Abhijeet Dipke: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शीर्ष नेताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जंतर-मंतर पर सुरक्षा घेरा तोड़ने के आरोप में तिहाड़ जेल भेजे गए सौरव दास और आशुतोष रांका के बाद, अब पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत अन्य नेताओं पर पुलिस अधिकारी से बदसलूकी के मामले में सख्त SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और क्यों बढ़ा यह विवाद।
SC-ST एक्ट के तहत FIR दर्ज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीजेपी के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका पर दिल्ली पुलिस के एक एसीपी की शिकायत के बाद SC-ST एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस के कनॉट प्लेस सब-डिवीजन के एसीपी विवेक भगत की शिकायत पर संसद मार्ग थाने में यह मामला दर्ज हुआ है।
एसीपी विवेक भगत की शिकायत के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान वे कानून-व्यवस्था की ड्यूटी पर तैनात थे। इस दौरान कथित तौर पर उनके खिलाफ अपमानजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और उनके पद पर भी सवाल उठाए गए।
आरोप है कि स्वतंत्र पत्रकारों और CJP नेताओं ने इसी तरह के अपमानजनक आरोपों वाले पोस्ट और रील्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर भी साझा किए। इस मामले में जातिसूचक टिप्पणी, सार्वजनिक अपमान और मानहानि के आरोपों में केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका, रत्ना सिंह के अलावा स्वतंत्र पत्रकार रोजी और गजेंद्र सिंह को भी नामजद किया गया है।
पहले से ही तिहाड़ जेल में हैं सौरव और आशुतोष
इससे पहले, जंतर-मंतर पर सुरक्षा घेरा तोड़ने और जबरन घुसने (क्रिमिनल ट्रेसपास) के आरोप में कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था, जिसके बाद से दोनों तिहाड़ जेल में बंद हैं।
16 अक्टूबर को तिरंगा मार्च करेंगे Abhijeet Dipke
इस पूरी कार्रवाई का विरोध करते हुए CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर अघोषित आपातकाल लगाने का आरोप लगाया है और इस गिरफ्तारी के खिलाफ 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान किया है।
अपने-अपने शहरों में फहराए तिरंगा
अभिजीत दीपके ने सेंट्रल पार्क में 16 अक्टूबर, शुक्रवार को शाम 5 बजे आने की अपील की है। साथ ही लोगों से यह भी कहा कि आप सभी वहां तिरंगा फहराएंगे। इसके अलावा जो लोग दिल्ली नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे सभी अपने-अपने शहरों में तिरंगा फहराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी इस अपील की वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है, लेकिन वह भी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।













































