MS Dhoni Pension: भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धोनी भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता आज भी करोड़ों फैंस के बीच कायम है। आईपीएल में खेलते हुए धोनी लगातार चर्चा में बने रहते हैं। इसी बीच क्रिकेट प्रेमियों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या बीसीसीआई अपने पूर्व खिलाड़ियों को पेंशन देता है और अगर देता है तो 90 टेस्ट मैच खेलने वाले एमएस धोनी को हर महीने कितनी राशि मिलती है?
इसका जवाब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की पूर्व खिलाड़ियों के लिए बनाई गई पेंशन योजना में मिलता है। बीसीसीआई अपने पूर्व क्रिकेटरों और अंपायरों को उनके क्रिकेट करियर में किए गए योगदान के आधार पर मासिक पेंशन देता है। खिलाड़ियों ने कितने टेस्ट या प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, उसी के अनुसार उनकी पेंशन कैटेगरी तय की जाती है।
90 टेस्ट खेलने वाले धोनी किस पेंशन कैटेगरी में आते हैं? MS Dhoni Pension
महेंद्र सिंह धोनी ने भारत के लिए 90 टेस्ट मैच खेले हैं। बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक, 25 या उससे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले पूर्व पुरुष क्रिकेटर सबसे ऊंची पेंशन श्रेणी में आते हैं। इस कैटेगरी के तहत पात्र खिलाड़ियों को हर महीने 70 हजार रुपये पेंशन दी जाती है। हालांकि बीसीसीआई किसी भी खिलाड़ी की व्यक्तिगत पेंशन राशि सार्वजनिक नहीं करता है, लेकिन नियमों के आधार पर 90 टेस्ट खेलने वाले धोनी इस श्रेणी के पात्र माने जाते हैं।
धोनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में भारत को कई बड़ी उपलब्धियां दिलाईं। उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2007, वनडे वर्ल्ड कप 2011 और चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जैसे बड़े खिताब जीते। यही वजह है कि उनके क्रिकेट योगदान को हमेशा खास माना जाता है।
कैसे तय होती है BCCI की पेंशन?
बीसीसीआई की पेंशन योजना में खिलाड़ियों को उनके अनुभव और मैचों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है।
- 25 या उससे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले पूर्व पुरुष क्रिकेटर: 70,000 रुपये प्रति माह
- 25 से कम टेस्ट मैच खेलने वाले पूर्व पुरुष क्रिकेटर: 60,000 रुपये प्रति माह
- 75 या उससे ज्यादा प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले पात्र खिलाड़ी: 45,000 से 52,500 रुपये प्रति माह
- 50 से 74 प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले खिलाड़ी: 30,000 रुपये प्रति माह
- पूर्व अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर: पात्रता के अनुसार 30,000 से 52,500 रुपये प्रति माह
इस योजना का उद्देश्य उन खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग देना है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक योगदान दिया है।
क्या IPL खेलने से पेंशन पर पड़ता है असर?
कई लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि अगर कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी आईपीएल खेल रहा है तो क्या उसे बीसीसीआई की पेंशन मिलती है? इसका जवाब है- हां। बीसीसीआई की पेंशन योजना खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में योगदान पर आधारित होती है। केवल आईपीएल में खेलते रहने की वजह से कोई खिलाड़ी पेंशन के लिए अयोग्य नहीं हो जाता।
महेंद्र सिंह धोनी इसका बड़ा उदाहरण हैं। वह साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए लगातार खेलते रहे हैं। इसके बावजूद उनकी पेंशन पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ता।
धोनी की लोकप्रियता आज भी बरकरार
धोनी भारतीय क्रिकेट के उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिनकी लोकप्रियता मैदान से बाहर भी उतनी ही मजबूत है। उनकी कप्तानी, शांत स्वभाव और मैच खत्म करने की क्षमता ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे खास खिलाड़ियों में जगह दिलाई है। संन्यास के बाद भी धोनी की फैन फॉलोइंग में कोई कमी नहीं आई है और यही वजह है कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी छोटी-बड़ी जानकारियां भी अक्सर चर्चा का विषय बन जाती हैं।































