PV Sindhu World Championship: सोमवार से दिल्ली में बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप का आगाज होने जा रहा है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियों को लेकर माहौल गर्म है। प्रैक्टिस सेशन में पीवी सिंधु, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की जोड़ी, लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी, उन्नति हुड्डा और गायत्री गोपीचंद-त्रिशा जॉली पर खास नजर रही। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता और वर्ल्ड चैंपियनशिप की सबसे सफल महिला सिंगल्स खिलाड़ियों में शामिल पीवी सिंधु की रही।
जापान ओपन की जीत ने बढ़ाया आत्मविश्वास| PV Sindhu World Championship
सिंधु ने महज एक महीने पहले 31 साल की उम्र में जापान ओपन का खिताब अपने नाम किया था। इस जीत ने उन्हें वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले जरूरी आत्मविश्वास दिया है। हालांकि, वह टूर्नामेंट को लेकर किसी तरह का बड़ा दावा नहीं कर रही हैं। सिंधु का कहना है कि वह मुकाबले को एक-एक करके आगे बढ़ाना चाहती हैं।
उनके लिए इस बार सबसे बड़ा प्लस पॉइंट घरेलू माहौल भी है। दिल्ली में भारतीय फैंस की मौजूदगी सिंधु को अतिरिक्त ऊर्जा दे सकती है। यही वजह है कि वह सात साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप में फिर पदक जीतने की उम्मीद लेकर उतर रही हैं।
बचपन की यादों से जुड़ा है वर्ल्ड चैंपियनशिप का सफर
सिंधु का इस टूर्नामेंट के साथ रिश्ता काफी पुराना और खास है। 2009 में जब हैदराबाद में वर्ल्ड चैंपियनशिप आयोजित हुई थी, तब वह एक छोटी लड़की थीं। उस वक्त वह बड़े बैडमिंटन सितारों के साथ तस्वीरें खिंचवाती थीं और इस टूर्नामेंट को दूर से एक सपने की तरह देखती थीं। आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। वही सिंधु खुद वर्ल्ड चैंपियनशिप की सबसे बड़ी भारतीय स्टार हैं और दिल्ली में अपने फैंस के सामने उतरने वाली हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पता है कि यहां दर्शकों का उन्हें जबरदस्त समर्थन मिलेगा।
2013 में पहला पदक, 2019 में बनीं वर्ल्ड चैंपियन
सिंधु ने 2013 में चीन के गुआंगझोऊ में वर्ल्ड चैंपियनशिप का अपना पहला पदक जीता था। इसके बाद 2019 में स्विट्जरलैंड के बाज़ल में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। अब 2019 के बाद सात साल के अंतराल में वह एक बार फिर इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पदक की तलाश में हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंधु ने दिल्ली में होने वाली चैंपियनशिप को खास बताते हुए कहा कि लंबे समय बाद यह बड़ा टूर्नामेंट भारत में हो रहा है। जापान ओपन की जीत से मिले आत्मविश्वास और घरेलू फैंस के समर्थन के साथ वह पदक जीतने की उम्मीद कर रही हैं।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिंधु के नाम सबसे ज्यादा पदक
महिला सिंगल्स में पीवी सिंधु और चीन की झांग निंग के नाम पांच-पांच पदक हैं, जो इस इवेंट में सबसे ज्यादा हैं। सिंधु ने एक गोल्ड, दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। दूसरी ओर, पुरुष सिंगल्स में चीन के लिन डैन और पार्क जू बॉन्ग के नाम पांच-पांच गोल्ड हैं। मिक्स्ड डबल्स में चीन की झाओ यूनलेई सबसे आगे हैं, जिन्होंने कुल 10 पदक जीते हैं। इनमें पांच गोल्ड, दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज शामिल हैं।
भारत के पदकों में भी सिंधु सबसे आगे
वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की पदक सूची में सिंधु का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। उनके नाम कुल पांच पदक हैं। प्रकाश पादुकोण ने एक ब्रॉन्ज, साइना नेहवाल ने एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज, किदांबी श्रीकांत ने एक सिल्वर और बी. साई प्रणीत ने एक ब्रॉन्ज जीता है। लक्ष्य सेन के नाम भी एक ब्रॉन्ज है। डबल्स में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की जोड़ी दो ब्रॉन्ज जीत चुकी है। ज्वाला गुट्टा-अश्विनी पोनप्पा और एचएस प्रणॉय ने भी एक-एक ब्रॉन्ज पदक हासिल किया है।
सुरक्षा कड़ी, फैंस को अब कोर्ट पर एक्शन का इंतजार
दिल्ली में टूर्नामेंट शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था भी काफी सख्त नजर आई। खिलाड़ियों और आयोजन स्थल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। वॉलेंटियर्स और पीआर टीम की गतिविधियों पर भी लगातार नजर बनी हुई है। अब नजरें कोर्ट पर होने वाले मुकाबलों पर हैं। भारतीय फैंस को उम्मीद है कि सिंधु समेत भारतीय खिलाड़ी घरेलू माहौल का फायदा उठाएंगे और दिल्ली में वर्ल्ड चैंपियनशिप को यादगार बना देंगे।











































