Amritsar ASI murder encounter: पंजाब के अमृतसर में सहायक उप-निरीक्षक (ASI) हरजीत सिंह की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस टीम ने मुठभेड़ के दौरान मुख्य हमलावर को मार गिराया है। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने के बाद जब आरोपी को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। मारे गए शूटर की पहचान अमृतसर के मुले चक निवासी दीपक सिंह के तौर पर हुई है। वहीं, उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही है।
नाके पर रुकने का इशारा किया तो झोंक दी फायरिंग| Amritsar ASI murder encounter
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, 18 सितंबर को जांबाज एएसआई हरजीत सिंह की शहादत के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की धरपकड़ में जुटी थीं। शहर और बाहरी इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। पुलिस को खुफिया इनपुट मिला था कि वारदात में शामिल संदिग्ध इलाके में किसी नए टारगेट की फिराक में घूम रहे हैं।
Commissionerate Police Amritsar took swift action in the murder case of Shaheed ASI Harjit Singh No. 1599/ASR City, who was killed in the line of duty on 18.09.2026 in Dana Mandi, under PS Gate Hakima, Amritsar.
During investigation of FIR No. 281 dated 18.09.2026, technical inputs and local intelligence were used to identify and trace accused Deepak Singh, resident of Mulechak, Amritsar.
During an operation, the accused fired at police parties at naka points. He was injured in retaliatory fire in self-defence and later succumbed to his injuries at the hospital. Another suspect escaped under cover of darkness.
Recovery: .30-bore pistol, two magazines, 8 live cartridges, mobile phone and Activa scooter allegedly used in the crime.
Further investigation is underway.
#ActionAgainstCrime #AmritsarPolice
— Commissionerate Police Amritsar (@cpamritsar) September 19, 2026
इसी दौरान तरनतारन के थांदा रोड नाके पर जब पुलिस ने स्कूटी सवार दो संदिग्ध युवकों को रुकने का संकेत दिया, तो उन्होंने रफ्तार धीमी करने के बजाय पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई सीआईए जवान की जान
हमलावरों ने आगे जाकर स्कूटी रोकी और फिर से ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमलावरों द्वारा चलाई गईं चार गोलियों में से दो पुलिस की सरकारी गाड़ी पर लगीं, जबकि एक गोली सीआईए (CIA) के जवान की छाती पर लगी। गनीमत रही कि जवान ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और उसकी जान बच गई।
इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में 6 राउंड जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली मुख्य आरोपी दीपक सिंह को जा लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच और पहचान से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आरोपी की उम्र करीब 25 से 28 वर्ष के बीच बताई गई है।
पाकिस्तानी हैंडलर्स का खौफनाक खेल: वफादारी साबित करने के लिए पुलिस पर हमला
इस पूरे मामले में सीमा पार से रची जा रही एक बेहद खतरनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस कमिश्नर ने खुलासा किया कि इस वारदात के तार सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे तस्करों और हैंडलर्स से जुड़े हैं। सीमा पार बैठे आका पंजाब के भटके हुए युवाओं को भारी रकम और नशे (चिट्टे) के धंधे में हिस्सेदारी का लालच देकर अपना मोहरा बना रहे हैं।
हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि पाकिस्तानी हैंडलर इन लड़कों से अपनी ‘वफादारी’ साबित करने का सबूत मांगते हैं। इसी वफादारी को दिखाने के लिए ये नौजवान अकेले या ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आसान शिकार बनाकर उन पर जानलेवा हमला करते हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पुलिस कमिश्नर ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा अफसोस जाहिर किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दर्दनाक है कि राज्य के अपने ही नौजवान पाकिस्तानी आकाओं के बहकावे में आकर अपने ही रक्षकों पर बंदूक तान रहे हैं। शहीद एएसआई हरजीत सिंह ने अपनी मेहनत के दम पर कांस्टेबल से एएसआई तक का सफर तय किया था। उनके पीछे दो बेटियां और शादी के 15 साल बाद जन्मा एक मासूम बेटा है, जिनका साया छिन गया। पुलिस प्रशासन ने माता-पिता से पुरजोर अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और सोशल मीडिया संपर्कों पर पैनी नजर रखें, ताकि उन्हें नशे और देश विरोधी तत्वों के जाल में फंसने से बचाया जा सके।












































