सेमीकंडक्टर, AI से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक… लाल किले से पीएम मोदी ने दिखाया 2047 का पूरा रोडमैप| PM Modi Independence Day speech

Nandani | Nedrick News New Delhi Published: 15 अगस्त 2026, 07:28 PM Updated: 15 अगस्त 2026, 07:28 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

PM Modi Independence Day speech: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के सामने अगले कई वर्षों की दिशा और प्राथमिकताओं का खाका रखा। उन्होंने कहा कि अब भारत छोटे सपनों से आगे नहीं बढ़ सकता। देश को बड़े सपने देखने होंगे और उन्हें पूरा करने के लिए अपनी सोच, काम करने के तरीके और रफ्तार में बदलाव लाना होगा।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में 2047 तक विकसित भारत, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, AI, डेटा सेंटर, क्रिटिकल मिनरल्स, मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण कानून को लागू कराने का भी आह्वान किया।

और पढ़ें: अब परमाणु बिजली के लिए नहीं ताकेगा भारत! 2033 तक तैयार होंगे 5 स्वदेशी पावरहाउस|  India nuclear energy 2033

‘अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा’| PM Modi Independence Day speech

लाल किले से देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अब समय बड़े लक्ष्य तय करने का है। उनके मुताबिक बड़े सपने सिर्फ मंजिल को बड़ा नहीं बनाते, बल्कि सोच का दायरा भी बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के संकल्प ऊंचे और मजबूत होने चाहिए। जब इरादा पक्का होता है तो मुश्किल परिस्थितियों और आपदाओं के बीच भी रास्ता निकालने की क्षमता सामने आती है।

पीएम ने कहा कि किसी देश की असली ताकत तब सामने आती है, जब वह अपने सपनों और संकल्पों को अपनी क्षमता के दम पर पूरा करता है।

2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को सामने रखा। उन्होंने कहा कि आजादी के 100 साल पूरे होने पर भारत को एक विकसित देश बनाना है। यह लक्ष्य 140 करोड़ देशवासियों की मेहनत, क्षमता और संकल्प से हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सदी का पहला एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब अगला 25 साल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पीएम के मुताबिक पिछले 12 वर्षों में देश ने जिस तरह अपनी क्षमता दिखाई है, वही 2047 के लक्ष्य की मजबूत नींव है।

युवाओं पर पीएम को भरोसा

प्रधानमंत्री ने युवाओं से खास तौर पर कहा कि देश अब रुक नहीं सकता। उन्होंने वर्क कल्चर, सोच और काम की गति में बदलाव की जरूरत बताई। पीएम ने कहा कि जो काम पिछले 5-7 दशकों में नहीं हो पाए, उन्हें आने वाले 5-7 वर्षों में पूरा करने की कोशिश करनी होगी।

उन्होंने देश की युवा शक्ति, नौजवानों, महिलाओं, किसानों और मजदूरों पर भरोसा जताते हुए कहा कि इन्हीं की ताकत से विकसित भारत का सपना पूरा होगा।

कोरोना और युद्ध के दौर का भी किया जिक्र

पीएम मोदी ने पिछले 10-12 वर्षों के दौरान सामने आई चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कोरोना महामारी को याद करते हुए कहा कि उस समय पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा था। महामारी से निकलने के बाद यूक्रेन और पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव की स्थिति बनी।

पीएम ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोगों को देश में डर और चिंता का माहौल बनाने में आनंद आता है। उन्होंने कहा कि तमाम मुश्किलों के बावजूद पिछले वर्षों में बनाई गई योजनाओं और तैयारियों ने संकट के समय देश का साथ दिया। उनके मुताबिक देश में गैस, पेट्रोल और यूरिया जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता बनाए रखने में यह तैयारी काम आई।

‘सोच की सीमा’ भी विकास में बड़ी रुकावट

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई बार देश संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि अपनी सोच की सीमाओं के कारण पीछे रह जाता है। उन्होंने माओवादी सोच और ‘दिमागी नक्सल’ का जिक्र करते हुए कहा कि समाज को गलत दिशा में ले जाने की कोशिशें अभी भी हो सकती हैं।

कच्चे तेल का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि लंबे समय तक समुद्र के बड़े हिस्से में अन्वेषण नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि करीब 99 प्रतिशत समुद्री क्षेत्र को पहले ‘नो-गो एरिया’ माना जाता था, लेकिन अब इसे ‘गो-अहेड एरिया’ के तौर पर खोलने का फैसला किया गया है। इससे समुद्र के भीतर नए तेल और गैस भंडार तलाशने की कोशिश की जा सकेगी।

पेट्रोल से लेकर दवाइयों तक ‘वेपनाइजेशन’ की चिंता

पीएम मोदी ने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया में संसाधनों को रणनीतिक दबाव के लिए इस्तेमाल करने का चलन बढ़ रहा है। पेट्रोल, डीजल, खाद और दवाइयों से लेकर भूभाग तक को ‘वेपनाइज’ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में आत्मनिर्भरता सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि जरूरत है। पीएम के मुताबिक अगर भारत ने पिछले 10 वर्षों में आत्मनिर्भरता की दिशा में काम नहीं किया होता तो मौजूदा वैश्विक संकटों का सामना करना ज्यादा मुश्किल होता।

आत्मनिर्भर भारत को बताया भविष्य की ताकत

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को जरूरी क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी। इसके लिए मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना और आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा है। इंटरनेट यूजर्स की संख्या चार गुना और डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़ने का भी उन्होंने उल्लेख किया।

AI और सेमीकंडक्टर के लिए एनर्जी सिक्योरिटी जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय में चिप, AI और डेटा सेंटर जैसी टेक्नोलॉजी देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाएंगी। लेकिन इनके लिए बड़े पैमाने पर बिजली की जरूरत होगी। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा आने वाले समय की सबसे अहम जरूरतों में शामिल होगी। उन्होंने कहा कि भारत को ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर तेजी से काम करना होगा और ऊर्जा का इस्तेमाल भी ज्यादा प्रभावी तरीके से करना होगा।

‘शक्ति की सप्त धारा’ से विकास का रोडमैप

पीएम मोदी ने लाल किले से ‘शक्ति की सप्त धारा’ का आह्वान किया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य उत्पादन, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा बल, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर को शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले 5-7 वर्षों में इन सात क्षेत्रों की ताकत को मिलाकर देश को नई ऊंचाई पर ले जाना है और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना है।

1.75 करोड़ घरों तक पहुंची पाइप्ड गैस

प्रधानमंत्री ने बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश के करीब 70 शहरों में पाइप्ड गैस की सुविधा थी, जो अब 700 शहरों तक पहुंच गई है। पहले करीब 20-22 लाख घरों में पाइप से गैस पहुंचती थी, जबकि अब यह संख्या 1.75 करोड़ घरों तक पहुंच गई है। उन्होंने नल से जल कनेक्शन, गैस कनेक्शन, शौचालय और गरीबों के लिए घर बनाने की रफ्तार बढ़ने का भी उल्लेख किया। साथ ही मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में अहम उपलब्धि बताया।

भारत में सेमीकंडक्टर प्लांट पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल दौर में चिप की भूमिका बेहद अहम हो गई है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से लेकर आधुनिक तकनीक तक लगभग हर क्षेत्र में सेमीकंडक्टर की जरूरत है। इसी वजह से भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में अपने सेमीकंडक्टर प्लांट लगाए हैं। उन्होंने बताया कि तीन प्लांट शुरू हो चुके हैं और आने वाले 7-8 वर्षों में और प्लांट शुरू करने की तैयारी है।

दुनिया में भारतीय ब्रांड की पहचान बनाने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने भारतीय कंपनियों को ग्लोबल स्तर पर बड़ी पहचान दिलाने की जरूरत बताई। उन्होंने लक्ष्य रखा कि आने वाले दशक में Fortune 500 कंपनियों में भारत की 50 कंपनियां क्यों न हों। उन्होंने भारतीय बैंक को दुनिया के टॉप-5 बैंकों में और भारतीय फार्मा कंपनियों को दुनिया की बड़ी कंपनियों में शामिल करने की जरूरत पर भी जोर दिया। पीएम ने कहा कि भारत के ब्रांड ही देश की पहचान बनें और दुनिया भारत को एक बड़े डेस्टिनेशन के रूप में देखे। इसके लिए केंद्र के साथ राज्य सरकारों और स्थानीय संस्थाओं को भी सुधारों की रफ्तार बढ़ानी होगी।

25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने इसे देशवासियों की मेहनत और सरकार की योजनाओं के परिणाम के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि भारत कभी ‘फ्रैजाइल फाइव’ में गिना जाता था, लेकिन अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

महिला आरक्षण और ‘वंदे मातरम्’ का जिक्र

प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण विधेयक को लागू कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करना जरूरी है। भाषण के दौरान पीएम ने स्वतंत्रता सेनानियों और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गूंज रहा है और जब देश इसके 150 वर्ष पूरे होने का अवसर मना रहा है, तब यह खास पल है।

बाढ़ और भूस्खलन पीड़ितों के साथ खड़े होने का भरोसा

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना भी जताई। उन्होंने कहा कि कई परिवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और सरकार के साथ पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

कुल मिलाकर, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का भाषण बड़े सपनों से लेकर 2047 के विकसित भारत तक और आत्मनिर्भरता से लेकर AI, सेमीकंडक्टर व ऊर्जा सुरक्षा तक केंद्रित रहा। प्रधानमंत्री ने अगले 5-7 वर्षों को निर्णायक बताते हुए देश की युवा शक्ति और आम नागरिकों से इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने में जुटने की अपील की।

और पढ़ें: घर में रखा है दूसरा LPG सिलेंडर? पहले जान लें ये नियम, वरना पड़ सकता है भारी| LPG cylinder rules

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds