Independence Day 2026: देशभर में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। हालांकि, इस राष्ट्रीय समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया। दोनों नेताओं के समारोह में नहीं पहुंचने को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा, वहीं खरगे ने कांग्रेस मुख्यालय में तिरंगा फहराकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला।
बैठने की व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर नाराजगी की चर्चा| Independence Day 2026
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के लाल किले के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की वजह को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि दोनों नेता समारोह में बैठने की व्यवस्था और प्रोटोकॉल से नाराज थे। इसी के चलते उन्होंने कार्यक्रम से दूरी बनाई। खास बात यह है कि पिछले साल भी दोनों नेता स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए थे। इस बार भी उनकी गैरमौजूदगी सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे मुद्दा बना लिया।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
राहुल गांधी के समारोह में नहीं पहुंचने पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सवाल उठाया कि क्या कोई देशभक्त नेता प्रतिपक्ष अपनी इच्छा से देश के राष्ट्रीय समारोह से दूरी बना सकता है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी सोच को ‘दिमागी नक्सल’ मानसिकता से जोड़ दिया। भंडारी ने राहुल गांधी पर ‘वंदे मातरम्’ के प्रति कथित तौर पर नफरत रखने का आरोप भी लगाया। बीजेपी की ओर से इस मुद्दे को राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय समारोह से जोड़कर कांग्रेस पर हमला बोला गया।
गिरिराज सिंह ने भी उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी और खरगे की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि दोनों नेता संसद में विपक्ष के महत्वपूर्ण पदों पर हैं और स्वतंत्रता दिवस पूरे देश के लिए गौरव का अवसर है। गिरिराज सिंह ने दोनों नेताओं के समारोह में शामिल नहीं होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनके बयान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो गई।
कांग्रेस मुख्यालय में खरगे ने फहराया तिरंगा
लाल किले के समारोह से दूर रहने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद खरगे ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने खासतौर पर पीएम मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण में सरकार की उपलब्धियों के उल्लेख को लेकर निशाना साधा।
‘लाल किले से हर चीज का श्रेय खुद लेते हैं पीएम’
मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लाल किले से अपनी सरकार की उपलब्धियों का श्रेय खुद लेते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह अच्छा है कि प्रधानमंत्री अभी यह दावा नहीं करते कि पूरी दुनिया उन्हीं की वजह से चल रही है। खरगे ने दावा किया कि देश में कई महत्वपूर्ण अधिकार आधारित कानून और योजनाएं कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान लागू की गई थीं। उनका कहना था कि आज जिन उपलब्धियों का जिक्र किया जाता है, उनके पीछे पहले की सरकारों के फैसलों और नीतियों का भी योगदान रहा है।
नेहरू से इंदिरा गांधी तक के योगदान गिनाए
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में पार्टी के पुराने नेताओं के योगदान को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने आधुनिक, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष भारत की नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। खरगे ने IIT, IIM और सार्वजनिक क्षेत्र की कई संस्थाओं की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि इन संस्थानों ने देश के विकास की आधारशिला तैयार की।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में हरित क्रांति और श्वेत क्रांति से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। इसके अलावा इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान 1971 के युद्ध और सिक्किम के भारत में विलय का जिक्र करते हुए कांग्रेस के योगदान को रेखांकित किया।
कांग्रेस बोली- उपलब्धियों का व्यक्तिगत श्रेय नहीं लिया
खरगे ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने देश के निर्माण में लंबे समय तक योगदान दिया, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय उपलब्धियों को अपने व्यक्तिगत खाते में डालने की कोशिश नहीं की। उनके मुताबिक देश की तरक्की कई पीढ़ियों और सरकारों के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है।














































