Kapkot heavy rainfall: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। ऊपरी इलाकों में रातभर हुई तेज बारिश के बाद शुक्रवार सुबह सरयू नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। कई जगह नदी का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। भैंसखाल के पास पानी पुल के ऊपर तक आने से कुछ समय के लिए आवाजाही पूरी तरह बंद रही। नदी किनारे बसे संवेदनशील इलाकों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
कपकोट-सुपी मार्ग पर भूस्खलन, गांवों का संपर्क प्रभावित| Kapkot heavy rainfall
लगातार बारिश के चलते कपकोट से सुपी गांव तक जाने वाले मोटर मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। सुपी को सरयू नदी का उद्गम स्थल माना जाता है। सड़क बंद होने से करीब 20 से 25 गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया और स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ी। स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड सरकार के जैविक उत्पाद परिषद के दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय ने प्रभावित इलाकों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से समन्वय कर बंद सड़क को जल्द खोलने के निर्देश दिए और राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों की स्थिति भी देखी।
अधिकारियों और विभागीय टीमों की तत्परता के बाद बंद मार्ग को खोलने की कार्रवाई पूरी की गई और प्रभावित गांवों का संपर्क दोबारा बहाल हो सका। मंत्री ने संभावित भूस्खलन वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश से कपकोट में सरयू नदी का बहाव काफी तेज हो गया। भैंसखाल के पास नदी का पानी पैदल पुलिया तक पहुंच गया। वहीं, कपकोट से बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर आने के कारण बागेश्वर नगर में भी सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ा।
हालात को देखते हुए एसडीएम अनिल चन्याल के निर्देश पर प्रशासन ने कपकोट नगर क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया। सरयू बगड़ और नदी के किनारे बसे संवेदनशील इलाकों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया। लोगों से सुरक्षित जगहों पर रहने और नदी तथा जल स्रोतों के पास नहीं जाने की अपील की गई।
बागेश्वर में भी प्रसिद्ध सरयू घाट को एहतियातन खाली करा दिया गया। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मलबे और चट्टानों से कई सड़कें बंद
बारिश का असर जिले के सड़क नेटवर्क पर भी पड़ा है। प्रसिद्ध टूटरिया टनल के पास भारी मलबा आने से मुख्य मार्ग बाधित हुआ। इसके अलावा मिकिला-खालपट्टा मोटर मार्ग पर लाहुर के माडूंगरी तोक में पहाड़ी से चट्टान गिरने के कारण यातायात ठप हो गया। जिले में मलबा आने और जलभराव के चलते 10 से अधिक सड़कें प्रभावित हुई हैं। लोनिवि और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मशीनों की मदद से रास्ते खोलने में जुटी हैं। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण सड़कों पर भी नए भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
लोगों से नदी और गाड़-गधेरों से दूर रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों को नदी, गाड़-गधेरों और अन्य संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के बीच जलस्तर में अचानक बदलाव हो सकता है, इसलिए किसी तरह का जोखिम न लिया जाए।
भूपेश उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और जनता की सुरक्षा व सुविधा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी बनाए रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।














































