Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की उन 5 बड़ी खबरों की, जो आज पूरे जिले के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी सुर्खियों में बनी हुई हैं। पहली खबर मोरटा गांव से, जहां दो सगी बहनों ने ‘पापा हैं तो सब कुछ है’ की मिसाल पेश करते हुए अंगदान कर अपने पिता को नया जीवन दिया है। दूसरी खबर मोदीनगर से, जहां एक गलतफहमी और पंचायत में हुए अपमान से आहत होकर एक युवती ने आत्मघाती कदम उठा लिया, जिसके बाद इलाके में भारी हंगामा हुआ है।
तीसरी खबर स्वास्थ्य विभाग से, जहां सीवेज में पोलियो वायरस मिलने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और पिछले 5 साल के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। चौथी खबर यमुना को बचाने के बड़े एक्शन की, जहां नदी को प्रदूषित करने वाली 400 से अधिक फैक्ट्रियों को सील करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
और पांचवीं खबर लोनी से, जहां रेत खनन माफियाओं के खिलाफ एसडीएम ने तड़के 4 बजे खुद मोर्चा संभालते हुए भारी छापेमारी की है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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एक बेटी ने पिता को दी किडनी तो एक ने दिया लिवर
गाजियाबाद के मोरटा गांव से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने दो बहनों के अटूट जज्बे की अनूठी मिसाल कायम कर दी है। आज के दौर में जहां कई बार बुजुर्ग माता-पिता खुद को अकेला पाते हैं, वहीं इन बहनों का यह फैसला समाज को एक नई सीख देता है। जब पिता की किडनियां और लिवर दोनों फेल हो गए, तो 22 साल की ऋषिका ने अपनी किडनी और 19 साल की खुशी ने अपने लिवर का हिस्सा दान कर दिया। फादर्स डे के मौके पर इन बेटियों ने साबित कर दिया कि बेटियां सिर्फ आंगन की रौनक नहीं, बल्कि माता-पिता का असली सुरक्षा कवच होती हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए इस दिल छू लेने वाली कहानी को जानते हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के मोरटा गांव की दो सगी बहनों ने पिता की जान बचाने के लिए अंगदान कर एक मिसाल कायम की है। जब पिता की दोनों किडनियां फेल हो गईं और लिवर पूरी तरह खराब हो चुका था, तब दोनों बेटियों ने बिना एक पल गंवाए अंग दान करने का फैसला किया। फादर्स डे (Father’s Day) से ठीक पहले ऋषिका ने अपने पिता की जान बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान की, वहीं छोटी बेटी खुशी ने अपने पिता को नया जीवन देने के लिए अपने लिवर का एक हिस्सा डोनेट किया।
जब परिवार इस दोहरे संकट से टूट रहा था, तब बेटियों ने ढाल बनकर कहा— “पापा हैं तो सब कुछ है”। डॉक्टरों द्वारा पिता की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत ट्रांसप्लांट की सलाह दी गई थी। चिकित्सा जांच में दोनों बेटियों के अंग पूरी तरह मैच हो गए। यह जटिल और दोहरा ट्रांसप्लांट ऑपरेशन नोएडा के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा सफलतापूर्वक पूरा किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, पिता जयंत त्यागी और दोनों बेटियां पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर (Stable) स्थिति में हैं।
गलतफहमी, पंचायत में सरेआम बेइज्जती ने ली युवती की जान (Top 5 Ghaziabad News)
एक गलतफहमी, पंचायत में सरेआम बेइज्जती और एक हंसती-खेलती जान चली गई! गाजियाबाद के मोदीनगर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां समाज के ताने और उत्पीड़न ने एक युवती की जान ले ली। जब पड़ोस का एक युवक लापता हुआ, तो उसके घरवालों ने बिना सोचे-समझे सारा दोष इस युवती पर मढ़ दिया और पंचायत बुलाकर उसे बुरी तरह अपमानित किया। लेकिन इस कहानी का सबसे खौफनाक ट्विस्ट यह है कि वो लड़का गायब नहीं था, बल्कि पुलिस कस्टडी में था! तो चलिए जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला और क्यों इस घटना के बाद गाजियाबाद में शव सड़क पर रखकर भारी हंगामा हो रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजियाबाद के मोदीनगर की किदवई नगर कॉलोनी में रहने वाली एक युवती की पड़ोस के ही एक युवक से बातचीत थी। चार दिन पहले जब युवक अचानक लापता हो गया, तो उसके परिजनों ने युवती पर उसे गायब करने का आरोप लगा दिया। आरोप है कि युवक के परिजनों ने युवती के घर के पास पंचायत बुलाई और वहां युवती व उसके परिवार को सरेआम बेहद भला-बुरा कहा और प्रताड़ित किया। इस सामाजिक अपमान और मानसिक तनाव को न झेल पाने के कारण युवती ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।
मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पता चला कि युवक लापता नहीं था, बल्कि किसी मामले में गाजियाबाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए ले गई थी। इस बात से युवक के परिजन पूरी तरह अनजान थे और उन्होंने गलतफहमी में युवती को प्रताड़ित किया। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार शाम जब युवती का शव घर पहुंचा, तो भड़के परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव सड़क पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पोलियो वायरस मिलने के बाद हाई-अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग
गाजियाबाद के सीवेज सैंपल में वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियो वायरस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह हाई-अलर्ट पर है और सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सर्विलांस प्लान तैयार किया गया है। पर्यावरण निगरानी (Environmental Surveillance) के तहत दुंडाहेड़ा और विजय नगर क्षेत्र से लिए गए नमूनों में वायरस की पुष्टि होने के बाद, विभाग ने पिछले 5 वर्षों में सामने आए सभी 1,300 से अधिक एएफपी (Acute Flaccid Paralysis – अचानक अंगों की कमजोरी) मामलों की गहन समीक्षा शुरू कर दी है।
हालांकि डॉक्टरों ने साफ किया है कि यह वायरस गैर-हानिकारक है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन एहतियातन 12 हाई-रिस्क इलाकों में घर-घर जाकर सवा लाख से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है। तो चलिए स्वास्थ्य विभाग की इस नई योजना और सुरक्षात्मक कदमों के बारे में जानते हैं।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के दुंडाहेड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और विजय नगर पंपिंग स्टेशन से लिए गए नमूनों में ‘वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस टाइप-1’ (VDPV1) की पुष्टि हुई है। डब्ल्यूएचओ (WHO) और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत एक्शन में आ गई हैं। सर्विलांस को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पिछले 5 सालों (2021 से 2026 तक) में सामने आए सभी 1,316 एएफपी (एक्यूट फ्लेसिड पैरालिसिस – अचानक अंगों का कमजोर होना) मामलों के रिकॉर्ड की समीक्षा कर रहा है। इसके तहत बच्चों की वर्तमान सेहत और उनके परिवार के अन्य बच्चों के टीकाकरण का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है।
गाजियाबाद के 12 सबसे उच्च जोखिम वाले (हाई-रिस्क) क्षेत्रों में 107 से अधिक टीमें घर-घर जाकर करीब 30,000 परिवारों और सवा लाख से अधिक बच्चों की जांच कर रही हैं। इस मौजूदा सर्वे के दौरान 3 नए एएफपी केस भी सामने आए हैं, जिनकी बारीकी से जांच हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग आगामी 28 जून से विशेष पोलियो सर्विलांस और टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है, जिसके लिए 9.32 लाख वैक्सीन डोज आवंटित की गई हैं। इसमें छूटे हुए बच्चों के साथ-साथ एएफपी केस वाले बच्चों को अतिरिक्त सुरक्षा खुराक दी जाएगी।
यमुना को प्रदूषित करने वाली 400 से अधिक फैक्ट्रियों पर ताला ! (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद में यमुना नदी को प्रदूषित करने वाली 400 से अधिक फैक्ट्रियों पर ताला लगने जा रहा है। नदी में केमिकल युक्त दूषित पानी बहाने वाली इन इकाइयों के खिलाफ विद्युत निगम ने एक बड़ा कदम उठाते हुए इनकी सूची उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को सौंप दी है। केंद्र सरकार और जिला प्रशासन की सीधी निगरानी में हो रही इस बड़ी कार्रवाई से साहिबाबाद, लोनी और भोपुरा जैसे क्षेत्रों की अवैध फैक्ट्रियों में हड़कंप मच गया है। तो चलिए जानते हैं कि प्रशासन का यह मेगा-प्लान क्या है और किन इलाकों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यमुना नदी में सीधे केमिकल युक्त दूषित पानी बहाने वाली गाजियाबाद की 400 से अधिक फैक्ट्रियों को जल्द ही सील किया जाएगा। विद्युत निगम ने इन प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की एक विस्तृत सूची उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को सौंप दी है। इस बड़े एक्शन का मुख्य उद्देश्य यमुना नदी में बढ़ रहे औद्योगिक प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाना है।
इस अभियान को पूरी तरह से पारदर्शी और सख्त बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत योजना तैयार की गई है, जिसमें जिला प्रशासन के साथ-साथ केंद्र सरकार भी इस पूरी सीलिंग और बिजली काटने की कार्रवाई की सीधी निगरानी कर रही है।
ये अवैध और मानकों के विपरीत चलने वाली फैक्ट्रियां मुख्य रूप से लोनी, भोपुरा, शहीद नगर, राजेंद्र नगर और साहिबाबाद के आवासीय व औद्योगिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं। काम में लापरवाही बरतने वाले संबंधित विभागों के अधिकारियों पर भी सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अवैध रेत खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से पांचवी खबर अवैध रेत खनन माफियाओं की। लोनी क्षेत्र में यमुना किनारे धड़ल्ले से चल रहे अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ग्राम पचायरा में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बुधवार तड़के एसडीएम दीपक सिंहनवाल की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की।
प्रशासनिक मुस्तैदी को देखकर अवैध खनन में लिप्त माफिया वाहन छोड़कर मौके से भाग निकले। टीम ने घटनास्थल से रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडर मशीनों को जब्त कर पुलिस को सौंप दिया है। तो चलिए जानते हैं क्या है पूरी रिपोर्ट और प्रशासन आगे क्या कानूनी कदम उठा रहा है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के लोनी तहसील अंतर्गत पचायरा गांव में यमुना नदी के किनारे चल रहे अवैध रेत खनन पर प्रशासनिक टीम ने तड़के छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है। उपजिलाधिकारी (SDM) दीपक सिंहनवाल के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी के दौरान टीम को देखकर खनन माफिया और मजदूर मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गए।
इस त्वरित कार्रवाई के तहत प्रशासन ने अवैध गतिविधियों पर नकेल कसी है, जिसमें एसडीएम और प्रशासनिक टीम ने सुबह करीब 4 बजे अचानक यमुना पुस्ता मार्ग और पचायरा क्षेत्र में छापा मारा। मौके से अवैध बालू से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और नदी के भीतर खनन में लगी एक भारी ट्रैक्टर-लोडर मशीन को प्रशासन ने जब्त किया है।
पकड़े गए सभी वाहनों को आगामी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज करने के लिए स्थानीय पुलिस (ट्रोनिका सिटी थाना) के हवाले कर दिया गया है। खनन स्थल पर मिले वाहनों के नंबरों के आधार पर मकान मालिकों और अवैध खननकर्ताओं की शिनाख्त की जा रही है।


























