गोल्डन बॉय Abhinav Bindra, कैसे एक असफलता ने गढ़ा भारत का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण

Shikha Mishra | Nedrick News Punjab Published: 25 सितम्बर 2026, 07:46 PM Updated: 25 सितम्बर 2026, 07:46 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Abhinav Bindra: साल 2008 का बीजिंग ओलंपिक.. चीन में होने वाले ओलंपिक में चीनी खिलाड़ियों का स्वर्ण जीतना बेहद आम है, लेकिन उस साल भारत ने वो कर दिखाया, जो कई दशको में कभी नहीं हुआ। भारत ने पहली बार एकल व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता था, और इस जीत का ताज सजा था भारत के मशहूर निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के सिर पर। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में विश्व और ओलंपिक खिताब एक साथ जीतने वाले पहले भारतीय अभिवन बिंद्रा अब रिटायर हो चुके है, लेकिन वो अब एक सफल बिजनसमैन है। अपने 22 साल के करियर में 150 से ज्यादा मेडल जीतने वाले बिंद्रा का सफलता के करीब पहुंचना भी सबके बस की बात नहीं है। अपने इस लेख में हम अभिनव बिंद्रा के बारे में जानेंगे।

Also Read: Saiyaara के बाद फिर साथ आ रहे Ahan और Aneet, Mohit Suri ने किया बड़ा धमाका!

जानें कौन है अभिनव बिंद्रा?

28 सितंबर 1982 को उत्तराखंड के देहरादून में एक पंजाबी सिख खत्री परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम अपजीत सिंह बिंद्रा है, जो कि पेशे से डॉक्टर रहे थे तो वहीं मां का नाम बबली बिंद्रा है। खेलों में अनगिनत पद जीतने वाले अभिनव बिंद्रा बचपन में खेलों से बहुत दूर भागते थे। जिसका एक कारण उनका मोटा होना भी था.. देहरादून के दून स्कूल और चंडीगढ़ के सेंट स्टीफंस स्कूल में अपनी स्कूलिंग पूरी की थी। अभिनव का खेल से परिचय 1995 में हुआ था,. जहां वो अपने माता पिता की इच्छा के लिए शूटिंग सीखने लगे थे। अभिनव बिंद्रा पहली बार अपने पहले कोच लेफ्टिनेंट कर्नल जेएस ढिल्लों से मिले थे। उस वक्त बिंद्रा 13 साल के थे। तब तक वो एक नौसिखिये के रूप में ही प्रशिक्षण करते थे। शुरुआती ट्रेनिंग हासिल करने के बाद भारत में शूटिंग प्रशिक्षण में बड़ा स्कॉप न होने के कारण जर्मनी चले गए औऱ वहां गैबी बुहलमैन से उन्होंने शूटिंग की ट्रेनिंग ली थी।

16 साल की उम्र में राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया

1998 में मात्र 16 साल की उम्र में 1998 राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया था, वो राष्ट्रमंडल खेलों में सबसे कम उम्र के प्रतिभागी थे, इसके बाद 2000 ओलंपिक में सेमीफाइनल में पहुंचे, लेकिन वो फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाये, मगर फिर भी उन्हें अर्जुन पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था। 2001 म्यूनिख विश्व कप में बिंद्रा ने अपना पहला कांस्य पदक जीता था। इस साल बिंद्रा ने 6 और पदक जीते थे। और खेलों में उनके योगदान के लिए उन्हें मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वहीं 2002 में उन्होंने मैनचेस्टर में 2002 राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार युगल स्पर्धा में गोल्ड जीता था। लेकिन उनकी पीठ में गंभीर चोट आई तो एक साल तक उन्हें ब्रेक लेना पड़ा।

साल 2008 में उन्हें फिर से बीजिंग ओलंपिक में खेलने को मौका और बिंद्रा ने इतिहास रचते हुए साल भारत का पहला एकल स्वर्ण दिलाया था। 2010 में भारत के नई दिल्ली में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में गगन नारंग के साथ युगल खेल में स्वर्ण जीता था। साल 2010 में ही बिंद्रा ने कतर के दोहा में आयोजित हुए 12 वें एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में पहली बार एकल स्वर्ण जीता था.. जो अब तक के इतिहास में पहली बार हुआ था। हालांकि 2012 के लंदन ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में वो हार गए लेकिन ग्लासगो में 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में फिर से वापसी की और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

अभिनव बिंद्रा फ्यूचरिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक

बिंद्रा ने कोलोराडो विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से बिजनस की पढ़ाई पूरी की थी, इसलिए शूटिंग के अलावा वो फ्यूचरिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ के रूप में भी काम करते है। जो एथलीट को बढ़ावा देने का काम करता है, साथ ही जो बिमार है उनकी मदद करते है। साल 2020 में अभिनव बिंद्रा खेल चिकित्सा और अनुसंधान संस्थान की शुरुआत की, जिसके जरिये भारतीय स्वास्थ्य सेवा और खेल चिकित्सा क्षेत्र में सर्वोत्तम सुविधाये मुहैया कराई जाती है। 2014 में आईएसएसएफ एथलीट समिति के अध्यक्ष बने थे। साल 2011 में हार्पर स्पोर्ट ने बिंद्रा की आत्मकथा, ‘ ए शॉट एट हिस्ट्री: माई ऑब्सेसिव जर्नी टू ओलंपिक गोल्ड’ प्रकाशित की थी, जिसे बिंद्रा ने लेखक रोहित बृजनाथ के साथ मिलकर लिखा था। ये बात शायद बहुत कम लोगो को पता है कि अभिनव बिंद्रा का परिवार महान सिख लड़का हरि सिंह नलवा से संबंध रखता है, जिन्होंने महाराजा रणजीत सिंह जी की सेना में बतौर सेनापति रहकर महाराजा को कई युद्धों में विजय दिलाई थी। जो कि अफगानो से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। अभिनव बिंद्रा का नाम भारत के शूटिंग खेलों में हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जायेगा।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

Recent News

Editor's Picks

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds