Maharashtra Religion Bill 2026: धर्म बदलना अब महंगा! महाराष्ट्र का नया बिल लेकर आया 7 साल तक की जेल और लाखों का जुर्माना

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Maharashtra Religion Bill 2026: महाराष्ट्र विधानसभा में हाल ही में धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 पेश किया गया है। इस बिल का उद्देश्य धर्म परिवर्तन या कन्वर्ज़न से जुड़े नियमों को कड़ा बनाना है। इसे अन्य राज्यों के कानूनों की तुलना में और अधिक सख्त और व्यापक बनाया गया है।

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अवैध धर्मांतरण और बच्चों का धर्म (Maharashtra Religion Bill 2026)

बिल के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी अवैध धर्म परिवर्तन के आधार पर शादी होती है और उसका बच्चा पैदा होता है, तो उस बच्चे को मां के मूल धर्म का माना जाएगा, यानी जिस धर्म को मां शादी से पहले मानती थी। इसके साथ ही, बच्चे को माता-पिता दोनों की संपत्ति में उत्तराधिकार का अधिकार मिलेगा और उसका भरण-पोषण भी सुनिश्चित रहेगा। सामान्यतः बच्चे की कस्टडी मां के पास होगी, जब तक कि अदालत कोई अलग फैसला न करे।

धर्म परिवर्तन के लिए 60 दिन पहले सूचना अनिवार्य

नए बिल में धर्म परिवर्तन से जुड़े नियम भी स्पष्ट किए गए हैं। इसके तहत कोई भी व्यक्ति यदि धर्म बदलना चाहता है, तो उसे कम से कम 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को लिखित सूचना देनी होगी। इस सूचना में व्यक्ति का नाम, उम्र, पता, वर्तमान धर्म और नया धर्म शामिल होना अनिवार्य है।

जिला प्रशासन इस सूचना के बाद यह जांच कर सकता है कि धर्म परिवर्तन स्वेच्छा से हुआ है या किसी दबाव, धोखे या लालच में। नियमों का पालन न करने पर धर्म परिवर्तन को अवैध माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कानून न मानने पर सख्त सजा

धर्म परिवर्तन के उल्लंघन पर बिल में सजा का प्रावधान भी किया गया है। नियमों का पालन न करने पर दोषी को 7 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि मामला महिला, नाबालिग, अनुसूचित जाति या जनजाति से जुड़ा हो, तो जुर्माना 5 लाख रुपये तक बढ़ जाएगा।

दो या अधिक लोगों द्वारा एक साथ धर्म परिवर्तन को “मास कन्वर्ज़न” माना गया है। ऐसे मामलों में सजा और भी कड़ी होगी। यदि अपराध दोबारा होता है तो दोषी को 10 साल तक जेल और 7 लाख रुपये तक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

शिकायत दर्ज कराने और पुनर्वास की व्यवस्था

धर्म परिवर्तन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना अब किसी भी व्यक्ति, उसके माता-पिता, भाई-बहन या अन्य रिश्तेदार के लिए संभव होगा। पुलिस के लिए ऐसी शिकायत अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।

बिल में जबरन धर्म परिवर्तन के शिकार लोगों के पुनर्वास और सुरक्षा का प्रावधान भी शामिल किया गया है। इसका मकसद उन लोगों को संरक्षण देना है जो किसी दबाव या धोखे में धर्म परिवर्तन के शिकार हुए हैं।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बिल महाराष्ट्र में धर्मांतरण से जुड़ी सामाजिक और कानूनी समस्याओं को नियंत्रित करने की कोशिश है। वहीं आलोचक इसे व्यक्तिगत धर्म स्वतंत्रता पर प्रतिबंध के रूप में देखते हैं और सवाल उठाते हैं कि क्या यह सभी परिस्थितियों में न्यायसंगत रहेगा।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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