ब्राह्मोस से UAV तक… 80 देशों में भारतीय हथियारों की धूम; Make in India की चमकदारी दिखाई दी

Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google
[nedrick_news_meta]

India Defence Exports: भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष देश का कुल रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के ₹23,622 करोड़ की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि न केवल भारत की बढ़ती वैश्विक साख को दर्शाती है बल्कि देश की रक्षा उत्पादन क्षमता और “Make in India” पहल की मजबूती का भी प्रमाण है।

और पढ़ें: Territorial Army recruitment 2026: फौज में जाना है? 3806 पदों पर निकली भर्ती, ₹69,400 तक सैलरी

DPSU और निजी क्षेत्र का योगदान | India Defence Exports

रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) ने इस वर्ष 210.71 अरब रुपये मूल्य की वस्तुओं की बिक्री की, जो पिछले वर्ष के 83.89 अरब रुपये से 151 प्रतिशत अधिक है। DPSU ने मुख्य रूप से मुनिशन, फ्यूज और टॉरपीडो पर ध्यान केंद्रित किया। वहीं, निजी क्षेत्र ने 173.53 अरब रुपये के उत्पाद निर्यात किए, जो कुल निर्यात का 45.16 प्रतिशत है और पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। निजी कंपनियों ने UAV, छोटे हथियार और बुलेटप्रूफ जैकेट जैसी तकनीकी उत्पादों में विशेष योगदान दिया।

भारत क्या बेच रहा है

भारत अब केवल छोटे हथियारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उच्च तकनीक वाली रक्षा प्रणालियां भी निर्यात कर रहा है। प्रमुख उत्पादों में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें, आकाश वायु रक्षा मिसाइलें, पिनाका रॉकेट और एटीएजीएस हॉवित्जर जैसे तोपखाने शामिल हैं। इसके अलावा स्वाति रडार और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों (EW Systems) का भी निर्यात हुआ।

भारत ने बख्तरबंद वाहन, बारूदी सुरंगों से सुरक्षित वाहन, डॉर्नियर-228 विमान, विशेष नौकाएं, हल्के टॉरपीडो, गोला-बारूद, फ्यूज, छोटे हथियार और बॉडी आर्मर जैसे सुरक्षा उपकरण भी बेचे। DPSU ने गोला-बारूद, फ्यूज और टॉरपीडो पर जोर दिया, जबकि निजी कंपनियों ने UAV, छोटे हथियार और बुलेटप्रूफ जैकेट्स पर ध्यान केंद्रित किया।

कौन से देश खरीद रहे हैं

भारत अब 80 से अधिक देशों को अपने रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। पंजीकृत भारतीय रक्षा निर्यातकों की संख्या इस साल 145 तक बढ़ गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.3 प्रतिशत अधिक है। प्रमुख खरीदार देशों में संयुक्त राज्य अमेरिका (विशेष रूप से उप-प्रणाली और विमान धड़ के लिए), फ्रांस, आर्मेनिया, फिलीपींस, इंडोनेशिया, श्रीलंका, मिस्र, इज़राइल, जर्मनी, बेल्जियम और कई अफ्रीकी देश शामिल हैं।

Make in India की सफलता

इस रिकॉर्ड तोड़ रक्षा निर्यात ने साबित कर दिया है कि भारत के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च मांग में हैं। पिछले पांच वर्षों में भारतीय रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ गया है। यह वृद्धि भारत के अंतरराष्ट्रीय रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं में मजबूत एकीकरण और तकनीकी क्षमताओं को दर्शाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत अब वैश्विक रक्षा बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभर रहा है। उन्नत तकनीक, प्रतिस्पर्धी कीमत और विश्वसनीयता के कारण भारतीय रक्षा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। यह सफलता “Make in India” पहल और देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

62 प्रतिशत की वृद्धि और ₹38,424 करोड़ के निर्यात के साथ भारत ने वैश्विक रक्षा बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों से लेकर UAV, बुलेटप्रूफ जैकेट और बख्तरबंद वाहनों तक, भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता ने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी बना दिया है।

और पढ़ें: India kerosene supply 2026| भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट संकट के बीच बढ़ाई केरोसिन सप्लाई, पेट्रोलियम नियमों में दी अस्थायी ढील

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds