Umashankar Singh Death News: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक और मायावती के बेहद करीबी नेताओं में शामिल रहे उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उनकी राजनीतिक और आर्थिक विरासत को लेकर उठ रहा है। रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह ने बुधवार को दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन के बाद बसपा के अंदर जहां एक बड़ा राजनीतिक खालीपन पैदा हुआ है, वहीं परिवार की जिम्मेदारियां भी अब अगली पीढ़ी के कंधों पर आने वाली हैं।
उमाशंकर सिंह के परिवार में पत्नी पुष्पा सिंह, बेटा प्रिंस युकेश सिंह और बेटी यामिनी हैं। राजनीतिक विरासत के लिए सबसे ज्यादा चर्चा उनके बेटे प्रिंस युकेश सिंह की हो रही है। हालांकि, वह अभी तक सक्रिय राजनीति में बड़े मंच पर नजर नहीं आए हैं, लेकिन पिता के कारोबार और सामाजिक गतिविधियों से लंबे समय से जुड़े हुए हैं।
छात्र राजनीति से बसपा के बड़े नेता तक का सफर| Umashankar Singh Death News
2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के खनवर गांव में जन्मे उमाशंकर सिंह ने अपने करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। इसके बाद उन्होंने ठेकेदारी के क्षेत्र में कदम रखा और फिर बहुजन समाज पार्टी से जुड़ गए। अपनी मेहनत और संगठन में पकड़ के दम पर उन्होंने रसड़ा विधानसभा सीट पर मजबूत पकड़ बनाई। साल 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार जीत हासिल की। खास बात यह रही कि 2022 के चुनाव में जब बसपा का उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन बेहद खराब रहा और पार्टी सिर्फ एक सीट जीत पाई, तब वह एकमात्र विधायक बने थे। इसी वजह से पार्टी में उनका कद और भी बढ़ गया था।
मायावती और उमाशंकर सिंह के बीच बेहद करीबी रिश्ता था। मायावती उन्हें अपना भाई मानती थीं। पिछले साल रक्षाबंधन के मौके पर मायावती ने उन्हें राखी भी बांधी थी। उनके निधन के बाद मायावती ने अपने बयान में उमाशंकर सिंह और उनके परिवार के साथ अपने पुराने रिश्तों का जिक्र किया।
दिनेश प्रताप सिंह से पारिवारिक रिश्ता
उमाशंकर सिंह का रिश्ता सिर्फ बसपा तक सीमित नहीं था। योगी सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह से भी उनका गहरा पारिवारिक संबंध था। दोनों समधी हैं। साल 2024 में दिनेश प्रताप सिंह की बेटी कनिका सिंह और उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह की शादी लखनऊ में हुई थी। इस विवाह समारोह में मायावती भी शामिल हुई थीं।
दिनेश प्रताप सिंह ने उस समय साफ कहा था कि यह रिश्ता राजनीति से नहीं बल्कि परिवार से जुड़ा हुआ है। फरवरी 2026 में जब उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई हुई थी, तब भी दिनेश प्रताप सिंह ने परिवार के प्रति समर्थन जताया था।
बेटे प्रिंस के हाथों में कारोबार की कमान
उमाशंकर सिंह राजनीति के साथ-साथ बड़े कारोबारी भी थे। उनकी प्रमुख कंपनी सी.एस. इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड है। यह कंपनी पहले छात्रशक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम से जानी जाती थी। साल 2002 में शुरू हुई यह कंपनी 2009 में लिमिटेड कंपनी में बदल गई। कंपनी सड़क निर्माण, पुल, खनन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर काम करती है। वर्तमान में उनके बेटे प्रिंस युकेश सिंह कंपनी के सीईओ के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं उनकी पत्नी पुष्पा सिंह कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। बताया जाता है कि वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का टर्नओवर करीब 1000 करोड़ रुपये रहा है।
इसके अलावा साईं राम एंटरप्राइजेज भी उनके परिवार से जुड़ी रही है, जिस पर पहले अवैध खनन से जुड़े आरोप लगे थे।
करोड़ों की संपत्ति के मालिक थे उमाशंकर सिंह
2022 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार, उमाशंकर सिंह की कुल घोषित संपत्ति करीब 54.05 करोड़ रुपये थी। इसमें लगभग 18.05 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 35.99 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल थी। उन पर करीब 13.55 करोड़ रुपये का कर्ज भी दर्ज था। उनकी संपत्तियों में लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवास, बलिया में पैतृक घर, जमीन, फ्लैट, व्यावसायिक संपत्तियां, होटल और खनन से जुड़े उपकरण शामिल थे। बलिया स्थित उनके आलीशान घर को लेकर भी काफी चर्चा रही है, जहां हेलीपैड और स्विमिंग पूल होने की बातें सामने आती रही हैं।
फरवरी 2026 में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान नकदी, आभूषण और कई दस्तावेज मिलने की बात सामने आई थी।
क्या प्रिंस युकेश संभालेंगे राजनीतिक विरासत?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रिंस युकेश सिंह अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाएंगे? बसपा को करीब से जानने वाले राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भले ही वह अब तक चुनावी राजनीति में सक्रिय नहीं रहे हैं, लेकिन सामाजिक कार्यों और पारिवारिक नेटवर्क के जरिए उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। वरिष्ठ पत्रकार सैयद कासिम के मुताबिक, प्रिंस युकेश राजनीति के लिए खुद को तैयार करते रहे हैं और आने वाले समय में वह बसपा के साथ सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके बसपा में बने रहने की संभावना ज्यादा है।
मायावती के निधन संदेश से भी संकेत मिले हैं कि वह उमाशंकर सिंह के परिवार के साथ अपना रिश्ता बनाए रखना चाहती हैं। मायावती ने कहा कि उमाशंकर का पूरा परिवार बीएसपी परिवार की तरह है और उनके परिवार के लोग उन्हें बड़ी बहन जैसा सम्मान देते हैं।
ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में मायावती की भूमिका प्रिंस युकेश सिंह को राजनीतिक पहचान दिलाने में अहम हो सकती है।














































