Roman Saini Success Story: देश के एडटेक (ऑनलाइन एजुकेशन) सेक्टर से एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा सौदा सामने आया है। कभी भारतीय स्टार्टअप जगत में धूम मचाने वाली ऑनलाइन लर्निंग कंपनी अनएकेडमी (Unacademy) को प्रतियोगी कंपनी अपग्रैड (upGrad) ने खरीद लिया है। यह पूरा अधिग्रहण करीब 200 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1,890 करोड़ रुपये में हुआ है।
इस मेगा डील के साथ ही कंपनी के शुरुआती को-फाउंडर रोमन सैनी का असाधारण सफर एक बार फिर लोगों की जुबान पर आ गया है। डॉक्टर से आईएएस अधिकारी और फिर एक कामयाब आंत्रप्रेन्योर बनने की उनकी कहानी आज भी लाखों युवाओं को हैरान करती है।
16 में AIIMS, 22 की उम्र में बने IAS और फिर डेढ़ साल में इस्तीफा| Roman Saini Success Story
रोमन सैनी की काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महज 16 साल की उम्र में देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास कर ली थी। नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित एम्स (AIIMS) से एमबीबीएस पूरा करने के बाद उन्होंने वहीं बतौर जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर सेवाएं दीं। लेकिन उनकी मंजिल यहीं खत्म नहीं हुई। महज 22 साल की उम्र में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 18वीं रैंक हासिल कर ली। वे 2014 बैच के आईएएस अधिकारी बने और उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला। हालांकि, देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा में उनका मन ज्यादा दिन नहीं लगा। महज डेढ़ साल की नौकरी के बाद उन्होंने आईएएस पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया।
यूट्यूब चैनल से 32 हजार करोड़ की कंपनी बनने का सफर
सिविल सेवा में रहते हुए भी रोमन ऑनलाइन यूपीएससी एस्पिरेंट्स को गाइड करते थे। इसी दौरान उन्हें समझ आया कि तकनीक के जरिए शिक्षा को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया जा सकता है। दरअसल, अनएकेडमी की नींव 2010 में गौरव मुंजाल ने एक यूट्यूब चैनल के तौर पर रखी थी। साल 2015 में गौरव मुंजाल, रोमन सैनी और हेमेश सिंह ने मिलकर इसे एक फुल-फ्लेज्ड बिजनेस मॉडल का रूप दिया। शुरुआत में यूपीएससी की तैयारी से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) और नीट (NEET) जैसी तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं तक फैल गया। रोमन के मुताबिक, शुरुआती दिनों में अच्छे टीचर्स को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए राजी करना सबसे टेढ़ी खीर था। पहले महीने में उन्होंने खुद 200 से ज्यादा टीचर्स को फोन कर प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए मनाया था।
कोरोना काल में बूम, 3.44 अरब डॉलर तक पहुंची थी वैल्यूएशन
कोरोना महामारी के दौरान जब स्कूल-कॉलेज बंद हुए, तो अनएकेडमी का बिजनेस आसमान छूने लगा। प्लेटफॉर्म पर हर महीने 1 लाख से ज्यादा लाइव क्लासेस चलने लगीं और पेड सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा 10 लाख के पार पहुंच गया। अगस्त 2021 में कंपनी ने टेमासेक (Temasek) की अगुवाई में 440 मिलियन डॉलर की बड़ी सीरीज-एच फंडिंग जुटाई, जिसमें सॉफ्टबैंक, टाइगर ग्लोबल, जनरल अटलांटिक और मिराए एसेट जैसे दिग्गज वैश्विक निवेशकों ने पैसा लगाया। उस समय अनएकेडमी का मूल्यांकन (वैल्यूएशन) 3.44 अरब डॉलर (करीब 32,628 करोड़ रुपये) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। कंपनी ने कुल मिलाकर करीब 860 मिलियन डॉलर जुटाए और प्रेपलैडर (PrepLadder), क्रिएट्रीक्स (Kreatryx), कोर्सैवी (Coursavy) और कोडशेफ (CodeChef) जैसी कंपनियों को खरीदकर अपना तेजी से विस्तार किया।
महामारी के बाद एडटेक का डाउनफॉल और अपग्रैड से डील
कोरोना का असर कम होते ही और ऑफलाइन कोचिंग सेंटर दोबारा खुलते ही पूरे एडटेक सेक्टर में मंदी का दौर शुरू हो गया। अनएकेडमी की विकास दर भी सुस्त पड़ने लगी और कंपनी पर खर्च घटाने का भारी दबाव आ गया। अब रॉनी स्क्रूवाला की कंपनी upGrad द्वारा अनएकेडमी को लगभग 200 मिलियन डॉलर (1890 करोड़ रुपये) में खरीदा जाना यह साफ दिखाता है कि एडटेक सेक्टर का मूल्यांकन किस कदर गिरा है। यह कीमत 2021 के पीक वैल्यूएशन का महज एक छोटा सा हिस्सा है।












































