कनाडा में सिखी की खुशबू समेटे गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार, विशाल निशान साहिब है खास पहचान – Canada Gurdwara

Shikha Mishra | Nedrick News Canada Published: 22 अगस्त 2026, 06:11 PM Updated: 22 अगस्त 2026, 06:11 PM
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Canada Gurdwara: भारत के बाहर दूसरा पंजाब कहलाने वाला एक देश, जहां करीब 8 लाख की आबादी सिखों की है.. समय के साथ सिखों की पहली पसंद बनने वाले विदेशी देशों में से एक है कनाडा। कभी सिखों को अस्वीकर करने वाले कनाडा की अर्थव्यवस्था आज वहां के सिखों से मजबूत बनी हुई है। लेकिन वहां की परंपरा और संस्कृति में सिख धर्म की कितनी मजबूत निष्ठा है वो आपको यहां मौजूद गुरुद्वारों को देखकर पता चलती है। इन्ही गुरुद्वारों में एक ऐसा गुरुद्वारा है जो वहां अपने सबसे उंचे निशानसाहिब के लिए प्रचलित है। शहर मे दूर से ही दिखने वाले निशान साहिब प्रतीक है इस बात का कि ये शहर, ये क्षेत्र सिक्खी की खूश्बू को समेटे हुए है.. जी हां, दुनिया के सबसे उंचे 12 निशान साहिबों में से एक को धारण करने वाले पवित्र गुरुद्वारों में से एक है गुरूद्वारा गुरु नानक दरबार। जो कनाडा में फलने फूलने वाले सिख धर्म का कहानी को और ज्यादा मजबूती देता है।

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कनाडा का गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार

कनाडा के मॉन्ट्रियल  शहर में वहां के फेमस  सेंट जोसेफ ऑरेटरी के समान ही महत्व रखने वाला गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार साहिब.. जहां एक विशाल निशान साहिब बेहद शान से लहरा रहा है। ये निशान साहिब 172 फीट का है। साल 2001 में मॉन्ट्रियल  शहर के सिखों ने गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार की स्थापना की थी इस वक्त से मॉन्ट्रियल लासेल में है जिसका ऑफिसर एड्रैस 7801 रू कॉर्डनर, मॉन्ट्रियल, QC, कनाडा है। गुरुद्वार गुरु नानक दरबार 2 मंजिला एक भव्य इमारत है… जिसके पहले ग्राउंड फ्लोर पर एक बड़ा लंगर हॉल बना हुआ है साथ ही एक कम्युनिटी किचन भी मौजूद है, गुरुद्वारे में आने वाले हर आगंतुक के लिए यहां भोजन की व्यवस्था होती है।

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पहली मंजिल पर दीवान हॉल मौजूद

एक रिकॉर्ड बताते है कि अपने निर्माण के 6 साल के अंदर ही करीब 15 लाख लोगो ने लंगर हॉल में खाना खाया था। वहीं पहली मंजिल पर दीवान हॉल मौजूद है, जहां दरबार साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया जाता है.. यहां संगते आकर बैठती है, पाठ करती है, भजन कीर्तन किया जाता है। इस दीवान हॉल में एक साथ 100 से ज्यादा लोग बैठ कर गुरबाणी का पाठ करते है। गुरुद्वारे के साथ साथ सामुदायिक हॉल है, जिसमें मॉन्ट्रियल में रहने वाले सभी सिख संगतो की कक्षा लगाई जाती है, यहां रहने वाले बच्चें जिन्हें पंजाबी भाषा औऱ सिख धर्म का इतिहास नहीं पता है, उनके लिए विशेष रूप से क्लासेस लगाई जाती है, ताकि विदेश में रह कर भी वो अपनी मूल भूमि, और अपनी सिख संस्कृति औऱ परंपरा से दूर न हो।

गुरुद्वारे में आते है मूल कानाडाई लोग

ये गुरुद्वारा अपनी शांत माहौल और भक्तिमय संगीत के लिए काफी प्रचलित हो गया है, जिससे यहां रहने वाले मूल कानाडाई लोग भी गुरुद्वारे में आकर यहां की शांति को महसूस करते है। गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार रोजाना सुबह 3 बजे ही खुलता है और रात को 9 बजे तक भक्तों के लिए खुला रहता है.. साथ ही ये हफ्ते के सातों दिन खुला रहता है। रविवार के दिन यहां विशेष महत्व है, और संगतो की भीड़ ज्यादा होती है। इस गुरुद्वारे की सारी देखरेख यहां रहने वाले सिख कन्युनीटी के लोग ही करते है। वहीं त्योहारों के समय, जैसे गुरुपर्व, लोहड़ी, बैसाखी में विशेष धूम होती है.. पूरा शहर ढ़ोल नगाड़ो औऱ गुरबाणी के आवाज से गूंज उठता है। कनाडा में मौजूद ये गुरुद्वारे सबूत है यहां पर सिख धर्म के फलने फूलने और बढ़ने के।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

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