हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट ने लगाए SEBI चेयरमैन पर गंभीर आरोप, अडानी ग्रुप का भी किया ज़िक्र

Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google
vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 11 अगस्त 2024, 12:00 AM | Updated: 11 अगस्त 2024, 12:00 AM

हिंडनबर्ग रिसर्च 18 महीने बाद एक बार फिर चर्चा में है। और इस बार भी उनकी रिपोर्ट ने बाजार को हिलाकर रख दिया है। दरअसल, अडानी मामले में खुलासे के बाद हिंडनबर्ग रिसर्च ने इस बार सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) की चेयरपर्सन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनका अडानी घोटाले से गहरा संबंध है। हिंडनबर्ग ने एक नई रिपोर्ट के जरिए दावा किया है कि SEBI चेयरपर्सन माधबी बुच और उनके पति की अडानी की शेल कंपनियों में हिस्सेदारी है। हालांकि, सेबी चेयरपर्सन और उनके पति ने एक संयुक्त बयान जारी कर आरोपों को खारिज कर दिया।

और पढ़ें: क्या राघव चड्ढा बन रहे हैं पंजाब के वर्किंग सीएम, जानिए पंजाब की राजनीति में उनका कितना प्रभाव है

क्या बोलीं SEBI चीफ?

सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति ने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए उनके चरित्र हनन की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अपने बयान में कहा, ’10 अगस्त 2024 की हिंडनबर्ग रिपोर्ट में हमारे ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। हमारा जीवन और आर्थिक स्थिति एक खुली किताब है। पिछले कई वर्षों से सेबी को सभी आवश्यक खुलासे पहले ही किए जा चुके हैं। हमें किसी भी और सभी वित्तीय दस्तावेजों का खुलासा करने में कोई झिझक नहीं है।’

यह है हिंडनबर्ग की पूरी रिपोर्ट

नई रिपोर्ट जारी करने के बाद हिंडनबर्ग ने कहा था, अडानी ग्रुप पर हमारी मूल रिपोर्ट को लगभग 18 महीने बीत चुके हैं। इस बात के पर्याप्त सबूत पेश किए गए हैं कि भारतीय व्यापार समूह (अडानी) कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े घोटाले में शामिल रहा है। हालांकि, ठोस सबूत और 40 से अधिक स्वतंत्र मीडिया जांच के बावजूद, सेबी ने अडानी समूह के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई करने के बजाय, सेबी ने जून, 2024 में हमें स्पष्ट ‘कारण बताओ’ नोटिस भेजा।

मॉरीशस में अडानी समूह के अवैध धन नेटवर्क का पूरी तरह से खुलासा होने के बाद भी कुछ नहीं किया जा रहा है। गोपनीय दस्तावेजों का हवाला देते हुए, हिंडनबर्ग रिसर्च ने दावा किया कि सेबी अध्यक्ष ने और उनके पति ने अडानी धोखाधड़ी में शामिल ऑफशोर कंपनियों में निवेश किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी इन संगठनों के प्रभारी हैं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि माधबी पुरी बुच ने अपने शेयर पति को ट्रांसफर किए।

ऑबसक्योर ऑफशोर फंड्स से किया गया पैसों का हेरफेर

हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा कि उसने एक व्हिसलब्लोअर द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और अन्य संस्थाओं द्वारा की गई जांच के आधार पर नए आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि माधबी बुच और उनके पति धवल बुच ने पहली बार 5 जून 2015 को सिंगापुर में आईपीई प्लस फंड 1 के साथ अपना खाता खोला। आईआईएफएल के अध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षरित फंड की घोषणा में कहा गया कि निवेश का स्रोत “वेतन” था और अनुमान लगाया गया कि जोड़े की कुल संपत्ति 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर है।

अदाणी पर पिछले साल आई थी रिपोर्ट

बता दें, जनवरी 2023 की शुरुआत में हिंडनबर्ग द्वारा जारी एक रिपोर्ट में अदानी समूह पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था, जिसके कारण कंपनी के शेयर मूल्य में भारी गिरावट आई थी। उस समय समूह ने इन आरोपों से इनकार किया था।

और पढ़ें: आदिवासी हेयर ऑयल का काला सच! 1500 की बोतल बेचा जा रहा एल्युमीनियम के पतीले में बना जली हुई जड़ी-बूटियों का नकली तेल!

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds