Madhya Pradesh crime news: आज के दौर में जब बेटियां अंतरिक्ष की दूरियां नाप रही हैं, तब इस तरह की खबरें समाज की पिछड़ी मानसिकता पर एक गहरा तमाचा हैं। एक तरफ हम महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करते हैं, तो दूसरी तरफ ‘बेटे की चाह’ में उजड़ते परिवारों को देखकर यह सवाल उठता है कि क्या वाकई समाज की सोच कभी बदल पाएगी? ऐसी ही मध्य प्रदेश की इस खबर ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।
जानें क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली थाना क्षेत्र के खमरिया गांव से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 28 वर्षीय मां, सविता लोधी, ने अपनी चार मासूम बेटियों को खेत के कुएं में फेंक दिया और उसके बाद खुद फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। गुरुवार सुबह जब मां और चारों बच्चियों के शव बरामद हुए, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। इस सामूहिक मौत की खबर ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक खमरिया गांव के रहने वाले चंद्रभान लोधी की पत्नी सविता लोधी (28) की चार बेटियां थीं। इनमें अंशिका उर्फ टीना (7 साल), रक्षा (5 साल), दीक्षा (3 साल) और पांच महीने की मनीषा शामिल हैं। बताया जा रहा है कि चौथी बार भी बेटी होने के बाद पति ने सविता से बातचीत लगभग बंद कर दी थी और करीब एक साल से घर भी नहीं आया था।
क्या लड़की पैदा होने में सिर्फ औरत की सारी जिम्मेदारी
गुरुवार सुबह जब परिजन सविता की तलाश करते हुए खेत पहुंचे, तो वहां बेरी के पेड़ से उसका शव फंदे पर लटका मिला। वहीं पास में करीब 20 फीट गहरे बिना मुंडेर वाले कुएं में चारों बच्चियों के शव पड़े हुए थे। यह मंजर देख हर कोई दहल गया। इस घटना से एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या लड़की पैदा होने में सारी जिम्मेदारी सिर्फ औरत की होती है? आखिर क्यों यह पुरुष प्रधान समाज इसका ठीकरा बड़ी आसानी से एक औरत के सिर फोड़ देता है, जबकि विज्ञान कहता है कि इसमें महिला का कोई हाथ नहीं होता।
पुलिस के अनुसार बेटे को लेकर घर में तनाव की आशंका जताई जा रही है। केसली थाना प्रभारी लोकेश पटेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। साथ ही पति से भी पूछताछ की जाएगी।
शादी को हुए थे नौ साल
परिजनों ने बताया कि बुधवार को गांव में एक शादी थी, जहां सविता अपनी बेटियों के साथ खाना खाने गई थी। सविता के साथ रह रही उसकी नाबालिग छोटी बहन के मुताबिक उस दिन वह काफी गुस्से में थी। रात में सविता सो रही तीन बेटियों को उठाकर बाहर ले गई और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। सुबह जब परिवार के लोगों को इस घटना का पता चला तो सभी स्तब्ध रह गए।
सविता के ससुर ज्ञानी ने बताया कि वे देर रात शादी से लौटे थे और घर के बाहर ही सो गए थे, इसलिए उन्हें रात में कुछ पता नहीं चल पाया। बताया जा रहा है कि घटना से पहले सविता की अपने पति से फोन पर बहस भी हुई थी। इसके बाद उसने मोबाइल से सिम कार्ड निकालकर तोड़ दिया था। सविता की शादी करीब नौ साल पहले चंद्रभान लोधी से हुई थी। चंद्रभान जबलपुर में बस में कंडक्टर का काम करता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की असली वजह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। गांव में इस घटना के बाद शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।














































