Vijay Goel MCD Delhi Statement: दिल्ली में सरकारी अधिकारियों और नगर निगम (MCD) के ढुलमुल कामकाज को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने बड़ा हमला बोला है। राजधानी की सड़कों, साफ-सफाई, सीवर, बिजली और पानी जैसी बुनियादी समस्याओं का समय पर समाधान न होने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई है। विजय गोयल ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि आज स्थिति ऐसी हो गई है कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों (सांसद, विधायक और पार्षदों) को अफसरों से काम कराने के लिए उनके आगे ‘गिड़गिड़ाना’ पड़ रहा है, फिर भी जरूरी काम अटके पड़े हैं।
‘क्या विडंबना है… अफसर काम नहीं कर रहे’: सोशल मीडिया पर छलका दर्द| Vijay Goel MCD Delhi Statement
पूर्व राज्यसभा सांसद विजय गोयल ने 25 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखकर सरकारी मशीनरी के काम करने के ढर्रे पर गंभीर सवाल खड़े किए।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “क्या विडम्बना है, MCD और सरकार के अफसर काम नहीं कर रहे हैं। सांसद, विधायक और कॉरपोरेटर उनसे काम कराने के लिए गलियों और सड़कों के धक्के खा रहे हैं। अगर कहीं से थोड़ा कूड़ा उठवा दिया जाता है, तो ऐसा लगता है जैसे कोई बहुत बड़ा तीर मार लिया हो।”
क्या विडम्बना है एमसीडी और सरकार के अफसर काम नहीं कर रहे और सांसद, एमएलए और कॉरपोरेटर उनसे काम करने के लिए गलियों सड़कों के धक्के खा रहे हैं। कहीं से कूड़ा उठवा देते हैं, तो लगता है बहुत बड़ा काम करवा लिया। ये नहीं देखते इन अफसरों के होते हुए कूड़ा होना ही क्यों था।
नाली खड़ंजा…— Vijay Goel (@VijayGoelBJP) August 25, 2026
विजय गोयल ने अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आगे कहा कि अधिकारी यह कभी नहीं सोचते कि व्यवस्था ऐसी क्यों नहीं है कि कूड़ा जमा ही न हो। जनता अपने क्षेत्र की नाली, खड़ंजा, सड़क, सीवर और पानी-बिजली जैसी दिक्कतों को दूर करने के लिए नेताओं को चुनती है, लेकिन इसके बाद चुने हुए जन प्रतिनिधियों को अफसरों के चक्कर काटने पड़ते हैं और गिड़गिड़ाने के बाद भी जमीनी स्तर पर काम नहीं हो पाता।
अपनी ही पार्टी के निजाम पर उठ गए सवाल?
विजय गोयल का यह हमला सीधे तौर पर भले ही बेपरवाह अफसरशाही के खिलाफ हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसने हलचल मचा दी है। इसका मुख्य कारण यह है कि दिल्ली के नगर निगम और प्रशासनिक ढांचे में सत्ता का सीधा संबंध बीजेपी से भी जुड़ा है। ऐसे में अपनी ही व्यवस्था के खिलाफ एक कद्दावर सीनियर नेता का यह दर्द सामने आना चर्चा का विषय बन गया है।
इधर सीएम रेखा गुप्ता ने गिनाए काम: ‘सक्षम हाथों में है दिल्ली’
एक तरफ जहां विजय गोयल ने प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का रुख इससे बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि राजधानी अब सक्षम हाथों में है और तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रही है।
सीएम ने माना कि दिल्ली में सीवेज और पीने के पानी की किल्लत हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है और शहर के करीब आधे इलाके पानी और पुरानी सीवर लाइनों की समस्याओं से लंबे समय तक जूझते रहे हैं। लेकिन अब इन समस्याओं के पक्के समाधान के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से 2,500 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक मदद को मंजूरी मिल चुकी है। इस वित्तीय पैकेज के मिलने के बाद दिल्ली जल बोर्ड ने वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड करने और उसमें सुधार लाने के लिए 805 करोड़ रुपये के बड़े विकास कार्यों को हरी झंडी दे दी है।













































