- Unprecedented Unemployment: रिकॉर्ड तोड़ बेरोजगारी
- Unbearable Price Rise: कमरतोड़ महंगाई
- Unbridled Inequality: बेतहाशा बढ़ती आर्थिक असमानता
इन्वेस्टर्स पैसा निकाल रहे हैं, रुपया 100 के करीब: विपक्ष के गंभीर सवाल
कांग्रेस नेता सलमान सोज ने आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन आंकड़ों को बाजीगरी करार देते हुए सवाल किया कि अगर अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है, तो विदेशी निवेशक (FII) भारत से पूंजी क्यों खींच रहे हैं? उन्होंने दावा किया कि साल 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं और निर्यात में हिस्सेदारी भी घट रही है।
वहीं, इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने रुपये की कमजोरी पर तंज कसते हुए कहा, “आज रुपया 100 के करीब पहुंच रहा है, जो आर्थिक सेहत का साफ संकेत है। क्या यह ग्रोथ वाकई आम जनता तक पहुंच रही है या फिर सिर्फ कुछ गिने-चुने नए अरबपति तैयार किए जा रहे हैं?”
आरजेडी नेता मनोज झा ने भी रसोई के बजट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्याज और चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। उन्होंने पूछा कि इन चमचमाते आंकड़ों का गरीब क्या करे, जब उसकी थाली में यह विकास परोसा ही नहीं जा रहा।
निर्मला सीतारमण का जवाब: यह देश की जनता की मेहनत का फल
विपक्ष के चौतरफा हमलों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस उपलब्धि का बचाव किया। रिकॉर्ड सात सालों से वित्त मंत्रालय की कमान संभाल रहीं सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी की विकास दर हासिल करना कोई साधारण बात नहीं है। यह आंकड़ा एनडीए सरकार के नीतिगत सुधारों और देश की जनता के पसीने का नतीजा है। उन्होंने साफ किया कि यह केवल कागजी आंकड़ा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर हर सेक्टर में आ रही मजबूती का सबूत है।












































