Udhayveer Sidhu Biography: खेल के क्षेत्र में भारत का दबदबा हमेशा से ही सबसे मजबूत रहा है। कबड्डी हो या पहलवानी जैसे गेम्स भारत में शुरु हुए। ये ऐसे गेम्स है जिसमें दिमाग की फूर्ति के साथ साथ शरीर की ताकत और एक बेहतरीन रणनीति की जरूरत है, लेकिन जब रणनीति एक के बजाय दोगुनी मजबूती से बनाई जाये तो सालो के रिकॉर्ड्स तो टूटते ही है.. जैसा कि भारत के मशहूर निशानेबाज उदयवीर सिद्धू ने अपने ही जुड़वा भाई विजयवीर सिद्धू के साथ मिलकर निशानेबाजी में रिकॉर्ड्स तोड़े। 20 से ज्यादा पदक जीतने वाले उदयवीर सिद्धू ने अभी हाल ही में गोल्ड मेडल जीत कर भारत का नाम रोशन किया है। अपने इस लेख में हम उदयवीर सिद्धू के बारे में जानेंगे। जिन्होंने अपने ही भाई के साथ मिलकर शूटिंग में 29 साल पुरा रिकॉर्ड तोड़ा था। जानेंगे उनकी बड़ी उपलब्धियों के बारे में।
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कौन हैं भारतीय निशानेबाज उदयवीर सिद्धू?
21 जून साल 2002 को पंजाब के मनसा में एक सिख परिवार में जन्मे उदयवीर अकेले इस दुनिया में नहीं आये थे, बल्कि उनके साथ उनके जुड़वा भाई विजयवीर सिद्धू भी आये थे। उनके पिता गुरप्रीत सिंह सिद्धू जो कि एक assistant education officer थे तो वहीं उनकी मां रानो कौर एक सरकारी टीचर थी। परिवार साधारण था, लेकिन सपने बड़े। मनसा के सेंट जेवियर्स स्कूल में स्कूलिंग शुरू की, लेकिन 8 साल की उम्र में पहली बार ध्यान शूटिंग की तरफ तब गया जब एक समर कैंप के दौरान शूटिंग प्रतियोगिता में खेल खेल में हिस्सा लिया.. भले ही वो केवल मजे के लिए था, लेकिन उदयवीर का ध्यान शूटिंग मे ही अटक गया, उन्होंने समर कैंप के उस एक्टिविटी को अपनी करियर बनाने का फैसला किया,, जिसमें उनके भाई विजयवीर सिद्धू ने भी पूरा समर्थन दिया.. यहां तक कि भाई के नक्शेकदम पर चल कर वो भी शूटिंग में ही करियर बनाने का फैसला कर लेते है। हालांकि बच्चो की ख्वाहिशों को देखकर उनके पिता ने सपने को पूरा करने का फैसला किया, लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण वो केवल एक पिस्टल ला पाये, जो कि जब 1 लाख 30 हजार रूपय की थी।
निशानेबाजी में गोल्ड जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी
साल 2013 में उनके पिता के पिस्टल खरीब कर दी, जिससे दोनो भाईयो ने बारी बारी से एक ही पिस्टल से ट्रेनिंग लेनी शुरु कर दी। लेकिन अब बारी थी कि दोनो बच्चो की प्रतीभा को तराशा जायें, जिसके लिए साल 2015 में उदयवीर का पूरा परिवार मानसा छोड़कर चंडीगढ़ शिफ्ट हो गया। यहां दोनो भाईयो ने पंजाब यूनिवर्सिटी की शूटिंग रेंज में दाखिला लेकर बतौर शूटर प्रोफेसनल ट्रेनिंग शुरु की थी। जहां वो इंडियन नेशनल टीम के फेमस कोट दिलीप सिंह चंदेल से ट्रेनिंग लेने लगे। इसी बीच उनकें साथ एक अनहोनी हो गई। 2017 में एक बीमारी के कारण उनके आइडल और पिता गुरप्रीत सिंह सिद्धू का अचानक निधन हो गया। ये वक्त दोनो भाईयो के लिए बेहद भारी था, लेकिन दोनो ने खुद को संभाला.. पिता के सपने को पूरा करने का फैसला पूरे जोश से किया। उनकी दिनरात की मेहनत रंग लाई और 3 साल बाद ही उन्हें पहला मौका मिला ISSF जूनियर विश्वकप में, जहां उन्होंने औऱ उनके भाई विजयवीर सिद्धू ने शूटिंग के क्षेत्र में भारत को रिप्रेजेंट किया और करीब 29 सालो पुराना रिकॉर्ड तोड़ कर 1747 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
जुड़वां भाई के साथ बनाया नया कीर्तिमान
अपने पहले ही प्रतियोगिता में दोनो भाईयो की परफोर्मेंट ने सबका दिल जीत लिया। जिसके बाद ISSF विश्व शूटिंग चैम्पियनशिप में भी उन्हें दक्षिण कोरियों में शूटिंग का मौका मिला और यहां उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर औऱ टीम के साथ मिलकर भी बेहतरीन खेल दिखा और 2 गोल्ड मेडल अपने नाम किये। इसके बाद उदयवीर ने फिर से ISSF जूनियर विश्वकप 2019 में हिस्सा लिया जहां उन्होंने 2 गोल्ड और एक बाउंज पदक जीता था। फिर 2021 में भी पेरू में हुए ISSF जूनियर विश्वकप में अपनी प्रतीभा दिखाने का मौका मिला और हमेशा की ही तरह उदयवीर की चमक के आगे सभी फीके पड़ गए। यहां उन्होंने 25 मीटर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता। साल 2022 में उदयवीर ने काहिरा में हुए ISSF विश्व शूटिंग चैम्पिय़नशिप में हिस्सा लिया और इस बार भी उन्होंने 2 स्वर्ण और 1 कांस्य पदक अपने अपने नाम किया।
वहीं साल 2026 में उदयवीर को ISSF विश्व कप सीनियर में हिस्सा लेने का फिर से मौका मिला और इस बार भी उन्होंने अपने चाहने वालो को निराश न करते हुए जर्मनी के खिलाड़ी क्रिस्टियन रिट्ज को मात्र 0.5 अंकों के अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। उदयवीर इस वक्त इंडिशय नेशनल सीनियर शूटिंग टीम का हिस्सा है, और साल 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक में हिस्सा लेने की तैयारी में जुटे है। मात्र 24 साल की उम्र में उन्होंने 20 से भी ज्यादा पदक जीते है, जो उनकी बेहतरीन प्रतीभा की निशानी है।














































