LPU Controversy: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) का परिसर रविवार शाम से लेकर रातभर जंग के मैदान में तब्दील रहा। गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की खबर फैलते ही हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। गुस्साए छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर जमकर तोड़फोड़ की, कुछ जगहों पर आग लगा दी और बाहर निकलकर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) को पूरी तरह जाम कर दिया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके जवाब में छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। इस भारी बवाल के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 28 सितंबर 2026 से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं सस्पेंड कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई हैं।
प्लंबर पर दुष्कर्म का आरोप, वार्डन की अनदेखी से भड़के छात्र| LPU Controversy
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि गर्ल्स हॉस्टल नंबर 3 में रहने वाली एक छात्रा के साथ तीन दिन पहले परिसर के अंदर ही एक प्लंबर ने दुष्कर्म किया था। छात्रों का दावा है कि पीड़िता ने तुरंत हॉस्टल वार्डन से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की गई। इसके बाद आहत होकर पीड़िता अपने घर लौट गई। जब यह बात साथी छात्रों तक पहुंची, तो वे इंसाफ की मांग को लेकर लामबंद हो गए और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।
विमान और सेना के टैंक पर चढ़े छात्र, पुलिस की गाड़ियां फूंकीं
रविवार को कैंपस में बेहद तनावपूर्ण हालात देखने को मिले। आक्रोशित छात्र प्रदर्शन करते हुए यूनिवर्सिटी परिसर में शोकेस के लिए रखे गए सेवामुक्त मिग-23यूएम लड़ाकू विमान और सेना के टैंक पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। शाम के वक्त जब पुलिस सुबह 8 बजे से NH-44 जाम किए बैठे छात्रों को हटाने पहुंची, तो नौबत झड़प तक आ गई। छात्रों ने पानी की बोतलें फेंकी, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। भागकर कैंपस में घुसे छात्रों ने वहां से पुलिस पर भारी पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी चोटिल हो गए। जालंधर देहात के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के अनुसार, उग्र भीड़ ने पुलिस के दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जबकि कुल 4 से 5 गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं।
2000 से ज्यादा जवान तैनात, अफसरों ने संभाला मोर्चा
हालात की नजाकत को देखते हुए एडीजीपी एमएफ फारूकी के नेतृत्व में जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह, जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कैंपस में शांति बहाली के लिए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
एडीजीपी फारूकी ने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा, “हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। कैंपस में कानून-व्यवस्था बहाल कर दी गई है और स्थिति नियंत्रण में है।” वहीं पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि हॉस्टलों के भीतर किसी तरह की गड़बड़ी की बातें सिर्फ अफवाह थीं, सभी हॉस्टलों की जांच कर ली गई है और NH-44 पर भी यातायात सामान्य करा दिया गया है।
FIR दर्ज, जांच के लिए SIT बनी
डीआईजी नवीन सिंगला ने जानकारी दी कि छात्रों के बयानों के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें छात्रों के प्रतिनिधियों को भी भरोसे में लिया जाएगा। पुलिस अब परिसर के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और फॉरेंसिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है। छात्राओं ने यह मांग भी रखी है कि गर्ल्स हॉस्टल के पूरे स्टाफ में केवल महिलाएं ही तैनात हों, जिस पर प्रशासन ने सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया है।
यूनिवर्सिटी ने दावों को नकारा, परीक्षाएं स्थगित
दूसरी ओर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दुष्कर्म की घटना को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज एक अफवाह बताया है। वीसी जसपाल सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी को ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है, फिर भी वे पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने संस्थान की छवि खराब करने के इरादे से यह भ्रम फैलाया है।
तनाव को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए कक्षाएं निलंबित कर दी हैं और मिड-सेम परीक्षाएं अगले आदेश तक टाल दी हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे माता-पिता से बात करके 10 दिनों के लिए घर जा सकते हैं, जबकि हॉस्टल में रुकने वाले छात्रों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और अपडेट्स के लिए केवल यूएमएस (UMS) पोर्टल पर भरोसा करने को कहा गया है।
गौरतलब है कि पंजाब में किसी यूनिवर्सिटी में बवाल की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे ठीक एक दिन पहले पटियाला स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में भी दो छात्राओं की आत्महत्या के दावों को लेकर छात्रों ने पुलिस की गाड़ी फूंक दी थी, जिसके बाद वहां भी शैक्षणिक गतिविधियां 1 अक्टूबर तक रोक दी गई हैं।














































