नीला ड्रम कांड: 18 महीने बाद खुला सौरभ का सीलबंद घर, कत्ल वाले कमरे में पहुंचते ही बिलख पड़ी बेबस मां| Neela Drum Kand Meerut

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Neela Drum Kand Meerut: चर्चित ‘नीला ड्रम कांड’ तो आपको याद ही होगा, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया था। बेरहम पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ की बेरहमी से हत्या कर दी थी और उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए एक नीले ड्रम में छिपा दिया था। अदालत इस खौफनाक जुर्म के लिए मुस्कान और उसके प्रेमी दोनों को फांसी की सजा सुना चुकी है। इस सनसनीखेज वारदात के करीब 18 महीने बाद, 28 अक्टूबर की शाम उस मकान का सन्नाटा टूटा, जहां सौरभ और मुस्कान कभी साथ रहा करते थे।

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पुलिस की मौजूदगी में टूटे ताले, सामान हुआ सुपुर्द| Neela Drum Kand Meerut

ब्रह्मपुरी थाना पुलिस की टीम की मौजूदगी में मकान के मुख्य गेट और अंदर जाने वाले दरवाजे पर लटके दोनों तालों को ईंटों से तोड़ा गया। उस वक्त मौके पर सौरभ की मां रेणू देवी, बड़ा भाई राहुल उर्फ बबलू और मकान मालिक ओमपाल सिंह मौजूद थे। पुलिस ने घर की सघन तलाशी ली, अंदर मौजूद घरेलू सामान की पूरी लिस्ट तैयार की और सारा सामान कानूनी प्रक्रिया पूरी कर भाई राहुल के सुपुर्द कर दिया।

मार्च 2025 से बंद था घर, कमरे में जाते ही नम हुईं आंखें

जैसे ही घर का दरवाजा खुला, अंदर का मंजर देखकर सौरभ का परिवार अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया। जिस कमरे में सौरभ का कत्ल हुआ था, वहां कदम रखते ही मां रेणू देवी और भाई राहुल की चीख निकल गई और दोनों बिलख-बिलख कर रोने लगे। मार्च 2025 से बंद पड़े इस घर में घुसते ही एक अजीब सी तेज दुर्गंध आ रही थी। पलंग के बॉक्स से भी भारी बदबू उठ रही थी। इतने लंबे अरसे से बंद रहने के कारण कपड़े, जूते, बर्तन और रोजमर्रा की चीजें हर तरफ बिखरी पड़ी थीं। बिजली कटी होने की वजह से फौरन अस्थाई कनेक्शन जोड़ा गया ताकि रोशनी में सामान बाहर निकाला जा सके।

मुस्कान और बच्ची के कपड़े वहीं छोड़े

परिवार ने सौरभ से जुड़ी चीजें, लकड़ी का फर्नीचर, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने कब्जे में ले लिए। हालांकि, परिवार ने मुस्कान और बच्ची पीहू के कपड़े और खिलौने उसी मकान में छोड़ दिए और उन्हें हाथ तक नहीं लगाया। पूरी कार्रवाई खत्म होने के बाद मकान मालिक ओमपाल सिंह ने अपने घर पर नया ताला लगाया और देर रात अपनी पत्नी के साथ गांव रवाना हो गए।

जेल में करवा चौथ से दूरी, अब अहोई अष्टमी की तैयारी

दूसरी तरफ, जिला जेल में बंद महिला कैदियों के बीच करवा चौथ का पर्व मनाया गया। महिला बैरक में बंद 65 महिला बंदियों में से 37 ने अपने पतियों के लिए करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। लेकिन फांसी की सजा पा चुकी मुस्कान और साथी कैदी रविता ने इस व्रत से पूरी दूरी बनाए रखी। जेल सूत्रों के अनुसार, दोनों अब अपने बच्चों की लंबी उम्र और सलामती के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखने की तैयारी कर रही हैं।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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