Musk vs Navarro: ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के बीच मस्क और नैवारो के बीच बढ़ी अनबन, व्यापार नीति पर घमासान

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 08 अप्रैल 2025, 05:30 AM Updated: 08 अप्रैल 2025, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Musk vs Navarro: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को लगभग 180 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया, जिससे वैश्विक व्यापार में हलचल मच गई है। इस कदम ने अमेरिका के शेयर बाजार को झटका दिया, और इसके बाद अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट का दौर शुरू हो गया। डॉव जोंस, एसएंडपी500 और नैस्डैक में बीते हफ्ते पांच फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई, जो 2020 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट रही। हालांकि, ट्रंप के इस कदम के पीछे उनके व्यापारिक सलाहकार पीटर नैवारो की अहम भूमिका मानी जा रही है, लेकिन अब खबर है कि उनके और एलॉन मस्क के बीच टैरिफ को लेकर अनबन बढ़ गई है।

और पढ़ें: Global Economic Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से शुरू हुआ वैश्विक आर्थिक संकट! 1929 की महामंदी की आहट

पीटर नैवारो और एलॉन मस्क के बीच विवाद- Musk vs Navarro

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप के दो करीबी सहयोगी—टेस्ला के सीईओ एलॉन मस्क और पीटर नैवारो के बीच व्यापारिक नीति को लेकर सार्वजनिक रूप से तीखी बहस हो रही है। नैवारो, जो कि व्यापार नीति के एक प्रमुख सलाहकार हैं, रेसिप्रोकल टैरिफ के पक्षधर हैं और उन्हें इस कदम का समर्थन करने वाले कई बयान दिए हैं। हाल ही में, एक इंटरव्यू के दौरान नैवारो ने कहा था कि शेयर बाजार में आई गिरावट के बावजूद, लंबी अवधि में बाजार में उछाल आएगा और डॉव जोंस 50,000 के स्तर तक पहुंचने की संभावना है।

इस बयान के बाद एलॉन मस्क ने सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रिया दी और नैवारो को निशाना बनाते हुए कहा कि हार्वर्ड से अर्थशास्त्र में पीएचडी करना उतना अच्छा नहीं है जितना समझा जाता है। मस्क का यह ट्वीट वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उच्च शिक्षा हमेशा सही निर्णय लेने की गारंटी नहीं होती। मस्क ने दावा किया कि उनका मानना है कि अमेरिका और यूरोप के बीच टैरिफ शून्य होना चाहिए, जिससे दोनों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिले।

टैरिफ नीति पर मस्क का दृष्टिकोण

एलॉन मस्क ने पहले भी कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि यूरोप और अमेरिका के बीच एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनेगा, जिसमें कोई टैरिफ नहीं होंगे। मस्क का मानना है कि शून्य टैरिफ से अमेरिका और यूरोप के बीच फ्री ट्रेड को बढ़ावा मिलेगा, जो अंततः दोनों क्षेत्रों के लिए फायदेमंद होगा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन के तहत, यूरोपीय संघ पर 20 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया है, जिससे मस्क की अपेक्षाएं अब धरातल पर नहीं उतरती नजर आ रही हैं।

नैवारो का मस्क के बयान पर कड़ा जवाब

मस्क के जीरो टैरिफ के विचार पर प्रतिक्रिया देते हुए पीटर नैवारो ने कहा कि मस्क शायद इस बात को पूरी तरह से समझ नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि एलॉन मस्क को कारों की बिक्री पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि यही उनका मुख्य व्यवसाय है।” नैवारो ने मस्क के इस विचार को नकारते हुए कहा कि व्यापार नीति और टैरिफ के मामलों में उनकी समझ मस्क से कहीं अधिक गहरी है।

ट्रंप का ‘लिबरेशन डे’ का ऐलान

इन विवादों के बीच, ट्रंप ने 2 अप्रैल को एक विशेष भाषण दिया और इस दिन को “लिबरेशन डे” के रूप में नामित किया। ट्रंप ने कहा कि यह दिन अमेरिकी उद्योग के पुनर्निर्माण और उसे फिर से समृद्ध बनाने के प्रयासों के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस कदम से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को एक नया जीवन मिलेगा और अमेरिका फिर से एक संपन्न राष्ट्र बनेगा। ट्रंप ने इस निर्णय को अमेरिकी उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक पल बताया।

और पढ़ें: Stock Market Crash Reason Today: इन 5 वजहों से शेयर बाजार में मचा हाहाकार! मंदी और ट्रेड वॉर ने निवेशकों में बढ़ाई चिंता

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds