Horn Africa boat accident: अपने मुल्क में गरीबी, बेकारी और तंगहाली से तंग आकर खाड़ी देशों में रोजगार का सपना देख रहे प्रवासियों के साथ गहरे समंदर में एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। हॉर्न ऑफ अफ्रीका के देश जिबूती से यमन की ओर जा रही प्रवासियों से खचाखच भरी एक नाव 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात बीच समंदर में पलट गई। नाव में 300 से ज्यादा लोग सवार थे। इस भीषण हादसे में 15 मासूम बच्चों समेत कम से कम 109 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं 116 से ज्यादा लोग अब भी समंदर की लहरों के बीच लापता हैं, जिनकी तलाश में राहत और बचाव दल लगातार जुटे हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्था ‘इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन’ (IOM) ने इस भयानक हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि नाव जिबूती के प्रमुख बंदरगाह शहर ओबॉक के उत्तर में स्थित गुहेरे (Guhere) के पास पलटी।
80 से ज्यादा जिंदगी बची, सभी इथियोपिया के नागरिक| Horn Africa boat accident
हादसे के बाद चले रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 80 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। राहत की बात यह रही कि बचाए गए सभी लोग सुरक्षित हैं और वे सभी इथियोपिया के नागरिक बताए जा रहे हैं। जिंदा बचे इन लोगों को प्राथमिक उपचार के साथ जरूरी मेडिकल सहायता और मानसिक संबल दिया जा रहा है। हालांकि, जिबूती के कोस्ट गार्ड और एडमिनिस्ट्रेटिव टीमें बाकी लापता लोगों की तलाश में लगातार समुद्र में पेट्रोलिंग कर रही हैं।
109 शव बरामद: मरने वालों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पानी से अब तक 109 शव निकाले जा चुके हैं। मृतकों में 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं। जान गंवाने वाले बच्चों में 9 मासूम लड़कियां और 6 लड़के हैं। जिबूती में IOM के मिशन प्रमुख एलेक्जेंडर कोइसैक ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनकी टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर पीड़ितों की मदद में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि यह दिल चीर देने वाला हादसा उन जानलेवा खतरों की याद दिलाता है, जिनका सामना पेट की भूख और बेहतर भविष्य की चाहत में लोग हर रोज इस समुद्री रास्ते पर करते हैं।
यमन में जंग के बावजूद क्यों बढ़ रहा है यह खतरनाक सफर?
यह दर्दनाक हादसा ऐसे समय में हुआ है जब यमन में सऊदी अरब समर्थित सरकारी सेना और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष फिर से हिंसक रूप ले चुका है। साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद कुछ समय के लिए शांति लौटी थी, लेकिन हालिया हफ्तों में लड़ाई तेज होने से पूरे इलाके और लाल सागर के रास्तों पर अस्थिरता बढ़ गई है।
लगातार हो रही बमबारी और संघर्ष के कारण यमन में विस्थापन बहुत तेजी से बढ़ा है। IOM के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर के मध्य तक जहां विस्थापितों की संख्या करीब 76 हजार थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 2 लाख के पार पहुंच गया है। इसके बावजूद अफ्रीकी देशों से लोग अपनी जान दांव पर लगाकर अवैध नावों के जरिए यमन के रास्ते सऊदी अरब और अन्य खाड़ी मुल्कों में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल स्थानीय प्रशासन लापता लोगों की तलाश में जुटा है, जबकि मृतकों के अंतिम संस्कार के इंतजाम किए जा रहे हैं।











































