US drone warfare: मिडिल ईस्ट में ड्रोन वॉरफेयर को लेकर अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने पहली बार एक बहुराष्ट्रीय और मल्टी-डोमेन अटैक ड्रोन टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया है। इसका नाम टास्क फोर्स फाल्कन स्ट्राइक रखा गया है। इस पहल में अमेरिका के साथ उसके क्षेत्रीय सहयोगी देश भी शामिल होंगे। खास बात यह है कि फाल्कन स्ट्राइक सिर्फ आसमान में उड़ने वाले ड्रोन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि समुद्र की सतह और समुद्र के नीचे काम करने वाले मानवरहित सिस्टम भी इसका हिस्सा होंगे।
यानी अमेरिका अब मिडिल ईस्ट में ऐसा साझा ड्रोन नेटवर्क तैयार करने की दिशा में बढ़ रहा है, जो एक साथ हवा, समुद्र और पानी के नीचे तीनों डोमेन में ऑपरेशन करने में सक्षम होगा। इससे अलग-अलग तरह के मानवरहित सिस्टम को एक साथ इस्तेमाल करने और जरूरत के हिसाब से तेजी से तैनात करने की क्षमता बढ़ सकती है।
सहयोगी देशों के साथ बढ़ाएगा सैन्य क्षमता| US drone warfare
CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, क्षेत्रीय सहयोगियों की क्षमताओं को अमेरिकी संसाधनों के साथ जोड़कर नई सैन्य तकनीकों को तेजी से विकसित और तैनात किया जा सकेगा। अमेरिका का फोकस सिर्फ अपनी क्षमता बढ़ाने पर नहीं, बल्कि सहयोगी देशों को भी इस साझा सिस्टम का हिस्सा बनाने पर है।
CENTCOM ने इस दिशा में मिडिल ईस्ट के कई क्षेत्रीय देशों से बातचीत शुरू कर दी है। संभावित साझेदारों को फाल्कन स्ट्राइक में औपचारिक रूप से शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। इस पूरी पहल का स्टाफ और संचालन संबंधी जिम्मेदारी यूएस स्पेशल ऑपरेशंस कमांड सेंट्रल (SOCCENT) संभालेगा।
स्कॉर्पियन स्ट्राइक के अनुभव से मिला बढ़ावा
फाल्कन स्ट्राइक के पीछे करीब नौ महीने पहले शुरू की गई टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक का अनुभव भी अहम माना जा रहा है। स्कॉर्पियन स्ट्राइक मिडिल ईस्ट में अमेरिका का पहला समर्पित वन-वे अटैक ड्रोन स्क्वाड्रन था। दिसंबर 2025 में इस यूनिट ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत से पहली बार हवाई अटैक ड्रोन लॉन्च किया था। इसके बाद अमेरिका ने समुद्र में भी मानवरहित अटैक सिस्टम के इस्तेमाल को आगे बढ़ाया। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और जुलाई में ईरानी बंदरगाह सुविधाओं पर किए गए हमलों के दौरान समुद्री मानवरहित अटैक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।
पूरे मिडिल ईस्ट में नेटवर्क फैलाने की तैयारी
अब अमेरिका स्कॉर्पियन स्ट्राइक से मिली क्षमता को बड़े स्तर पर ले जाना चाहता है। फाल्कन स्ट्राइक के जरिए क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर पूरे मिडिल ईस्ट में एक साझा मल्टी-डोमेन ड्रोन नेटवर्क तैयार करने की कोशिश होगी।






































