नेपाल जलप्रलय में अब तक 626 की मौत, मलबे में अपनों को ढूंढती बेबस जिंदगियां | Nepal Flood Update

Rajni | Nedrick News Nepal Published: 29 अगस्त 2026, 08:37 PM Updated: 29 अगस्त 2026, 08:40 PM
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Nepal Flood Update News: आपदा आती है, तबाही मचाती है और चली जाती है, लेकिन पीछे छोड़ जाती है वो सिर्फ मलबे में तब्दील हो चुकी जिंदगियां, कभी न भरने वाले गहरे जख्म और अपनों को खोने का वो असीम दर्द, जिसे दुनिया का कोई भी शब्द बयां नहीं कर सकता। नेपाल में आई इस भीषण जलप्रलय ने हंसते-खेलते परिवारों को पल भर में उजाड़ दिया है। आज काठमांडू के अस्पतालों के बाहर लगी अपनों की तस्वीरें और मलबे के बीच अपनों को ढूंढती बेबस आंखें चीख-चीख कर इस मानवीय त्रासदी की दास्तान सुना रही हैं

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616 लोगों की मौत (Nepal Flood Update)

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि नेपाल में आई त्रासदी (Nepal Flood Update) के बाद मृतकों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। नेपाल पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 2,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। सेना और स्थानीय प्रशासन मलबे को हटाकर जिंदगियों को तलाशने में जुटे हैं, लेकिन भारी कीचड़ के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आ रही हैं। भीषण गर्मी और पानी के बीच मलबे में दबे शवों (लाशों) से आ रही दुर्गंध अब रेस्क्यू टीम और स्थानीय लोगों को परेशान कर रही है,

जिससे वहां महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। काठमांडू के बीर अस्पताल और टीयू टीचिंग हॉस्पिटल के बाहर अपनों की तलाश में आए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लापता लोगों के पोस्टर दीवारों पर चस्पा किए जा रहे हैं और मॉर्चरी के बाहर अपनों की शिनाख्त के लिए चीख-पुकार मची हुई है।

अपनों की तलाश में लोग

काठमांडू के अस्पतालों के बाहर उमड़ी इस बेबस भीड़ में एक चेहरा पेमला तमांग का भी है। पेमला अपने हाथ में लापता अंकल की तस्वीर लेकर उन्हें पागलों की तरह ढूंढ रही हैं। उनके अंकल नेपाल-चीन सीमा के पास एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करते थे, लेकिन इस भयानक सैलाब के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

भारी मन और आंखों में आंसू लिए पेमला कहती हैं कि वे खुद मलबे के बीच उन्हें तलाशने जाना चाहती हैं, बस सरकार से थोड़ी मदद की उम्मीद है। पेमला जैसी न जाने कितनी आंखें आज काठमांडू की दीवारों पर चिपकाए पोस्टरों में अपनी पूरी कायनात ढूंढ रही हैं।

कुदरत के इस भयानक रूप ने नेपाल को ऐसे जख्म दिए हैं जिन्हें भरने में सालों लग जाएंगे। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और हर कोई मलबे में फंसे लोगों की सलामती की दुआ कर रहा है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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