Rahul Bansal Bribery Case: छत्तीसगढ़ में तैनात ट्रेनी IPS अधिकारी राहुल बंसल इन दिनों कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में हैं। आरोप है कि ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने दो किस्तों में 50-50 लाख रुपये की रकम हवाला के जरिए ली। मामले में सरगुजा के साइबर थाने में तैनात दो सब-इंस्पेक्टर के नाम भी सामने आए हैं। अब इस मामले ने कानूनी रूप ले लिया है और दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष CBI अदालत ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी को नोटिस जारी कर Action Taken Report पेश करने का निर्देश दिया है।
WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग से खुला मामला| Rahul Bansal Bribery Case
मामले की शुरुआत शिकायत से हुई। आरोप है कि मई 2026 में राहुल बंसल से जुड़े एक कथित रिश्वत लेन-देन में 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में रकम हवाला के जरिए पहुंचाई गई। इस पूरे मामले में व्हाट्सऐप कॉल की रिकॉर्डिंग को अहम बताया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद मामले को CBI तक पहुंचाया गया और जांच शुरू हुई। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अब अदालत भी मामले पर नजर रख रही है। राउज एवेन्यू स्थित विशेष CBI अदालत ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी करते हुए मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने को कहा है। हालांकि, राहुल बंसल पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
कौन हैं ट्रेनी IPS राहुल बंसल?
राहुल बंसल मूल रूप से राजस्थान के जयपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 26 जून 1994 को हुआ था। वह 2022 बैच के IPS अधिकारी हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला है। फिलहाल वह ट्रेनिंग पीरियड में हैं और सरगुजा जिले में पोस्टेड बताए जा रहे हैं। राहुल ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 में सफलता हासिल की थी। उन्होंने 377वीं रैंक हासिल कर IPS में जगह बनाई। बताया जाता है कि UPSC क्लियर करने के लिए उन्होंने कई प्रयास किए और पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की।
IPS बनने से पहले इनकम टैक्स विभाग में थे
राहुल बंसल का करियर IPS बनने से पहले भी सरकारी सेवा से जुड़ा रहा है। वह भारत सरकार के आयकर विभाग में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर काम कर चुके हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में करीब एक साल 11 महीने तक इस पद पर सेवाएं दीं। इसके अलावा वह एक IT कंपनी में Associate Engineer के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो वह BTech डिग्रीधारी हैं।
दो सब-इंस्पेक्टर भी जांच के दायरे में
एक करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में सिर्फ ट्रेनी IPS अधिकारी का नाम ही चर्चा में नहीं है। आरोपों के मुताबिक, सरगुजा के साइबर थाने में तैनात दो सब-इंस्पेक्टर की भूमिका भी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित रकम का लेन-देन किस तरह हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
अब विशेष CBI अदालत के निर्देश के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है। डीजीपी की ओर से पेश की जाने वाली एक्शन टेकन रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकता है कि आरोपों के बाद पुलिस विभाग ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।














































