दाईं तरफ था दिल, बनावट भी थी अनोखी…सफदरजंग के डॉक्टरों ने रचा इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ ऐसा ऑपरेशन| Safdarjung News

Nandani | Nedrick News Safdarjung Published: 04 अगस्त 2026, 02:28 AM Updated: 04 अगस्त 2026, 02:29 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Safdarjung News: राजधानी के सफदरजंग अस्पताल ने हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने भारत का नाम वैश्विक मेडिकल जगत में और ऊंचा कर दिया है। अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग के डॉक्टरों ने दुनिया में पहली बार एक बेहद दुर्लभ हृदय रोग से पीड़ित मरीज का रोबोटिक सिस्टमिक एट्रियोवेंट्रिकुलर वाल्व रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक किया है। अस्पताल के अनुसार, यह उपलब्धि विश्व स्तर पर अपनी तरह की पहली सर्जरी मानी जा रही है।

इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व CTVS विभाग के प्रमुख डॉ. अनुभव गुप्ता और डॉ. कविता शर्मा की टीम ने किया। डॉक्टरों का कहना है कि मरीज की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन आधुनिक तकनीक और सटीक योजना की मदद से ऑपरेशन सफल रहा।

और पढ़ें: क्या आप भी सिर्फ हरी शिमला मिर्च खाते हैं? लाल और पीली बेल पेपर के फायदे जानकर बदल जाएगी आपकी पसंद| Capsicum Benefits

मरीज को थीं जन्म से दो दुर्लभ हृदय संबंधी बीमारियां| Safdarjung News

अस्पताल के मुताबिक, मरीज जन्म से ही दो दुर्लभ हृदय रोगों से जूझ रहा था। पहली बीमारी कंजेनिटली करेक्टेड ट्रांसपोजिशन ऑफ द ग्रेट आर्टरीज (CCTGA) थी, जिसमें दिल की आंतरिक संरचना सामान्य लोगों से अलग होती है। इसके कारण दिल के एक हिस्से को पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है।

दूसरी समस्या डेक्स्ट्रोकार्डिया थी, जिसमें दिल सामान्य रूप से बाईं ओर होने के बजाय सीने के दाईं तरफ होता है। समय के साथ मरीज का एक महत्वपूर्ण हार्ट वाल्व खराब हो गया था और उसमें रिसाव शुरू हो गया था। इससे हृदय की कार्यक्षमता लगातार प्रभावित हो रही थी और समय पर इलाज नहीं होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

ऐसे किया गया दुनिया का पहला ऑपरेशन

डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मरीज के दिल की असामान्य स्थिति थी। आमतौर पर इस तरह की सर्जरी सीने के दाईं ओर से की जाती है, लेकिन इस मरीज का दिल दाईं तरफ होने के कारण डॉक्टरों ने पहली बार सीने की बाईं ओर से ऑपरेशन करने का फैसला लिया।

सर्जरी से पहले मरीज के दिल की थ्री-डी इमेज तैयार की गई, ताकि उसकी जटिल संरचना को विस्तार से समझा जा सके। इसके बाद पारंपरिक तरीके से छाती की हड्डी काटने के बजाय छोटे-छोटे चीरे लगाए गए। इन्हीं छिद्रों के जरिए रोबोटिक मशीन और हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे की मदद से वाल्व रिप्लेसमेंट की प्रक्रिया पूरी की गई।

रोबोटिक तकनीक से मिले कई बड़े फायदे

इस आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से मरीज की छाती की हड्डी नहीं काटनी पड़ी। इसके कारण ऑपरेशन के दौरान खून कम बहा, संक्रमण का खतरा भी काफी कम रहा और मरीज को सामान्य सर्जरी की तुलना में कम दर्द हुआ।

अस्पताल ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहा है और उसकी रिकवरी उम्मीद से बेहतर रही है। रोबोटिक सर्जरी की वजह से मरीज जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।

भारतीय चिकित्सा जगत के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?

सफदरजंग अस्पताल का कहना है कि दुनिया में पहली बार किसी ऐसे मरीज का यह रोबोटिक ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है, जिसका दिल दाईं ओर था और जिसे जन्म से दो दुर्लभ हृदय रोग थे।

यह सफलता सिर्फ़ एक मरीज़ के इलाज तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय डॉक्टरों की एक्सपर्टीज़, मॉडर्न टेक्नोलॉजी के उनके असरदार इस्तेमाल और मुश्किल सर्जरी करने की उनकी काबिलियत को भी दिखाती है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि इस कामयाबी से भविष्य में ऐसे रेयर केस के इलाज में आसानी होगी और ग्लोबल हेल्थ सेक्टर में भारत की जगह और मजबूत होगी।

और पढ़ें: ब्राउन या सफेद अंडा? कौन है ज्यादा हेल्दी, जानिए इस सवाल का सही जवाब| Brown eggs benefits

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds