JPSC-JSSC Recruitment Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। रांची में चल रहा सत्याग्रह रविवार को नौवें दिन भी जारी रहा। इस बीच आंदोलन को नया मोड़ देते हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने वीडियो कॉल के जरिए प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत कर उनके आंदोलन को अपना समर्थन देने का ऐलान किया।
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अभिजीत दिपके ने छात्रों को दिया समर्थन| JPSC-JSSC Recruitment Scam
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत की है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी झारखंड के छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन करती है।
Spoke to the students who are protesting in Jharkhand over irregularities in JPSC and JSSC recruitment exams.
The CJP stands with all the students in Jharkhand and support their demands. pic.twitter.com/lLSRhFVpv1
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) August 2, 2026
वीडियो कॉल के दौरान दिपके ने छात्रों से कहा कि उनके आंदोलन को मजबूत करने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की जायज मांगों को आगे बढ़ाने में पार्टी पूरी ताकत से उनके साथ रहेगी।
नौवें दिन भी जारी रहा सत्याग्रह
रांची में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा।
आंदोलन को और तेज करते हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना है कि सरकार अब तक छात्रों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय लेने में विफल रही है।
छात्रों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना, विवादित परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित JPSC, JSSC-CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराना तथा कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है।
देवेंद्र नाथ महतो ने आरोप लगाया कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी हुए करीब एक माह बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि इससे अभ्यर्थियों में निराशा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
जांच का दायरा बढ़ने की चर्चा
इस बीच भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही एजेंसियों ने कुछ अहम जानकारियां जुटाई हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा अब केवल JPSC तक सीमित नहीं रहा, बल्कि JSSC की कुछ भर्ती परीक्षाओं तक भी बढ़ाए जाने की बात सामने आ रही है।
हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू किया था।
फिलहाल छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन और सत्याग्रह जारी रहेगा।































