Jamui minor girl molestation: बिहार के जमुई जिले में घटी एक बेहद खौफनाक वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। मड़वा गांव के पास 19 सितंबर की देर शाम कोचिंग से लौट रही 10वीं की छात्रा के साथ कुछ मनचलों ने ऐसी दरिंदगी करने की कोशिश की, जिससे इंसानियत भी शर्मसार हो जाए। हैवानों ने पूरी प्लानिंग के साथ छात्र-छात्रा को घेरा, बदसलूकी की और हद तो तब हो गई जब एक आरोपी छात्रा को जबरन उठाकर झाड़ियों की तरफ खींचने लगा। लेकिन मौके पर छात्रा के साथ मौजूद उसके सहपाठी ने जान की बाजी लगाकर मुकाबला किया और ऐन वक्त पर पहुंचे राहगीरों ने ललकारते हुए एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। इस मामले को लेकर अब पूरे राज्य में आक्रोश है और आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है।
पहले से रची गई थी साजिश, 20 मिनट तक तड़पते रहे मासूम| Jamui minor girl molestation
पूरी घटना जमुई के मड़वा गांव और रजपुरा पहाड़ी इलाके की है। जमुई के महीसौड़ी इलाके का रहने वाला 10वीं का एक छात्र अपनी सहपाठी छात्रा के साथ कोचिंग खत्म होने के बाद पहाड़ी की तरफ घूमने और फोटो खिंचवाने गया था। बदमाशों ने इन दोनों को पहाड़ी की ओर जाते समय ही देख लिया था और वहीं पर इनके लौटने का इंतजार करने लगे।
शाम को जब दोनों स्कूटी से घर वापस लौट रहे थे, तभी सुनसान रास्ते पर पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन्हें अचानक घेर लिया। बदमाश दोनों से पूछताछ का नाटक करते हुए बदतमीजी पर उतर आए। छात्रा हाथ जोड़कर रोती-गिड़गिड़ाती रही कि ‘हमें जाने दो, हम कभी इधर नहीं आएंगे’, लेकिन हैवानों का दिल नहीं पसीजा। वे छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करने लगे और उसके अंगों को गलत तरीके से छूने लगे। जब छात्र ने विरोध किया तो उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी गई। करीब 20 मिनट तक सड़क पर यह तमाशा चलता रहा। इस दौरान कई गाड़ियां और लोग वहां से गुजरे, लेकिन किसी ने रुककर मदद करने की जहमत नहीं उठाई।
सहपाठी का संघर्ष और देवदूत बनकर पहुंचे ग्रामीण
पिटाई के बावजूद छात्र ने हिम्मत नहीं हारी और दरिंदों से अकेले भिड़ा रहा। इसी बीच, एक आरोपी ने छात्रा को गोद में उठाया और सड़क किनारे घनी झाड़ियों की ओर भागने लगा ताकि घिनौने अपराध को अंजाम दे सके। गनीमत यह रही कि उसी समय पास के गांव से चार-पांच ग्रामीण शाम की सैर पर निकले थे।
बदमाशों की यह हरकत देखते ही वे ग्रामीण बिना अपनी जान की परवाह किए आगे बढ़े और बदमाशों पर चिल्लाते हुए ललकारा “लड़की को छोड़ दो, जाने दो, ऐसा मत करो!” ग्रामीणों का कड़ा रुख और एकजुटता देखकर बदमाश डर गए और छात्र-छात्रा को वहीं छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए। इस तरह ग्रामीणों की सूझबूझ और छात्र के अटूट हौसले से छात्रा की अस्मत सुरक्षित बच सकी।
शराब तस्करों और बालू माफिया का गढ़ बना मड़वा इलाका
यह घटना व्यवस्था की खुली पोल खोलती है। जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से सटा मड़वा पहाड़ी इलाका सदर थाने से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन यहां पुलिस की गश्त न के बराबर रहती है। सोनाय मड़वा और कुंदर को जोड़ने वाली सड़क के आसपास आबादी कम होने से शाम ढलते ही यह इलाका शराब तस्करों और अवैध बालू कारोबारियों की सुरक्षित पनाहगाह बन जाता है।
अवैध कमाई के दम पर यहां अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि मई 2021 में इसी इलाके के पास बालू माफिया ने तत्कालीन एसडीएम आईएएस प्रतिभा रानी के काफिले पर भी गोलियां बरसा दी थीं। उस बड़े हमले के बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।
चौतरफा घिरी सरकार, राजनीतिक तूफान
इस शर्मनाक घटना का खुलासा होने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, प्रशांत किशोर और पप्पू यादव समेत तमाम प्रमुख नेताओं ने बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि जब थाने से चंद किलोमीटर की दूरी पर बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं, तो यह किस तरह का सुशासन है। इस भारी राजनीतिक दबाव के बीच अब जनता आरोपियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजकर सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग कर रही है।












































