Blocked Nose At Night: दिनभर सांस बिल्कुल सामान्य चलती रहती है, लेकिन जैसे ही रात को सोने के लिए बिस्तर पर सिर टिकाया, अचानक नाक बंद हो जाती है और सांस लेना भारी लगने लगता है। अगर आपके साथ भी ऐसा अक्सर होता है, तो जरूरी नहीं कि यह सिर्फ बदलते मौसम या सामान्य सर्दी-जुकाम का असर हो। असल में हमारे शरीर के लेटने की स्थिति, नाक के भीतर ब्लड सर्कुलेशन में बदलाव, नेजल साइकिल, एलर्जी और नाक की अंदरूनी बनावट रात के समय सांस के रास्ते को ब्लॉक कर सकती है।
लेटते ही क्यों भारी हो जाती है नाक?
स्लीप फाउंडेशन (Sleep Foundation) की रिपोर्ट के अनुसार, दिन में जब हम खड़े रहते हैं या बैठे होते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण बल (Gravity) नेजल टिशू पर दबाव को सामान्य बनाए रखता है और म्यूकस आसानी से नीचे बह जाता है। लेकिन जैसे ही हम बिस्तर पर लेटते हैं, शरीर की पोजिशन बदलने से नाक की नसों में खून का जमाव (Blood Pooling) होने लगता है। इससे नेजल म्यूकोसा और टिशूज में सूजन आ जाती है, जिससे हवा गुजरने का रास्ता संकरा हो जाता है और नाक भरी-भरी महसूस होने लगती है।
रात में नाक बंद होने के 5 अन्य प्रमुख कारण| Blocked Nose At Night
- धूल और पालतू जानवरों से एलर्जी: ब्रिटिश हेल्थ एजेंसी (NHS) के मुताबिक, अगर नाक बंद होने के साथ बार-बार छींकें आ रही हैं, नाक या आंखों में खुजली है और आंखों से पानी बह रहा है, तो यह एलर्जी हो सकती है। गद्दे, तकिए में मौजूद डस्ट माइट्स (धूल के कण), पोलन और पालतू जानवरों के बाल रात में एलर्जी ट्रिगर करते हैं।
- नाक की हड्डी का टेढ़ा होना (Deviated Septum): मेयो क्लीनिक के अनुसार, नाक के दोनों छेदों को अलग करने वाली बीच की दीवार (Septum) अगर किसी एक तरफ मुड़ी हो, तो उसे डेविएटेड सेप्टम कहते हैं। हल्का टेढ़ापन आम है, लेकिन ज्यादा मुड़ाव होने पर एक या दोनों तरफ से हवा का बहाव रुक जाता है, जिससे लेटने पर सांस लेने में आवाज और भारीपन होता है।
- साइनस इन्फेक्शन (Sinusitis): क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, साइनस कैविटी की परत में सूजन आने से म्यूकस बाहर नहीं निकल पाता। अगर नाक ब्लॉक होने के साथ चेहरे और माथे पर भारी दबाव, गाढ़ा पीला/हरा बलगम, सूंघने की क्षमता कम होना और तेज सिरदर्द है, तो यह साइनस का संकेत है।
- नॉन-एलर्जिक राइनाइटिस (Non-Allergic Rhinitis): NCBI और मेयो क्लीनिक के मुताबिक, हर बार नाक बंद होने की वजह एलर्जी ही नहीं होती। कमरे का तापमान बदलने, सिगरेट के धुएं, परफ्यूम या प्रदूषण के प्रति संवेदनशीलता के कारण भी नाक की अंदरूनी लाइनिंग सूज जाती है और नाक बहने या बंद होने लगती है।
- नेजल पॉलिप्स (Nasal Polyps): नाक या साइनस की अंदरूनी परत में बनने वाली नर्म, दर्द-रहित और नॉन-कैंसरस गांठों को नेजल पॉलिप्स कहा जाता है। जब इनका साइज बढ़ता है, तो ये सांस का रास्ता रोक देती हैं और रात में बेचैनी बढ़ा देती हैं।
रात में नाक बंद होना हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता, बल्कि कई बार यह प्राकृतिक ‘नेजल साइकिल’ और लेटने के पोस्चर की वजह से होता है। लेकिन अगर यह दिक्कत रोज होने लगे, खर्राटे बढ़ जाएं और नींद पूरी न हो पा रही हो, तो घरेलू नुस्खों के भरोसे रहने के बजाय ईएनटी (ENT) डॉक्टर से जांच कराना ही सही कदम है।












































