Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद शहर की पांच बड़ी और महत्वपूर्ण खबरें, जो सीधे तौर पर आपसे और आपके शहर से जुड़ी हैं। महिला शक्ति के गौरव की, जहां 80वें स्वतंत्रता दिवस पर 400 महिला पुलिसकर्मियों ने तिरंगा स्कूटी रैली निकालकर नया इतिहास रचा। प्रॉपर्टी टैक्स में बड़ी राहत की, नगर निगम ने टैक्सपेयर्स को फायदा पहुंचाने के लिए 20% छूट के साथ अंतिम तारीख आगे बढ़ा दी है।
रियल एस्टेट पर मंडराते संकट की, पश्चिम एशिया तनाव के कारण क्रेडाई ने प्रोजेक्ट्स पूरे करने के लिए यूपी रेरा से 4 महीने की मोहलत मांगी है। सस्ते फ्लैट्स के नाम पर हो रही धांधली की, जहां नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए 20 हजार अवैध फ्लैट्स आम खरीदारों के लिए बड़ी मुसीबत बन रहे हैं।
और आवास विकास की फाइलों में दफन सपनों की, जहां वसुंधरा और सिद्धार्थ विहार के हजारों आवंटी बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी तरस रहे हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
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तिरंगा स्कूटी रैली
गाजियाबाद की यह खबर 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बेहद खूबसूरत और गर्व से भर देने वाला दृश्य पेश करती है। इस खास मौके पर गाजियाबाद पुलिस की महिला विंग ने एक भव्य तिरंगा स्कूटी रैली निकाली। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रैली में 400 महिला पुलिसकर्मियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
सभी महिला पुलिसकर्मी अपने हाथों में शान से तिरंगा थामे स्कूटी पर सवार थीं। जब यह रैली गाजियाबाद के प्रमुख मार्गों से गुजरी, तो स्थानीय लोगों ने फूल बरसाकर और देशभक्ति के नारों के साथ महिला पुलिसकर्मियों का जोरदार स्वागत किया। यह रैली न केवल देश की आजादी का जश्न थी, बल्कि महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) और नारी शक्ति का भी एक अनूठा प्रतीक बनी।
प्रॉपर्टी टैक्स में बड़ी राहत (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से दूसरी बड़ी खबर प्रॉपर्टी टैक्स से जुड़ी है, जहां नगर निगम ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए छूट की अवधि को आगे बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तय समय सीमा के भीतर टैक्स जमा करने पर निवासियों को कुल प्रॉपर्टी टैक्स पर 20 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी। निगम ने इस छूट का लाभ उठाने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया है,
जिससे उन लोगों को एक और मौका मिलेगा जो किसी कारणवश पहले टैक्स जमा नहीं कर पाए थे। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को टैक्स के दायरे में लाना और उन्हें वित्तीय राहत देना है। निवासी इस छूट का लाभ उठाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम के काउंटर पर जाकर या उनकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भी अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर सकते हैं।
रियल एस्टेट पर मंडराते संकट (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की तीसरी खबर रियल एस्टेट परियोजनाओं से जूड़ी है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और संकट के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने से उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट परियोजनाओं के प्रभावित और अटकने का खतरा पैदा हो गया है, जिसके मद्देनजर CREDAI NCR (Confederation of Real Estate Developers’ Associations of India) ने UP RERA (Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority) से 4 महीने की मोहलत (समय विस्तार) देने की औपचारिक मांग की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने पश्चिम एशिया के हालात को ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure – आपदा/युद्ध जैसी स्थिति) मानते हुए सभी राज्यों के रेरा को पात्र परियोजनाओं की समयसीमा 4 महीने बढ़ाने की सलाह दी है। क्रेडाई-एनसीआर ने यूपी रेरा को पत्र सौंपकर अनुरोध किया है कि डेवलपर्स को अलग-अलग प्रोजेक्ट के लिए बार-बार व्यक्तिगत आवेदन करने की प्रक्रिया से बचाने के लिए एक समान (ब्लैंकेट) आदेश जारी किया जाए।
पश्चिम एशिया संकट के कारण स्टील, सीमेंट, कांच, पीवीसी और टाइल्स जैसी जरूरी निर्माण सामग्री की सप्लाई और कीमतों पर बुरा असर पड़ा है, जिससे तय समय पर प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल हो गया है। यह 4 महीने की राहत उन पंजीकृत परियोजनाओं को मिलने की उम्मीद है जिनकी मूल या पूर्व-संशोधित पूरी होने की डेडलाइन 28 फरवरी 2026 या उसके बाद की है।
सस्ते फ्लैट्स के नाम पर हो रही धांधली (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद में सस्ते और लुभावने विज्ञापनों के चक्कर में फ्लैट खरीदने वालों के लिए एक बड़ी मुसीबत सामने आई है, जहां शहर के विभिन्न इलाकों में 20 हजार से अधिक अवैध फ्लैट मास्टर प्लान और नियमों को ताक पर रखकर खड़े कर दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण बिना नक्शा स्वीकृति (Map Approval), अग्नि सुरक्षा (Fire Safety), और पार्किंग की उचित व्यवस्था के किया गया है।
निजी बिल्डरों और भू-माफियाओं ने विभागीय निगरानी की कमी का फायदा उठाकर शहर की संकरी गलियों और अनियोजित क्षेत्रों में ये फ्लैट्स बना डाले हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों को कम कीमत और आसान किस्तों का सपना दिखाकर सोशल मीडिया और विज्ञापनों के जरिए ये आवास बेच दिए गए हैं। इनमें आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और अग्निशमन उपकरणों की कमी के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है, जिसका खामियाजा अंततः आम खरीदार को भुगतना पड़ सकता है।
आवास विकास की फाइलों में दफन (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की पांचवी खबर आवास एवं विकास योजनाओं को लेकर, जहां उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की वसुंधरा और सिद्धार्थ विहार योजनाओं में सुस्त कार्यशैली और प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण विकास कार्य वर्षों से फाइलों में दफन होकर रह गए हैं, जिससे हजारों आवंटी बेहाल हैं। मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थ विहार योजना में भव्य थीम पार्क का वादा किया गया था,
लेकिन जमीन पर आज भी खेती हो रही है और पार्क का अता-पता नहीं है। दोनों ही क्षेत्रों में पार्कों का विकास, सड़कों की मरम्मत, सीवर, और स्ट्रीट लाइट जैसी जन-सुविधाएं आज भी अधूरी पड़ी हैं। आवास विकास के अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच तालमेल की कमी के कारण प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। समय पर पैसे चुकाने के बावजूद लोग बुनियादी और आधुनिक सुविधाओं से वंचित हैं, जिससे उनका आवास विकास के प्रति रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।













































